मेरठ (खबरीलाल विशेष): पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है और शिवभक्तों के स्वागत व सुरक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। इसी कड़ी में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कांवड़ यात्रा मार्ग का हवाई और जमीनी सर्वेक्षण करने के लिए मेरठ पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर मेरठ जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने चाक-चौबंद तैयारियां कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था को इतना अभेद्य बनाया गया है कि परिंदा भी पर न मार सके। एनएसजी (NSG) से लेकर एटीएस (ATS) कमांडोज तक ने मेरठ में डेरा डाल लिया है।
अभेद्य किले में तब्दील हुआ कांवड़ मार्ग
मुख्यमंत्री की सुरक्षा और कांवड़ यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए एडीजी (ADG), डीआईजी (DIG) और एसएसपी (SSP) स्तर के अधिकारियों ने स्वयं कमान संभाल ली है। हेलीपैड से लेकर मुख्य मंच तक की सुरक्षा का बारीकी से निरीक्षण किया गया है।
एनएसजी (NSG) की विशेष टीम ने भी मेरठ पहुंचकर स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ उच्च स्तरीय मीटिंग की है। इस बैठक में पिछले वर्षों के सुरक्षा प्लान की भी समीक्षा की गई और उसी के आधार पर सीएम की सुरक्षा को लेकर कांवड़ मार्ग से लेकर कार्यक्रम स्थल (मंच) तक पुलिसकर्मियों की सख्त ड्यूटी लगाई गई है। शुक्रवार देर शाम पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने ड्यूटी में तैनात सभी पुलिसकर्मियों की फुल-ड्रेस रिहर्सल भी कराई, ताकि ऐन वक्त पर किसी भी तरह की कोई चूक न हो।
NSG और ATS कमांडोज के हवाले सुरक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री के दौरे से ठीक पहले सुरक्षा का जायजा लेने के लिए डीआईजी कलानिधि नैथानी ने एटीएस (ATS) कमांडोज के साथ मेरठ के व्यस्ततम बेगमपुल इलाके से लेकर पूरे कांवड़ यात्रा मार्ग का पैदल भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने चप्पे-चप्पे की सुरक्षा परखी।
डीआईजी ने कांवड़ यात्रा की ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी चेक की और बेहतरीन तरीके से ड्यूटी निभा रहे जवानों की पीठ भी थपथपाई। निरीक्षण के दौरान बैरिकेडिंग, सुरक्षा पिकेट्स, ड्यूटी प्वाइंट्स एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से मुआयना किया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। कांवड़ मार्ग पर कोई भी संदिग्ध गतिविधि न हो, इसके लिए ड्रोन और सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
3000 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती और सटीक ट्रैफिक मैनेजमेंट
कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ और मुजफ्फरनगर हाईवे पर शिवभक्तों का भारी हुजूम उमड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि सीएम के आगमन और भीड़ नियंत्रण को लेकर 3000 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की विशेष रूप से तैनाती की गई है।
ड्यूटी पर मौजूद सभी अधिकारियों और जवानों को सख्त हिदायत दी गई है कि शहर के अंदर किसी भी हाल में जाम न लगने दिया जाए। अधिकारियों का स्पष्ट निर्देश है कि कांवड़ यात्रा की वजह से आम जनता को भी आवागमन में कोई भारी परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मुजफ्फरनगर बॉर्डर पर विशेष रणनीति: मुख्यमंत्री के मेरठ पहुंचने के समय मुजफ्फरनगर बॉर्डर पर कांवड़ियों के जत्थों को कुछ समय के लिए रोका जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि मुख्यमंत्री के काफिले के मूवमेंट के दौरान हाईवे पर यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो और किसी भी तरह की अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न न हो। मुजफ्फरनगर पुलिस को भी इस बाबत पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया है।
सीएम योगी का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को पश्चिमी यूपी के एक विस्तृत दौरे पर रहेंगे। वे मेरठ के साथ-साथ मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और बागपत में भी कांवड़ यात्रा मार्ग का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। उनका मेरठ का कार्यक्रम कुछ इस प्रकार रहेगा:
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हिंडन से उड़ान: मुख्यमंत्री राजकीय वायुयान से गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पहुंचेंगे।
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मेरठ आगमन: वहां से हेलीकॉप्टर में सवार होकर पूर्वान्ह 11:45 बजे शोभित विश्वविद्यालय (मेरठ) परिसर में बनाए गए विशेष हेलीपैड पर उतरेंगे।
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मंच तक का सफर: हेलीपैड से सीएम योगी कार द्वारा मेरठ-रुड़की हाईवे स्थित दुल्हैड़ा चुंगी पहुंचेंगे।
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पुष्पवर्षा: दुल्हैड़ा चुंगी पर एक विशाल 'जर्मन हैंगर' मंच तैयार किया गया है। इसी मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाईवे से गुजर रहे शिवभक्तों (कांवड़ियों) पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत करेंगे।
कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर और मंच से पुष्पवर्षा करना योगी सरकार की एक पहचान बन चुका है। यह परंपरा न केवल शिवभक्तों में उत्साह का संचार करती है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि प्रदेश सरकार कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और भव्य बनाने के लिए पूरी तरह से संकल्पित है। मेरठ प्रशासन की पूरी टीम इस वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है।