खबरीलाल टीम
बिजनौर/नगीना (क्राइम डेस्क): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पुलिस ने अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अपने अभियान में एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। नगीना थाना क्षेत्र में पिछले कुछ समय से महिलाओं के लिए खौफ का पर्याय बने एक ऐसे गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है, जो बेहद शातिर तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। यह गिरोह बंदूक या चाकू के दम पर नहीं, बल्कि 'नशे' (Stupefying Substance) के दम पर लूटपाट करता था।READ ALSO:-यूपी में मौसम का 'डबल अटैक': कहीं खिली धूप तो कहीं बारिश का सायरन, 17-18 फरवरी को पश्चिमी यूपी में आंधी-पानी का अलर्ट

 

नगीना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो ऐसे शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जो महिलाओं को नशीला पदार्थ सूंघाकर उनके सोने के आभूषण, विशेषकर कानों के कुंडल (Earrings/Tops) चोरी कर फरार हो जाते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी किए गए सोने के आभूषणों का एक बड़ा जखीरा भी बरामद किया है।

 

घटना का विस्तृत विवरण: कैसे पुलिस के जाल में फंसे शातिर?

बिजनौर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले भर में अपराध नियंत्रण के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में नगीना पुलिस (Nagina Police) भी क्षेत्र में सक्रिय थी। पुलिस को मुखबिरों और स्थानीय खुफिया तंत्र से सूचना मिल रही थी कि क्षेत्र में कुछ संदिग्ध लोग घूम रहे हैं जो महिलाओं के साथ टप्पेबाजी और लूट की घटनाओं की फिराक में हैं।

 

पुलिस की नाकेबंदी और गिरफ्तारी: सूचना को पुख्ता मानते हुए पुलिस टीम ने जाल बिछाया। संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग के दौरान पुलिस ने दो व्यक्तियों को रोका। जब उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई और उनकी तलाशी ली गई, तो उनके पास से चोरी के आभूषण बरामद हुए। पुलिस की सख्ती के आगे उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

 

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान: पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:

 

  1. दिलशाद (Dilshad)
  2. दिल नवाज (Dil Nawaz)

 

ये दोनों अभियुक्त शातिर किस्म के अपराधी बताए जा रहे हैं, जिन्होंने नगीना और आसपास के क्षेत्रों में कई वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकारी है।

 

वारदात का तरीका (Modus Operandi): खौफनाक साजिश

इन अपराधियों का काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद डरावना और चिंताजनक था। यह सामान्य लूटपाट से अलग 'जहर खुरानी' या नशीला पदार्थ का प्रयोग करके की जाने वाली चोरी थी।

 

  • निशाने पर महिलाएं: यह गिरोह मुख्य रूप से उन महिलाओं को निशाना बनाता था जो बाजारों में, रास्तों पर या सुनसान गलियों में अकेली जा रही होती थीं।
  • विश्वास में लेना और नशा सूंघाना: पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी पहले किसी बहाने से महिलाओं के पास जाते थे। इनका तरीका इतना शातिर होता था कि सामने वाले को शक नहीं होता था। बातचीत के दौरान या किसी वस्तु के माध्यम से ये महिलाओं को कोई नशीला पदार्थ (Stupefying Substance) सूंघा देते थे।
  • अचेत होते ही हाथ साफ: जैसे ही नशीले पदार्थ का असर होता और महिला की चेतना (Consciousness) कमजोर पड़ती या वह बेसुध होती, ये पलक झपकते ही उनके कानों से सोने के कुंडल (Gold Earrings/Tops) उतार लेते थे।
  • फरार होना: इससे पहले कि पीड़िता को होश आए या वह शोर मचाए, ये आरोपी मौके से रफूचक्कर हो जाते थे। जब तक महिला को होश आता, तब तक उसके जेवर गायब हो चुके होते थे।

 

बरामदगी: पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती न केवल अपराधियों को पकड़ना थी, बल्कि पीड़ितों का सामान बरामद करना भी थी। इस मामले में पुलिस ने बेहतरीन काम किया है।

 

  • सोने के आभूषण बरामद: जामा तलाशी और पूछताछ के बाद पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से कुल 05 जोड़ी सोने के कुंडल (टॉप्स) बरामद किए हैं।
  • कीमत: बाजार में सोने के मौजूदा भाव को देखते हुए बरामद किए गए आभूषणों की कीमत लाखों में आंकी जा रही है। यह रिकवरी उन पीड़ित महिलाओं के लिए बड़ी राहत है जिन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई के जेवर गंवा दिए थे।

