खबरीलाल टीम
बागपत। उत्तर प्रदेश की बागपत पुलिस ने एक ऐसे हाई-प्रोफाइल साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसका जाल देश से लेकर दुबई तक फैला हुआ था। यह गैंग आम नागरिकों को 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर या बड़े मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इस बड़े खुलासे में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।READ ALSO:-गाजियाबाद में गोदाम में सो रहे कबाड़ कारोबारी की 'प्लान्ड मर्डर', नुकीले हथियार से कनपटी पर वार; जाँच में जुटी फॉरेसिंक टीम

 

'डिजिटल अरेस्ट' की धमकी, ₹7 लाख ट्रांसफर
इस गिरोह का पर्दाफाश तब हुआ जब विजय कुमार नाम के पीड़ित ने 5 अप्रैल 2025 को शिकायत दर्ज कराई। एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि ठगों ने पीड़ित को व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल किया और खुद को पुलिसकर्मी या जज बताते हुए धमकी दी।

 

  • जालसाजी: उन्होंने पीड़ित से कहा कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल वित्तीय अपराधों में हुआ है और उसे मुंबई पुलिस ने 'डिजिटल अरेस्ट' कर लिया है।
  • दबाव: इस मानसिक दबाव में आकर पीड़ित ने तुरंत अपने खाते से ₹7 लाख रुपये उनके बताए गए IDFC बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।

 

बड़ौत के 8 आरोपी गिरफ्तार, लग्जरी लाइफस्टाइल का खुलासा
साइबर सेल टीम ने खातों और नंबरों की गहनता से जाँच की और बड़ौत क्षेत्र के रहने वाले आठ आरोपियों— आरिफ, आसिफ, हर्ष गोयल उर्फ चिक्की, आमिर, तुषार, ललित, विशु और उज्जवल गोयल को गिरफ्तार कर लिया।

 

पुलिस को आरोपियों के पास से उनकी अपराध से अर्जित लग्जरी लाइफस्टाइल के सबूत मिले हैं:

 

जब्त संपत्ति
विवरण
वाहन
महिंद्रा थार और महिंद्रा स्कॉर्पियो जैसी महंगी गाड़ियाँ।
जेवरात
4 सोने की अंगूठियां, 1 सोने की चेन, कड़ा, ब्रेसलेट, और 'ॐ' लिखा लॉकेट समेत लाखों के आभूषण।
दस्तावेज
10 मोबाइल फोन, 19 ATM/डेबिट कार्ड, 3 फर्जी सिम कार्ड, फर्जी पैन/आधार/ड्राइविंग लाइसेंस और ब्लैंक चेक।

 

ठगी का इंटरनेशनल रूट: दुबई से चलता था 'खेल'
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि उनका नेटवर्क काफी बड़ा है और यह सिर्फ 'डिजिटल अरेस्ट' तक सीमित नहीं था।

 

  • दुबई का हाथ: गैंग के सरगना दुबई से काम करते थे, जिनमें फैजान, शुभम कुंडू, मोहित जैन और रमन जैसे नाम शामिल हैं। ये दुबई से ही ठगी के लिए जरूरी लोगों का डेटा और फर्जी इन्वेस्टमेंट/बेटिंग वेबसाइट्स उपलब्ध कराते थे।
  • फंसाने का तरीका: वे इन्वेस्टमेंट, शेयर मार्केट या ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर लोगों को बोनस का लालच देकर फंसाते थे। जब कोई बड़ी रकम लगा देता था, तो उसका अकाउंट ब्लॉक कर देते थे और पैसे हड़प लेते थे।

 

साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश सिंह और उनकी टीम ने सफलतापूर्वक इस बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

 

यह घटना साइबर अपराध की बढ़ती चुनौती को दर्शाती है। आप ऑनलाइन लेन-देन या कॉल पर किसी भी तरह की धमकी या लालच मिलने पर तुरंत क्या कदम उठाते हैं?
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