उत्तर प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ पुलिस का खौफ किस कदर हावी है, इसका एक और ताजा और ज्वलंत उदाहरण बिजनौर जिले में देखने को मिला है। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) नीति और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अघोषित 'ऑपरेशन लंगड़ा' का असर अब जमीनी स्तर पर साफ नजर आ रहा है। गोवंश की रक्षा और गौकशी जैसे जघन्य अपराधों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के सख्त निर्देशों के अनुपालन में बिजनौर की नजीबाबाद थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। रविवार को सरवनपुर डैम के पास हुई एक बेहद रोमांचक और खतरनाक मुठभेड़ में पुलिस ने गौकशी करने वाले एक गिरोह के मंसूबों पर पानी फेरते हुए दो शातिर अपराधियों को धर दबोचा है। इस दौरान दोनों तरफ से हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से पूरा इलाका दहल उठा।READ ALSO:-बिजनौर जिला जेल में सनसनी: कैदी का पेड़ से लटका मिला शव, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप; पोस्टमार्टम हाउस पर भारी बवाल
मुखबिर की सटीक सूचना और पुलिस का चक्रव्यूह अपराध जगत में यह आम धारणा है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी कर ले, पुलिस के खुफिया तंत्र से बचना नामुमकिन है। घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब नजीबाबाद थाना पुलिस को अपने विश्वस्त मुखबिरों के नेटवर्क से एक बेहद अहम इनपुट मिला। सूचना थी कि सरवनपुर डैम के आसपास के सुनसान और जंगली इलाके का फायदा उठाकर कुछ संदिग्ध और पेशेवर अपराधी गौकशी की एक बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं।
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— Bijnor Police (@bijnorpolice) May 10, 2026
थाना नजीबाबाद पुलिस ने दिनांक 08.05.2026 को हुई गौकशी की घटना का सफल अनावरण करते हुए पुलिस मुठभेड़ के दौरान 02 अभियुक्तों(01 घायल अवस्था में) को अवैध शस्त्रों व गौकशी करने के उपकरण व घटना में प्रयुक्त मोटर साईकिल सहित किया गिरफ्तार।#UPPolice pic.twitter.com/Gv10uPfVDQ
इस इनपुट को जरा भी हल्के में न लेते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर नजीबाबाद पुलिस ने तुरंत एक विशेष रणनीति (Strategy) तैयार की। इलाके की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए पुलिस की कई टीमों का गठन किया गया और सरवनपुर डैम की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर सघन चेकिंग अभियान (Intensive Checking Campaign) और बैरिकेडिंग शुरू कर दी गई।
जब आमने-सामने हुए पुलिस और बेखौफ गौकश रात के सन्नाटे और डैम के सुनसान इलाके में जब पुलिस मुस्तैदी से चेकिंग कर रही थी, तभी उन्हें कुछ संदिग्ध व्यक्ति आते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने टार्च की रोशनी से उन्हें रुकने का इशारा किया और चेतावनी दी। लेकिन कानून का खौफ भूल चुके इन बदमाशों ने पुलिस के इशारे को नजरअंदाज कर दिया। पकड़े जाने के डर से बदमाशों ने न केवल भागने का प्रयास किया, बल्कि दुस्साहस दिखाते हुए पुलिस टीम को लक्ष्य करके अपने अवैध हथियारों से सीधी फायरिंग शुरू कर दी।
अचानक चली गोलियों से एक पल के लिए माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। गोलियों की आवाज से डैम का पूरा इलाका गूंज उठा। लेकिन नजीबाबाद पुलिस टीम ने बिना कोई देरी किए, पूरी तरह से पेशेवर तरीके से मोर्चा संभाला।
जवाबी फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब और 'ऑपरेशन लंगड़ा' बदमाशों द्वारा की जा रही जानलेवा फायरिंग के बीच, पुलिस ने उन्हें कई बार सरेंडर करने की चेतावनी दी। जब बदमाश नहीं माने और लगातार पुलिस बल पर गोलियां बरसाते रहे, तो पुलिस को भी आत्मरक्षार्थ (In Self-Defense) अपनी बंदूकों के मुंह खोलने पड़े। पुलिस की इस सधी हुई और लक्षित जवाबी फायरिंग में एक गोली सीधे एक बदमाश के पैर में जा लगी। गोली लगते ही वह चीख मारते हुए जमीन पर गिर पड़ा और उसका हथियार दूर छिटक गया।
अपने साथी को गिरता देख और पुलिस को भारी पड़ता देख बाकी बदमाशों के हौसले पस्त हो गए। पुलिस ने त्वरित और साहसिक कार्रवाई करते हुए घायल बदमाश और उसके एक अन्य साथी को मौके से ही धर दबोचा।
