धामपुर (बिजनौर): कड़ी मेहनत, पक्का इरादा और स्पष्ट लक्ष्य हो, तो सफलता कदम चूमती ही है। इस बात को सच कर दिखाया है बिजनौर जिले के धामपुर नगर के होनहार छात्र काव्यांश अग्रवाल ने। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणामों में काव्यांश ने अपनी असाधारण मेधा का प्रदर्शन करते हुए 97.8 प्रतिशत के बंपर अंक हासिल किए हैं। इस शानदार उपलब्धि के साथ ही काव्यांश ने न केवल अपने विद्यालय बल्कि पूरे धामपुर नगर और अपने परिवार का नाम पूरे प्रदेश में रोशन कर दिया है।Read also:-मेरठ में 'जिहाद' पर फूटा हिंदू संगठनों का गुस्सा, बेगमपुल पर महाजाम; नाम बदलकर लड़कियों को फंसाने वालों को फांसी की मांग!
जैसे ही सीबीएसई बोर्ड (CBSE Board Results) द्वारा 10वीं के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए और इंटरनेट पर काव्यांश का रिजल्ट स्क्रीन पर फ्लैश हुआ, उनके घर में खुशी की लहर दौड़ गई। इस बड़ी कामयाबी ने यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों के बच्चे भी यदि ठान लें, तो वे शिक्षा के क्षेत्र में बड़े से बड़ा मुकाम आसानी से हासिल कर सकते हैं।

सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल के होनहार छात्र रहे हैं काव्यांश
काव्यांश अग्रवाल धामपुर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सेंट मैरी कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र हैं। विद्यालय के शिक्षकों के अनुसार, काव्यांश शुरू से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी और अनुशासित रहे हैं। कक्षा में उनकी उपस्थिति, विषयों के प्रति उनकी गहरी समझ और सवालों को हल करने की उनकी तार्किक क्षमता हमेशा अन्य छात्रों से अलग रही है।
अपनी सफलता का श्रेय काव्यांश ने अपने विद्यालय के कर्मठ शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन और अपनी निरंतर पढ़ाई की रणनीति को दिया है। उनका मानना है कि शिक्षकों द्वारा दिए गए सही मार्गदर्शन और समय-समय पर ली गई मॉक परीक्षाओं ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया, जिससे वे मुख्य बोर्ड परीक्षा में बिना किसी दबाव के अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सके।
परिवार में जश्न का माहौल, बधाइयों का लगा तांता
काव्यांश की इस ऐतिहासिक कामयाबी से उनके परिवार में जश्न का माहौल है। उनके दादा, धामपुर नगर के प्रतिष्ठित नागरिक दिनेश अग्रवाल 'नवीन जी' के परिवार में इस समय खुशियां मनाई जा रही हैं। पोते की इस शानदार सफलता पर दादा की आंखें खुशी से छलक उठीं। वहीं, काव्यांश के माता-पिता, सचिन अग्रवाल और शिवानी अग्रवाल की खुशी का ठिकाना नहीं है। वे अपने बेटे की इस कामयाबी पर फूले नहीं समा रहे हैं।
रिजल्ट आने के बाद से ही उनके आवास पर रिश्तेदारों, पड़ोसियों और नगर के गणमान्य लोगों का बधाई देने के लिए तांता लगा हुआ है। लोग फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ काव्यांश का मुंह मीठा करा रहे हैं और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं। माता शिवानी और पिता सचिन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि काव्यांश ने अपनी पढ़ाई के लिए दिन-रात एक कर दिया था। उसने सोशल मीडिया और मोबाइल फोन से दूरी बनाकर अपना पूरा ध्यान केवल अपनी किताबों और रिवीज़न पर केंद्रित रखा।
सफलता का मंत्र: टाइम मैनेजमेंट और निरंतरता
जब काव्यांश से उनकी पढ़ाई की दिनचर्या के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उनकी रणनीति स्पष्ट थी - 'टाइम मैनेजमेंट और निरंतरता'। उन्होंने कभी भी परीक्षाओं के दिनों का इंतजार नहीं किया, बल्कि सत्र के पहले दिन से ही अपनी पढ़ाई का एक निश्चित शेड्यूल बना लिया था। हर विषय को बराबर समय देना, कमजोर विषयों पर अतिरिक्त मेहनत करना और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों (Previous Year Question Papers) को हल करना उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा था। काव्यांश का कहना है कि तनावमुक्त होकर पढ़ाई करना और पर्याप्त नींद लेना भी अच्छे अंक लाने के लिए बहुत जरूरी है।
अब लक्ष्य है उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षा
10वीं कक्षा में 97.8% का शानदार स्कोर हासिल करना काव्यांश के लिए केवल एक शुरुआत है। उनके सपनों की उड़ान इससे कहीं आगे तक जाती है। भविष्य की योजनाओं के बारे में वार्ता करने पर सचिन और शिवानी ने गर्व के साथ बताया कि उनके बेटे का सपना एक प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश और समाज की सेवा करना है।
काव्यांश का मुख्य लक्ष्य उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की अत्यंत कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षा को पास करना है। इतनी कम उम्र में प्रशासनिक सेवा (Administrative Services) में जाने का उनका यह संकल्प उनके परिपक्व दृष्टिकोण को दर्शाता है। वे एक एसडीएम (SDM) या डिप्टी एसपी (DSP) के रूप में सिस्टम का हिस्सा बनकर राज्य के विकास और कानून व्यवस्था में अपना सकारात्मक योगदान देना चाहते हैं। उनके माता-पिता का कहना है कि वे अपने बेटे के इस बड़े सपने को पूरा करने में हर संभव मदद करेंगे और उसे देश के सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शन उपलब्ध कराएंगे।
युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत
काव्यांश अग्रवाल की यह सफलता धामपुर और आसपास के ग्रामीण अंचलों के उन हजारों छात्रों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में धामपुर नगर लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और काव्यांश जैसे युवा इस प्रगति की लौ को और अधिक रोशन कर रहे हैं।
काव्यांश अग्रवाल का 97.8% का यह स्कोर केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह उनकी वर्षों की तपस्या, माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के सही मार्गदर्शन का परिणाम है। पूरा धामपुर नगर आज अपने इस होनहार लाल पर गर्व कर रहा है। आने वाले समय में काव्यांश अपने UPPSC के लक्ष्य को भी इसी लगन और मेहनत के साथ अवश्य भेदेंगे, ऐसी पूरे क्षेत्रवासियों को पूर्ण उम्मीद है।