Anil Kumar Sharma, Special Correspondent-बिजनौर (Khabreelal News Desk): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब भी किसी मंच से जनता को संबोधित करते हैं, तो उनके भाषण में विकास, सुशासन, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और विपक्ष पर तीखे प्रहारों का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में ऐसा ही एक ऐतिहासिक और ऊर्जा से लबरेज नजारा देखने को मिला। पवित्र पावनी मां गंगा और महाभारत कालीन महान नीतिकार महात्मा विदुर की पावन धरा पर पहुंचे सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया उफान ला दिया।READ ALSO:-धामपुर रेलवे स्टेशन के स्वर्णिम काल का हुआ शंखनाद: 'अमृत भारत योजना' के तहत पीएम मोदी ने किया भव्य वर्चुअल उद्घाटन, जश्न में डूबा शहर
अपने चिर-परिचित आक्रामक और स्पष्टवादी अंदाज में सीएम योगी ने विपक्ष की तुष्टिकरण की राजनीति की बखिया उधेड़ते हुए एक ऐसा नारा दिया, जो अब पूरे प्रदेश में गूंज रहा है। मुख्यमंत्री ने मंच से गरजते हुए कहा, "हमें जिन्ना नहीं, गन्ना पसंद है।" इस एक वाक्य ने न केवल पश्चिमी यूपी के किसानों की नब्ज को छुआ, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि वर्तमान सरकार का फोकस धर्म या जाति की विभाजनकारी राजनीति पर नहीं, बल्कि विकास, किसान और सुशासन पर केंद्रित है। इस जनसभा में सीएम योगी ने बिजनौर के चौमुखी विकास के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं, जिन्होंने स्थानीय जनता और किसानों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ा दी है।

'हमें जिन्ना नहीं, गन्ना पसंद है': विपक्ष पर सबसे बड़ा और तीखा राजनीतिक प्रहार
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति हमेशा से कृषि, विशेषकर गन्ना किसानों और ध्रुवीकरण के इर्द-गिर्द घूमती रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों (मुख्य रूप से सपा, बसपा और कांग्रेस) पर तीखा राजनीतिक हमला किया। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए लेकिन स्पष्ट इशारों में कहा कि पहले की सरकारों को महापुरुषों से ज्यादा 'जिन्ना' जैसे विभाजनकारी लोग पसंद थे, और वे वोट बैंक के लिए तुष्टिकरण की राजनीति करते थे।
सीएम योगी ने कड़े शब्दों में कहा कि, "विपक्ष के लोग जिन्ना का महिमामंडन करते हैं, लेकिन हमारी सरकार और हमारी जनता का विजन बिल्कुल साफ है। हमें समाज को बांटने वाला जिन्ना नहीं, बल्कि हमारे अन्नदाताओं के खेतों में लहलहाने वाला 'गन्ना' पसंद है।" उनका यह बयान इस बात का सूचक है कि सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग दंगे कराते थे और किसानों को उनके हाल पर छोड़ देते थे, आज वे सत्ता से बाहर हैं और किसान सम्मान के साथ जी रहा है। यह नारा पश्चिमी यूपी के गन्ना बेल्ट में एक बड़े राजनीतिक मास्टरस्ट्रोक के रूप में देखा जा रहा है।
अन्नदाताओं के लिए खोला खजाना: गन्ने का मूल्य ₹400 प्रति कुंतल
बिजनौर और उसके आसपास का पूरा इलाका उत्तर प्रदेश की 'शुगर बाउल' (चीनी का कटोरा) कहा जाता है। यहां की पूरी अर्थव्यवस्था गन्ने की खेती पर निर्भर करती है। जनसभा में मौजूद हजारों किसानों की भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने गन्ने के मुद्दे पर सबसे बड़ी घोषणा की।
सीएम योगी ने गन्ना किसानों के हितों को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने ऐलान किया कि गन्ना किसानों की मेहनत का पूरा सम्मान करते हुए गन्ने का मूल्य बढ़ाकर ₹400 प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। यह घोषणा सुनते ही पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट और योगी-योगी के नारों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय में चीनी मिलें बंद हो रही थीं, किसानों को सालों तक गन्ने का भुगतान नहीं मिलता था और किसान पर्ची के लिए दर-दर भटकता था। लेकिन आज, हमारी सरकार ने सुनिश्चित किया है कि किसानों को उनके गन्ने का पाई-पाई का भुगतान समय पर हो रहा है और नई चीनी मिलें स्थापित की जा रही हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर को नई उड़ान: बिजनौर से हरिद्वार तक जाएगा गंगा एक्सप्रेस-वे
उत्तर प्रदेश को 'एक्सप्रेस-वे प्रदेश' बनाने की दिशा में सीएम योगी ने बिजनौर की जनता को कनेक्टिविटी का एक ऐसा नायाब तोहफा दिया है, जो आने वाले समय में जिले की पूरी अर्थव्यवस्था और तस्वीर को बदलकर रख देगा।
मुख्यमंत्री ने मंच से घोषणा की कि उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'गंगा एक्सप्रेस-वे' (Ganga Expressway) को बिजनौर से जोड़ते हुए इसे सीधे हरिद्वार तक ले जाया जाएगा। अब तक यह एक्सप्रेस-वे मेरठ से प्रयागराज तक प्रस्तावित था, लेकिन अब इसके विस्तार की घोषणा से बिजनौर सीधे तौर पर इस हाई-स्पीड कॉरिडोर का हिस्सा बन जाएगा। इस एक्सप्रेस-वे के बनने से बिजनौर से दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज और देवभूमि उत्तराखंड (हरिद्वार) की दूरी कुछ ही घंटों में सिमट जाएगी। सीएम ने कहा कि यह सिर्फ एक सड़क नहीं है, बल्कि यह बिजनौर में औद्योगिक निवेश, पर्यटन, रोजगार और व्यापार की एक नई जीवनरेखा (Lifeline) साबित होगा। किसानों को उनकी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में अब कोई दिक्कत नहीं होगी।
