बिजनौर (शकील अहमद ब्यूरो चीफ बिजनौर)
बिजनौर: देश के लौह पुरुष और 'भारत रत्न' सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में बिजनौर की नूरपुर विधानसभा में एक विशाल 'एकता यात्रा' (Ekta Yatra) का आयोजन किया गया। यह विशेष आयोजन सरदार पटेल के राष्ट्र को एकजुट करने के अमूल्य योगदान को याद करने और श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से किया गया था। इस यात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आदरणीय श्री सुरेश राणा जी शामिल हुए, जिनका स्थानीय कार्यकर्ताओं और जनता ने गर्मजोशी से भव्य स्वागत किया।READ ALSO:-दवा खाते हैं तो सावधान! पैरासिटामोल, कैल्शियम और एंटीबायोटिक्स समेत 211 दवाएं 'क्वालिटी टेस्ट' में फेल, CDSCO ने बजाई खतरे की घंटी
सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर, यह 'एकता यात्रा' नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरी, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, स्कूली बच्चे, पार्टी पदाधिकारी और सामाजिक संगठनों के सदस्य शामिल हुए।सरदार पटेल 150वीं जयंती: राष्ट्रव्यापी उत्सव
सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती हर साल 31 अक्टूबर को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' (Rashtriya Ekta Diwas) के रूप में मनाई जाती है। चूंकि यह वर्ष उनकी 150वीं जयंती का है, इसलिए पूरे देश में इसे 'भारत पर्व' के रूप में एक विशेष उत्सव के तौर पर मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही घोषणा की थी कि सरदार पटेल 150वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश के हर लोकसभा क्षेत्र में तीन दिवसीय पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी, जो सभी विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेंगी।
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राष्ट्रीय महत्व: पटेल जी को 562 से अधिक रियासतों को भारतीय संघ में एकीकृत करने का श्रेय दिया जाता है। उनका यह ऐतिहासिक योगदान ही आज 'अखंड भारत' की नींव है।
पूर्व मंत्री सुरेश राणा का भव्य स्वागत
नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर पूर्व मंत्री सुरेश राणा का भव्य स्वागत किया गया। कार्यकर्ताओं ने पुष्प वर्षा कर और देशभक्ति के नारों के साथ उनका अभिनंदन किया।
श्री राणा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने भारत की एकता और अखंडता की जो मजबूत नींव रखी थी, वही आज देश की ताकत का आधार है। उन्होंने युवाओं से सरदार पटेल के आदर्शों को आत्मसात करने और राष्ट्र के विकास के लिए उनके दिखाए गए रास्तों पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को सशक्त करते हैं।
एकता यात्रा: संदेश और उद्देश्य
इस 'एकता यात्रा' का मुख्य संदेश राष्ट्रीय एकता, भाईचारा और देशभक्ति था। पदयात्रा के समापन पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने सरदार पटेल के योगदान को याद किया और बताया कि कैसे उनके दृढ़ संकल्प और कूटनीति ने देश को एक सूत्र में पिरोया।
यात्रा के दौरान, केंद्र और प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई गई। अधिकारियों ने नागरिकों से 'वोकल फॉर लोकल' और 'नशा मुक्त भारत' जैसे अभियानों में सहयोग करने का भी आह्वान किया। स्थानीय स्तर पर इन आयोजनों में 'रन फॉर यूनिटी', निबंध प्रतियोगिताएं और गोष्ठियां भी शामिल की गईं, ताकि आम जनमानस में जागरूकता पैदा की जा सके।
बिजनौर की नूरपुर विधानसभा में सरदार पटेल 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित विशाल 'एकता यात्रा' सफल रही। इस आयोजन में पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा की उपस्थिति और उनके स्वागत ने यात्रा के महत्व को बढ़ाया। यह पदयात्रा न केवल सरदार पटेल को एक श्रद्धांजलि थी, बल्कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामूहिक शक्ति के प्रति नए संकल्प को उत्पन्न करने का एक सशक्त माध्यम भी बनी।