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थाना नजीबाबाद क्षेत्रान्तर्गत सहानपुर क्षेत्र की गौकशी की घटना मे वांछित अभियुक्तों की पुलिस मुठभेड के दौरान अवैध शस्त्र व पशु वध के उपकरणो सहित गिरफ्तारी के संबंध मे क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद की बाइट ।#UPPolice pic.twitter.com/ipevqrnKvI
अल्लू और याकूब की गिरफ्तारी, खौफनाक हथियारों की बरामदगी पुलिस की कड़ी पूछताछ में पकड़े गए इन शातिर बदमाशों ने अपनी पहचान अल्लू और याक़ूब के रूप में बताई है। पुलिस ने जब घटनास्थल की तलाशी ली और इन बदमाशों के पास मौजूद सामान की जांच की, तो उनके होश उड़ गए। यह स्पष्ट हो गया कि वे लोग महज वहां से गुजर नहीं रहे थे, बल्कि एक सुनियोजित साजिश के तहत गौकशी करने आए थे।
इनके कब्जे से पुलिस ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है, जिसमें शामिल हैं:
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अवैध देसी तमंचे (जिनसे पुलिस पर फायरिंग की गई)
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जिंदा कारतूस और मौके पर चले हुए खोखे
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गौकशी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले धारदार और खतरनाक उपकरण (बड़े छुरे, कुल्हाड़ी)
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जानवरों को बांधने के लिए मोटे रस्से
पुलिस ने घायल बदमाश को तत्काल प्रभाव से अपने कब्जे में लेकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां पुलिस के कड़े पहरे में उसका इलाज चल रहा है।
अंधेरे का फायदा उठाकर भागे दो गुर्गे, कॉम्बिंग जारी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह में कुल चार बदमाश शामिल थे। मुठभेड़ के दौरान, रात के घने अंधेरे, भौगोलिक दुर्गमता और आसपास की घनी झाड़ियों का अनुचित लाभ उठाते हुए गिरोह के दो अन्य सदस्य पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहे। हालांकि, पुलिस ने हार नहीं मानी है। फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पूरे सरवनपुर डैम इलाके और आसपास के जंगलों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस की कई टीमें लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन (Search Operation) चला रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार बदमाश भी सलाखों के पीछे होंगे।
सीओ नजीबाबाद अंजनी कुमार का सख्त संदेश इस पूरी पुलिस कार्रवाई और मुठभेड़ की विस्तृत जानकारी देते हुए क्षेत्राधिकारी (CO) नजीबाबाद, श्री अंजनी कुमार ने मीडिया को बताया कि, "हमारी टीम सरवनपुर डैम के पास नियमित और सघन चेकिंग कर रही थी। तभी गौकशी के संदेह में कुछ बदमाशों को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने जानलेवा फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी और आत्मरक्षार्थ फायरिंग में एक बदमाश घायल हुआ है। मौके से अल्लू और याकूब को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से तमंचे और गौकशी के उपकरण मिले हैं। फरार दो आरोपियों की तलाश में हमारी टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इलाके में किसी भी प्रकार के अवैध कार्य या गौकशी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
अपराधियों में पुलिस का खौफ बिजनौर के नजीबाबाद में हुई यह पुलिस मुठभेड़ इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उत्तर प्रदेश पुलिस गोवंश की रक्षा और संगठित अपराध को खत्म करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। पुलिस की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई की स्थानीय लोगों द्वारा भी काफी प्रशंसा की जा रही है। इस घटना से इलाके में सक्रिय अन्य अपराधियों और गोतस्करों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों की क्राइम कुंडली (Criminal History) खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे इससे पहले किन-किन वारदातों में शामिल रहे हैं और उनके इस गिरोह का नेटवर्क कहाँ-कहाँ तक फैला हुआ है।