अपराध और माफिया मुक्त उत्तर प्रदेश का संकल्प
विकास के साथ-साथ सुशासन और कानून व्यवस्था (Law and Order) हमेशा से योगी सरकार की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) रही है। अपने संबोधन में सीएम योगी ने प्रदेश के अपराधियों और माफियाओं को एक बार फिर कड़ा संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि, "एक समय था जब बिजनौर और पश्चिमी यूपी में सूरज ढलते ही लोग घरों में कैद हो जाते थे, बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं थीं, और व्यापारी पलायन करने को मजबूर थे। लेकिन आज उत्तर प्रदेश अपराधियों और माफियाओं से पूरी तरह मुक्त हो चुका है।" सीएम ने कहा कि आज प्रदेश में कानून का राज है। जो माफिया कभी सत्ता के संरक्षण में पनपते थे, आज वे या तो जेल में हैं या मिट्टी में मिलाए जा चुके हैं। सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के कारण आज कोई भी अपराधी किसी गरीब, किसान या व्यापारी की संपत्ति पर कब्जा करने की हिम्मत नहीं कर सकता। प्रदेश सरकार यह चाहती है कि बिजनौर पूरी तरह से एक शांतिपूर्ण और सुरक्षित जिला बने, जहां हर व्यक्ति निडर होकर अपना जीवन यापन कर सके।
बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य: नर्सिंग कॉलेज की बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ध्यान केवल इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सेवाओं को भी अपने एजेंडे में प्रमुखता से रखा। 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के संकल्प को साकार करते हुए सीएम योगी ने बिजनौर की बेटियों और युवाओं को एक नर्सिंग कॉलेज का शानदार तोहफा दिया।
सीएम ने कहा कि हमारी बेटियां आज हर क्षेत्र में नाम रोशन कर रही हैं। उन्हें चिकित्सा और नर्सिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए अब अपने घर से दूर, बड़े शहरों में जाकर धक्के खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बिजनौर में ही उच्च स्तरीय नर्सिंग कॉलेज खुलने से स्थानीय बेटियों को बेहतरीन मेडिकल शिक्षा मिलेगी और उन्हें रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही, इससे बिजनौर और आसपास के ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य सेवाओं (Healthcare facilities) में भी भारी सुधार देखने को मिलेगा।
बिजनौर की माटी के लालों और महान विभूतियों का किया विशेष स्मरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भाषण केवल राजनीतिक घोषणाओं तक सीमित नहीं था। उन्होंने बिजनौर की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और बौद्धिक विरासत को नमन करते हुए यहां की महान विभूतियों का अपने संपूर्ण संबोधन में विशेष रूप से उल्लेख किया।
सबसे पहले उन्होंने महाभारत काल के महान नीतिकार महात्मा विदुर को नमन किया, जिनकी तपोभूमि बिजनौर रही है। उन्होंने कहा कि महात्मा विदुर की नीतियां आज भी सुशासन का आधार हैं। इसके बाद उन्होंने विज्ञान जगत के पुरोधा और भारत में कांच तकनीक के जनक वैज्ञानिक डॉ. आत्माराम को याद किया, जिनका जन्म बिजनौर में हुआ था।
हिंदी साहित्य और गजलों को एक नया मुकाम देने वाले, "हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए" जैसी अमर पंक्तियों के रचयिता, बिजनौर के लाल दुष्यंत कुमार का स्मरण कर सीएम ने सभा में जोश भर दिया। इसके अलावा, महान स्वतंत्रता सेनानी और प्रखर राजनेता महावीर सिंह त्यागी तथा भारतीय संविधान के जाने-माने विशेषज्ञ और लोकसभा के पूर्व महासचिव डॉ. सुभाष कश्यप का विशेष उल्लेख करते हुए सीएम ने कहा कि बिजनौर की धरती ने देश को एक से बढ़कर एक अनमोल रत्न दिए हैं। इन विभूतियों का नाम लेकर सीएम योगी ने बिजनौर वासियों को उनके गौरवशाली अतीत की याद दिलाई और युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
चौमुखी विकास की ओर बढ़ता बिजनौर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बिजनौर दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रहा। गन्ने के समर्थन मूल्य में वृद्धि, हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेस-वे का विस्तार, बेटियों के लिए नर्सिंग कॉलेज और माफियाओं के खिलाफ सख्त चेतावनी—ये सभी कदम यह दर्शाते हैं कि प्रदेश सरकार बिजनौर के चौमुखी विकास (All-round Development) के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। "हमें जिन्ना नहीं, गन्ना पसंद है" का नारा देकर सीएम योगी ने यह साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश अब तुष्टिकरण की राजनीति से बहुत आगे निकलकर विकास, प्रगति और राष्ट्रवाद के पथ पर तेज गति से दौड़ रहा है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बिजनौर में दी गई जनसभा के संबोधन, उनके द्वारा की गई आधिकारिक घोषणाओं और राजनीतिक मंचों से दिए गए बयानों पर आधारित है। गन्ने के मूल्य, एक्सप्रेस-वे के विस्तार और अन्य परियोजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी और समयसीमा के लिए कृपया उत्तर प्रदेश सरकार के संबंधित विभागों की आधिकारिक वेबसाइट या शासनादेश का अवलोकन करें। Khabreelal News राजनीतिक बयानों को केवल सूचना के उद्देश्य से प्रकाशित करता है।