खबरीलाल टीम
मेरठ: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU), जो ज्ञान और शिक्षा का एक प्रतिष्ठित केंद्र माना जाता है, गुरुवार को एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गया। आजाद समाज पार्टी (आसपा) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के एक कार्यकर्ता सम्मेलन ने यूनिवर्सिटी को राजनीतिक अखाड़े में तब्दील कर दिया। विवाद तब और गहरा गया जब कैंपस के अंदर 22 आपराधिक मुकदमों के आरोपी गैंगस्टर बदर अली के कटआउट और पोस्टर लगाए गए। इस घटना ने एक बड़े बवाल को जन्म दे दिया है, जिसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं और छात्रों ने भी मोर्चा खोल दिया है।READ ALSO:-नूरपुर में खूनी संघर्ष! मामूली कहा-सुनी पर दो पक्षों में जमकर मारपीट, धारदार हथियार से हमला; कई घायल

 

यह आयोजन नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में हुआ। आरोप है कि इस कार्यक्रम की आड़ में यूनिवर्सिटी के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस कार्यक्रम का मुख्य संयोजक बदर अली था, जिस पर 22 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। न केवल उसे यूनिवर्सिटी में प्रवेश दिया गया, बल्कि गेट से लेकर ऑडिटोरियम तक उसके महिमामंडन वाले पोस्टर और कटआउट लगाए गए। वह नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के साथ पूरे कार्यक्रम के दौरान मंच पर भी मौजूद रहा, और यह सब स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में होता रहा।

 

छात्रों का आक्रोश और शिक्षण कार्य में बाधा इस राजनीतिक हुड़दंग से यूनिवर्सिटी का शैक्षणिक माहौल पूरी तरह बाधित हो गया। छात्र नेता विनीत चपराना के नेतृत्व में छात्रों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "आज यूनिवर्सिटी में शिक्षण कार्य चल रहा था, फिर भी पूरे दिन ढोल-नगाड़ों और हूटर बजाती गाड़ियों के काफिले ने कैंपस में अराजकता का माहौल बना दिया। यह यूनिवर्सिटी है या किसी पार्टी का दफ्तर? एक अपराधी को यहां कैसे आने दिया गया?"

 

नाराज छात्रों ने कुलसचिव से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा और मांग की कि भविष्य में किसी भी राजनीतिक दल को परिसर में कार्यक्रम करने की अनुमति न दी जाए। छात्रों का आरोप है कि इस आयोजन से न केवल उनकी पढ़ाई का नुकसान हुआ, बल्कि यूनिवर्सिटी की गरिमा को भी ठेस पहुंची है।

 

जांच के घेरे में यूनिवर्सिटी प्रशासन मामला तूल पकड़ने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन को अपनी गलती का अहसास हुआ है। रजिस्ट्रार ने पूरे प्रकरण पर तत्काल जांच बैठा दी है। जांच में मुख्य रूप से यह पता लगाया जाएगा कि एक शैक्षणिक संस्थान में राजनीतिक दल को कार्यक्रम की अनुमति किस आधार पर दी गई और एक आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को मुख्य संयोजक के रूप में कैंपस में प्रवेश कैसे मिला। इस घटना ने CCSU प्रशासन की कार्यप्रणाली और निर्णयों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन
dhss