खबरीलाल टीम
उत्तर प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन' लगातार जारी है। राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति (Zero Tolerance Policy) के तहत संगठित अपराध की कमर तोड़ने के लिए पुलिस कड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 शातिर अपराधियों के खिलाफ धामपुर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। ये सभी आरोपी लंबे समय से इलाके में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे और इनके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।READ ALSO:-गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा 2026 की तैयारियां तेज: 1.20 करोड़ से गड्ढामुक्त होंगे मार्ग, लापरवाही पर डीएम की सख्त चेतावनी

 

पुलिस का स्पष्ट कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए इस तरह के अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। आइए विस्तार से जानते हैं कि पुलिस ने किन आरोपियों पर शिकंजा कसा है और धामपुर गैंगस्टर एक्ट की इस कार्रवाई का क्या प्रभाव पड़ेगा।

 

9 शातिर आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

संगठित तरीके से अपराध करने वाले गिरोह समाज के लिए एक बड़ा खतरा होते हैं। धामपुर पुलिस ने इस खतरे को भांपते हुए एक बड़े आपराधिक सिंडिकेट (Criminal Syndicate) का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की विशेष टीम द्वारा की गई जांच और साक्ष्यों के आधार पर कुल 9 लोगों को नामजद करते हुए उनके खिलाफ धामपुर गैंगस्टर एक्ट (यूपी गिरोहबंद और असामाजिक क्रियाकलाप निवारण अधिनियम) के तहत कार्रवाई की गई है।

 

जिन आरोपियों के खिलाफ यह कड़ा मुकदमा दर्ज किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

 

  1. सूफियान
  2. नौशाद उर्फ शहजाद
  3. इकराम अहमद उर्फ फरदीन
  4. मुल्ला उर्फ फुरकान
  5. रियाज उर्फ काला
  6. कैफ
  7. शाहबाज
  8. इरफान उर्फ लुच्चा
  9. अनीस उर्फ अलीस
इन सभी आरोपियों ने एक संगठित गिरोह बना रखा था, जो इलाके में अवैध गतिविधियों को अंजाम देकर न केवल आम जनता में दहशत फैला रहा था, बल्कि अवैध तरीके से धन भी अर्जित कर रहा था। 

 

एक दर्जन से अधिक मुकदमों का है आपराधिक इतिहास

पुलिस के अनुसार, जिन 9 आरोपियों पर धामपुर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है, वे कोई नए अपराधी नहीं हैं। इन सभी का पुराना और लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। धामपुर थाने के रिकॉर्ड के मुताबिक, इन गिरफ्तार और नामजद आरोपियों के खिलाफ पहले से ही आयुध अधिनियम (Arms Act), जुआ अधिनियम (Gambling Act), और गौवध अधिनियम (Cow Slaughter Act) जैसी गंभीर और गैर-जमानती धाराओं में एक दर्जन (12) से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जो वर्तमान में विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं।

 

  1. आयुध अधिनियम (Arms Act): इन अपराधियों के पास से पूर्व में कई बार अवैध हथियार और असलाह बरामद हो चुके हैं। हथियारों के बल पर ये इलाके में अपना दबदबा कायम रखने की कोशिश करते थे।
  2. गौवध अधिनियम (Cow Slaughter Act): गोकशी जैसे संवेदनशील और गंभीर अपराधों में भी इस गिरोह की संलिप्तता पाई गई है। इस तरह के अपराधों से इलाके का सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा हमेशा बना रहता है।
  3. जुआ अधिनियम (Gambling Act): अवैध रूप से जुआ और सट्टा खिलाना इनके गिरोह की आय का एक प्रमुख साधन था, जिससे इलाके के युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा था।

 

क्या है धामपुर गैंगस्टर एक्ट की यह कार्रवाई और क्यों है यह जरूरी?

