उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में आस्था के महापर्व कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला 2025 की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए, आज जिलाधिकारी (DM) बिजनौर, जसजीत कौर, ने तैयारियों का जायजा लिया। जिले में तीन प्रमुख स्थानों—गंज, बालावाली और नांगल सोती—पर गंगा स्नान मेले लगते हैं। जिलाधिकारी ने इन मेलों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।READ ALSO:-करोड़पति इंस्पेक्टर के 7 ठिकानों पर विजिलेंस का शिकंजा: सहारनपुर में 14 करोड़ से अधिक की 'अवैध' संपत्ति का खुलासा, टीमें अभी भी खंगाल रहीं फॉर्म हाउस!
तीन प्रमुख गंगा स्नान स्थलों पर फोकस
बिजनौर जिले में गंगा स्नान मेले का विशेष महत्व है, जो कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होता है। यह आयोजन लाखों लोगों के लिए श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है।
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मेले के स्थल: जिले में तीन प्रमुख स्थानों—गंज, बालावाली और नांगल सोती—पर बड़े गंगा स्नान मेलों का आयोजन होता है।
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निरीक्षण का क्षेत्र: आज जिलाधिकारी जसजीत कौर ने नजीबाबाद तहसील के अंतर्गत आने वाले दो महत्वपूर्ण गंगा स्नान स्थल बालावाली और नांगल सोती क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।
सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान मेल स्थल पर उपस्थित सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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निरीक्षण बिंदु: DM ने मुख्य रूप से घाटों पर निम्नलिखित व्यवस्थाओं का जायजा लिया:
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अस्थाई एवं मोबाइल शौचालय की व्यवस्था।
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पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था (बिजली आपूर्ति)।
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स्वच्छ पेयजल आपूर्ति।
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स्वास्थ्य सिविल (Health Camps) की तैयारी।
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पार्किंग प्रबंधन और यातायात नियंत्रण।
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सुरक्षा: निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा समेत सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों पर चर्चा की।
'सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण हमारी जिम्मेदारी'
निरीक्षण कार्य के समापन पर जिलाधिकारी जसजीत कौर ने अपने बयान में इस आयोजन के महत्व को दोहराया।
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डीएम की बाइट: उन्होंने कहा, "गंगा स्नान मेला श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है, इसलिए हमारी जिम्मेदारी है कि प्रत्येक आगंतुक को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिले।"
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सफल आयोजन का लक्ष्य: जिलाधिकारी ने कहा कि विभागीय समन्वय (Inter-departmental Coordination) और स्थानीय जन सहयोग अगर कायम रहा, तो यह कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला पूरे प्रदेश में एक मिसाल बन सकता है।
तैयारियों की सराहना
जिलाधिकारी द्वारा व्यक्तिगत रूप से तैयारियों का जायजा लेने और अधिकारियों को मौके पर निर्देश देने से स्थानीय लोगों में विश्वास बढ़ा है। सोशल मीडिया पर भी इस 'युद्ध-स्तर' की तैयारी की सराहना हो रही है।
सभी विभागों का समन्वय अनिवार्य
अब सभी विभागों को जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुरूप अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना होगा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वच्छता विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना ही मेले की सबसे बड़ी सफलता होगी।