मेरठ। पड़ोसी देश नेपाल में जारी अशांति और हिंसा ने मेरठ के व्यापार पर सीधा और गहरा असर डाला है। भारत-नेपाल बॉर्डर बंद होने से शहर से होने वाली 20 करोड़ रुपये से अधिक की सप्लाई प्रभावित हुई है। बड़ी संख्या में ट्रक या तो नेपाल के भीतर फंसे हैं या फिर बॉर्डर पर खड़े होकर स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। इस अनिश्चितता ने नए ऑर्डर और पेमेंट को भी रोक दिया है, जिससे व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।READ ALSO:-मेरठ के व्यापारियों का 'रात 12 बजे तक' बाजार खोलने की मांग: मंत्री से बोले- 'पुलिस जबरन कराती है बंदी'
व्यापार पर सीधा असर, लाखों का नुकसान
मेरठ से नेपाल में खेल उपकरण, खादी, कपड़ा, ट्रैक्टर पार्ट्स, मशीन पार्ट्स और दवाइयों सहित कई तरह के सामान की सप्लाई होती है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के सचिव गौरव जैन ने बताया कि कुल मिलाकर 20 करोड़ रुपये से ज्यादा का माल प्रभावित हुआ है।
खंदक के एक कपड़ा व्यापारी ने बताया कि विवाद के कारण नेपाल से मिलने वाले ऑर्डर रद्द हो गए हैं और पहले से भेजी गई पेमेंट भी रुक गई है। वहीं, हैंडलूम व्यापारी अंकुर गोयल ने कहा कि नेपाल में अशांति का सीधा-सीधा असर मेरठ के उद्योगों पर पड़ा है, जिससे आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं।
ट्रांसपोर्टर और दवा कंपनियों की बढ़ी मुश्किल
मेरठ से नेपाल तक माल पहुंचाने वाले ट्रांसपोर्टरों को भी हर दिन लाखों का नुकसान हो रहा है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि कई ट्रक चालक नेपाल के अंदर फंसे हैं और उनसे फोन पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता है।
दवा उद्यमी संजय बंसल ने बताया कि अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रही तो शहर की कई दवा कंपनियों का कारोबार सीधे तौर पर प्रभावित होगा, जिसका खामियाजा नेपाल के लोगों को भी उठाना पड़ेगा, क्योंकि उन्हें जरूरी दवाओं की कमी का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, सभी को स्थिति के सामान्य होने का इंतजार है ताकि व्यापार फिर से पटरी पर आ सके।