खबरीलाल टीम
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में दीपावली के त्योहार से ठीक पहले एक बड़ा हादसा हो गया है। आज दोपहर करीब 12:45 बजे फतेहपुर के एमजी कॉलेज ग्राउंड में लगी पटाखा मंडी में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज़ी से फैली कि देखते ही देखते लगभग 70 दुकानें और 50 से अधिक बाइकें जलकर राख हो गईं। इस दौरान मंडी में भारी भीड़ थी, जिससे मौके पर भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई।

 

शॉर्ट सर्किट से शुरू हुआ तांडव

यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई है जब दीपावली के कारण पटाखा मंडी में बड़ी संख्या में लोग पटाखे और आतिशबाजी खरीदने पहुंचे हुए थे। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की शुरुआत शॉर्ट सर्किट से हुई। एक दुकान में आग लगने के बाद, पटाखों के कारण यह तुरंत बेकाबू हो गई और आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की चपेट में आने से 70 दुकानें और 50 से अधिक दोपहिया वाहन पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गए हैं। व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।

 

 

बचाव कार्य और घायलों की स्थिति

आग लगने की खबर मिलते ही मंडी में भगदड़ मच गई। कई लोग खुद को बचाने के प्रयास में घायल हुए हैं, और कुछ लोगों के आग के बीच फंसे होने की भी आशंका है। पुलिस और प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड को बुलाकर युद्ध स्तर पर आग बुझाने का काम शुरू किया गया। आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन हताहतों की सही संख्या अभी स्पष्ट नहीं है। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन ने घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है, हालांकि प्रथम दृष्टया कारण शॉर्ट सर्किट ही बताया गया है।

 

प्रशासन की तत्परता

स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के बाद लोगों को मंडी से बाहर निकालने का काम प्राथमिकता पर किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें आग की लपटें और धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता है। यह घटना एक बार फिर सुरक्षा नियमों के पालन और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पटाखा मंडी लगाने की अनुमति देने पर गंभीर सवाल उठाती है। लोगों ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। इस आगजनी से उन छोटे व्यापारियों का भारी नुकसान हुआ है, जिन्होंने दीपावली के लिए भारी मात्रा में पटाखे खरीदे थे। प्रशासन ने नुकसान का आकलन करने और प्रभावित व्यापारियों के लिए संभावित मुआवजे पर विचार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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