जब कोई अपराधी या अपराधियों का समूह बार-बार अपराध करता है और सामान्य कानून का खौफ उन पर काम नहीं करता, तब पुलिस उनके खिलाफ 'गैंगस्टर एक्ट' का इस्तेमाल करती है। धामपुर गैंगस्टर एक्ट की यह कार्रवाई इसी बात का प्रमाण है कि पुलिस अब इन अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शने के मूड में नहीं है।

 

गैंगस्टर एक्ट मुख्य रूप से उन लोगों पर लगाया जाता है जो एक गिरोह (Gang) बनाकर समाज विरोधी गतिविधियों में लिप्त होते हैं। इस एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद अपराधियों को आसानी से जमानत नहीं मिलती है। पुलिस को यह अधिकार मिल जाता है कि वह इन अपराधियों की गहराई से जांच कर सके और इनके नेटवर्क को पूरी तरह से नष्ट कर सके। 

 

संपत्ति कुर्की (Property Attachment) की लटक रही है तलवार

गैंगस्टर एक्ट लगने के बाद अब इन 9 आरोपियों की मुश्किलें और भी बढ़ने वाली हैं। उत्तर प्रदेश गिरोहबंद अधिनियम की धारा 14(1) के तहत, पुलिस और जिला प्रशासन को यह अधिकार है कि वे अपराधियों द्वारा अपराध के जरिए (अवैध तरीके से) अर्जित की गई चल और अचल संपत्तियों को कुर्क (Attach) कर सकते हैं।

 

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब इन सभी 9 आरोपियों (सूफियान, नौशाद, फुरकान, इरफान आदि) की संपत्तियों का ब्यौरा जुटा रही है। यदि यह पाया गया कि इन्होंने गोकशी, अवैध जुआ या हथियारों की तस्करी से पैसा कमाकर मकान, जमीन, या गाड़ियां खरीदी हैं, तो प्रशासन बुलडोजर की कार्रवाई या जब्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। इस तरह की आर्थिक चोट से अपराधियों का मनोबल पूरी तरह टूट जाता है। 

 

इलाके में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस का कड़ा संदेश

धामपुर पुलिस की इस बड़ी स्ट्राइक ने क्षेत्र के अन्य छोटे-बड़े अपराधियों में भी खौफ पैदा कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने सख्त लहजे में संदेश दिया है कि क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार चलता रहेगा।

 

थाना प्रभारी और उच्च अधिकारियों का कहना है कि जो भी व्यक्ति समाज की शांति व्यवस्था में खलल डालने का प्रयास करेगा या अवैध गतिविधियों के जरिए रातों-रात अमीर बनने का सपना देखेगा, उसके खिलाफ इसी प्रकार की कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और मुखबिर तंत्र (Informer Network) को और अधिक सक्रिय कर दिया गया है ताकि छुपे हुए अन्य अपराधियों को भी सलाखों के पीछे भेजा जा सके। 

 

अंत में यह कहा जा सकता है कि कानून-व्यवस्था की बहाली के लिए पुलिस द्वारा उठाया गया यह कदम बेहद सराहनीय है। आयुध, जुआ और गौवध जैसे जघन्य अपराधों में शामिल 9 शातिर आरोपियों पर धामपुर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होने से इलाके की आम जनता ने राहत की सांस ली है। इन शातिर अपराधियों (सूफियान, नौशाद, कैफ, शाहबाज आदि) के खिलाफ अब तक एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज होने के बावजूद इनकी आपराधिक गतिविधियां रुक नहीं रही थीं। ऐसे में गैंगस्टर एक्ट जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई ही इनके मंसूबों पर पानी फेरने का एकमात्र कारगर उपाय थी। उम्मीद है कि पुलिस आगे भी इसी सख्ती के साथ काम करेगी और अपराधियों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को कुर्क कर समाज में एक कड़ा संदेश देगी।

 

उत्तर प्रदेश पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए धामपुर इलाके में सक्रिय 9 शातिर अपराधियों (सूफियान, नौशाद, फुरकान, लुच्चा आदि) के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों पर आयुध अधिनियम, जुआ अधिनियम और गौवध अधिनियम समेत एक दर्जन से अधिक गंभीर मामले पहले से न्यायालय में विचाराधीन हैं। अपराध पर लगाम कसने और संगठित गिरोह का सफाया करने के उद्देश्य से यह सख्त कदम उठाया गया है, जिसके तहत भविष्य में इन अपराधियों की अवैध संपत्तियों की कुर्की भी की जा सकती है।
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