गाजियाबाद (05/10/2025):
शनिवार की सुबह गाजियाबाद के लिए एक काले दिन के रूप में सामने आई। सेहतमंद जीवन की कामना के साथ रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकलीं तीन सहेलियों को क्या पता था कि यह उनकी जिंदगी की आखिरी सुबह और आखिरी सैर साबित होगी। एक तेज रफ्तार कार, जिसकी गति लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है, ने तीनों को बेरहमी से कुचल दिया। यह हादसा इतना भयावह था कि उसने न सिर्फ तीन जिंदगियां छीन लीं, बल्कि 15 साल पुरानी दोस्ती का भी एक झटके में अंत कर दिया।READ ALSO:-मेरठ में हिट एंड रन: कचहरी से घर लौट रहे युवक को कार ने मारी मौत की टक्कर, दो दिन बाद जिंदगी की जंग हारा
15 साल की दोस्ती, जो साथ शुरू हुई और साथ ही खत्म
न्यू कोटगांव की रहने वालीं कमलेश (55), मीनू प्रजापति (56) और सावित्री (60) सिर्फ पड़ोसनें ही नहीं, बल्कि पक्की सहेलियां थीं। पिछले 15 सालों से उनका एक नियम था - सुबह 5:30 बजे एक साथ घूमने निकलना। शनिवार को भी वे इसी नियम का पालन करते हुए घर से निकली थीं। वे सिहानीगेट थाना क्षेत्र के राकेश मार्ग पर पहुंची ही थीं कि पीछे से एक सफेद ग्लैंजा कार मौत बनकर आई और तीनों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों महिलाएं हवा में उछलकर करीब 20 फीट दूर जा गिरीं।
मृतक कमलेश के पति दयानंद ने रोते हुए बताया, "वह 15 साल से रोज सुबह घूमने जाती थी। मीनू और सावित्री भी साथ ही जाती थीं। आज सुबह भी तीनों एक साथ निकली थीं, लेकिन अब कभी लौटकर नहीं आएंगी।"
ड्राइवर को आई झपकी और मच गया कोहराम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की रफ्तार बहुत तेज थी और वह सड़क पर लहरा रही थी। ऐसा लगा जैसे ड्राइवर का उस पर कोई नियंत्रण ही नहीं है। कार ने पहले तीनों महिलाओं और पास से गुजर रहे श्याम बिहार कॉलोनी निवासी विपिन शर्मा को टक्कर मारी और फिर सीधे डिवाइडर में जा घुसी। मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने फौरन दौड़कर ड्राइवर को पकड़ लिया, लेकिन वह किसी तरह भीड़ को धक्का देकर भागने में सफल रहा।
हादसे में कमलेश और मीनू प्रजापति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल सावित्री ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घायल विपिन का इलाज अभी जारी है।
पुलिस जांच में सामने आया नया पेंच
पुलिस ने कार (गाजियाबाद नंबर) के आधार पर जांच शुरू की। एसीपी उपासना पांडे ने बताया कि कार ड्राइवर की पहचान नेहरू नगर निवासी राकेश शर्मा के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि उसे झपकी आ गई थी, जिससे यह भीषण हादसा हुआ। हालांकि, मामले में एक नया पेंच तब सामने आया जब कार की आरसी पर दर्ज मोबाइल नंबर की जांच की गई। वह नंबर किसी अक्षत गोयल का निकला, जिन्होंने ऐसी किसी भी कार के मालिक होने से साफ इनकार कर दिया है। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में लगी है कि आरसी पर गलत नंबर कैसे दर्ज हुआ और कार का असली ड्राइवर कौन है।