 

पुलिस का आधिकारिक बयान (Official Statement)

इस पूरी कार्रवाई की पुष्टि क्षेत्राधिकारी (CO) नगीना, अंजनी कुमार ने की है। मीडिया को दिए गए अपने बयान (Byte) में उन्होंने घटना का खुलासा किया।

 

सीओ नगीना, अंजनी कुमार का बयान: "क्षेत्र में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस टीम को यह सफलता हाथ लगी है। हमने दो अभियुक्तों, दिलशाद और दिल नवाज को गिरफ्तार किया है। इनका काम करने का तरीका यह था कि ये महिलाओं को नशीला पदार्थ सूंघाकर उनके कुंडल चोरी कर लेते थे और फरार हो जाते थे। इनके पास से पांच जोड़ी सोने के टॉप्स (कुंडल) बरामद हुए हैं। विधिक कार्यवाही की जा रही है।"

 

समाज पर प्रभाव और पुलिस की भूमिका

इस गिरफ्तारी ने नगीना क्षेत्र की महिलाओं ने राहत की सांस ली है। पिछले कुछ दिनों से इस तरह की अफवाहों और घटनाओं के कारण महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल हो रहा था।

 

  • भय का माहौल खत्म: इस गैंग के पकड़े जाने से उन कामकाजी महिलाओं और गृहणियों में सुरक्षा की भावना जगी है जो अक्सर पैदल बाजार जाती हैं।
  • पुलिस की सक्रियता: बिजनौर पुलिस का यह गुडवर्क दर्शाता है कि वे स्ट्रीट क्राइम (Street Crime) को लेकर गंभीर हैं। नशीला पदार्थ का प्रयोग कर चोरी करना एक गंभीर अपराध है, जो कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकता है। ऐसे अपराधियों का सलाखों के पीछे होना समाज की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।

 

नागरिकों के लिए विशेष सावधानी (Safety Advisory)

इस घटना से सबक लेते हुए, पुलिस और सुरक्षा विशेषज्ञों ने आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं के लिए कुछ सुरक्षा टिप्स साझा किए हैं:

 

  1. अंजान से दूरी: रास्ते में चलते समय किसी भी अंजान व्यक्ति से बात करने से बचें। अगर कोई पता पूछने या किसी मदद के बहाने पास आता है, तो उचित दूरी (Safe Distance) बनाकर रखें।
  2. सूंघने से बचें: अगर कोई व्यक्ति आपके चेहरे के पास कोई रुमाल, कागज या कोई वस्तु लाने की कोशिश करे, तो तुरंत पीछे हटें और शोर मचाएं।
  3. मास्क या स्कार्फ: भीड़भाड़ वाले इलाकों या सुनसान रास्तों पर चलते समय अपना चेहरा स्कार्फ से ढककर रखना भी सुरक्षा प्रदान कर सकता है।
  4. संदिग्ध की सूचना: अगर आपको अपने आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति या बाइक सवार बार-बार घूमता दिखे, तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन (112) पर कॉल करें।
  5. जेवरों का प्रदर्शन: सुनसान रास्तों पर चलते समय कीमती जेवरों को दुपट्टे या पल्लू से ढककर रखें ताकि अपराधियों की नजर उन पर न पड़े।

 

कानूनी पहलू: क्या होगी सजा?

गिरफ्तार अभियुक्तों दिलशाद और दिल नवाज पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

 

  • चोरी और लूट: आभूषण चोरी करने के आरोप।
  • नशीला पदार्थ देना: किसी को क्षति पहुँचाने या अपराध करने के उद्देश्य से नशीला पदार्थ (Poison/Stupefying drug) देना एक गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है (पूर्व की IPC धारा 328 के समतुल्य)।
  • बरामदगी: चोरी का सामान (Stolen Property) बरामद होना इनके खिलाफ एक मजबूत सबूत है।

 

पुलिस अब इन अपराधियों का पुराना रिकॉर्ड (Criminal History) भी खंगाल रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इन्होंने अन्य जिलों में भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है। संभव है कि रिमांड के दौरान इनसे और भी कई वारदातों का खुलासा हो।

 

नगीना पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है। 'नशा गैंग' के इन दो सदस्यों की गिरफ्तारी से निश्चित रूप से क्षेत्र में अपराध का ग्राफ नीचे आएगा। 'ख़बरीलाल' अपने पाठकों से अपील करता है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें।

 

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