पीलीभीत (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश करने वाले एक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सेहरामऊ उत्तरी इलाके में हिंदुओं के खिलाफ विवादित और भड़काऊ बयान देने वाले मौलाना रेहान रजा खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मौलाना का एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया था।READ ALSO:-बारिश का 'महा-रिकॉर्ड' बनाकर मानसून विदा, UP में अब 'गुलाबी ठंडक' की दस्तक, गिरेगा रात का पारा
क्या था मौलाना का विवादित बयान?
गिरफ्तार मौलाना रेहान रजा खान का वीडियो कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में मौलाना ने 80 करोड़ हिंदुओं को लेकर बेहद आपत्तिजनक और भड़काऊ बात कही थी। वीडियो में वह कथित तौर पर हिंदुओं को 'जूते की नोक पर रखने' जैसी विवादास्पद टिप्पणी कर रहा था।
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माहौल बिगड़ने का खतरा: मौलाना की बयानबाजी उस समय हुई जब कुछ नाबालिग बच्चे भी उसकी बातों को सुन रहे थे, जिससे समाज में सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया था।
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हड़कंप और नाराजगी: वीडियो के वायरल होते ही इलाके में हड़कंप सा मच गया और स्थानीय लोगों ने इस बयान पर अपनी कड़ी नाराजगी जताई।
स्थानीय शिकायत और पुलिस कार्रवाई
विवादित वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने मौलाना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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FIR दर्ज: डालचंद नाम के एक व्यक्ति ने इस मामले में सेहरामऊ उत्तरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आ गई।
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सामूहिक केस: पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए, मुख्य आरोपी मौलाना रेहान रजा खान सहित 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया।
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गिरफ्तारी: पुलिस ने बुधवार को मुख्य आरोपी मौलाना रेहान रजा खान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है।
सीओ पूरनपुर का सख्त संदेश
मामले की जानकारी देते हुए सीओ पूरनपुर, प्रतीक दहिया ने स्पष्ट किया कि प्रशासन इस तरह की हरकतों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा, "भड़काऊ और आपत्तिजनक बयान समाज का माहौल खराब करते हैं। इस तरह की हरकतें किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमने मौलाना रेहान रजा खान को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।"
सामाजिक एकता को तोड़ने की निंदा
स्थानीय लोगों ने मौलाना की इस हरकत की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि धार्मिक गुरुओं का काम समाज में एकता, भाईचारा और सद्भावना की बात करना होता है, लेकिन मौलाना ने इसके बिल्कुल उलट काम किया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।