खबरीलाल टीम
उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले से भ्रष्टाचार और एक गरीब की बेबसी को उजागर करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकारें भले ही ग्रामीण विकास के लिए करोड़ों रुपये का बजट पास कर रही हों, लेकिन धरातल पर योजनाएं किस तरह दम तोड़ रही हैं, यह वायरल वीडियो साफ बयां कर रहा है। वीडियो में एक बुजुर्ग महिला ने अपने गांव के प्रधान पर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने और बाद में बेइज्जत कर घर से निकालने का आरोप लगाया है।
 

​क्या है पूरा मामला? (Key Allegations in Details)

​सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे प्रकरण में मुख्य रूप से दो महिलाओं ने ग्राम प्रधान पर संगीन आरोप लगाए हैं:
 

​1. शौचालय के नाम पर ₹2000 की रिश्वत और 3 साल का इंतजार

​वीडियो में दिखाई दे रही एक बुजुर्ग महिला ने रुंधे गले से अपनी आपबीती सुनाई है। महिला का स्पष्ट दावा है कि ग्राम प्रधान ने गांव में शौचालय (Toilet) बनवाने के नाम पर उससे 2000 रुपये की रिश्वत ली थी।
 
  • 3 साल का बहाना: महिला का आरोप है कि पैसे लेने के बावजूद प्रधान ने आज तक उसके घर में शौचालय का निर्माण नहीं कराया। पिछले 3 सालों से प्रधान लगातार यह बहाना बना रहा है कि "अभी ऊपर से फंड नहीं आया है।"
  • घर से धक्के मारकर निकाला: जब बुजुर्ग महिला के सब्र का बांध टूट गया और वह अपने हक़ या अपने पैसे वापस मांगने के लिए प्रधान के घर पहुंची, तो उसके साथ बेहद शर्मनाक सुलूक किया गया। आरोप है कि प्रधान और उसके भाई ने मिलकर बुजुर्ग महिला को बेइज्जत किया और धक्के मारकर अपने घर से बाहर निकाल दिया।

2. बेबस बुजुर्ग की आंखों से निकले आंसू और बद्दुआ

​कहा जाता है कि 'गरीब की हाय' बहुत बुरी होती है। अपना पैसा गंवाने और न्याय मांगने पर मिली जलालत से आहत बुजुर्ग महिला अपने आंसू नहीं रोक पाई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बेबसी और गुस्से में आकर उस बुजुर्ग महिला ने प्रधान द्वारा पैसे खाने और शौचालय ना बनाने पर उसे बद्दुआ (Curse) दी। महिला का यह दर्द देखकर सोशल मीडिया यूजर्स भी खासे आक्रोशित हैं।
 

​3. मकान के नाम पर ₹5000 की ठगी का दूसरा आरोप

​इस वायरल वीडियो में भ्रष्टाचार की कहानी केवल एक शौचालय तक सीमित नहीं है। वीडियो में मौजूद एक अन्य महिला ने भी कैमरे के सामने आकर प्रधान की पोल खोली है।
 
दूसरी महिला ने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान ने सरकारी मकान (संभवतः प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत) दिलाने के नाम पर उससे 5000 रुपये की मोटी रकम ऐंठी है। पैसे लेने के बाद भी आज तक न तो उसे मकान मिला है और न ही उसके पैसे वापस किए गए हैं।
 
​यूजर्स ने की गांव की पहचान, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
​जब यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, तो कई स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में इस गांव की पहचान उजागर की।
 
वायरल वीडियो की लोकेशन: यूजर्स के दावे के अनुसार, यह पूरा मामला बिजनौर जिले की नजीबाबाद तहसील (Tehsil Najibabad) के किरतपुर ब्लॉक (Block Kiratpur) के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बेगमपुर शादी उर्फ रामपुर (Begumpur Shadi alias Rampur) का है।
 
​नेटीजेंस लगातार इस वीडियो को शेयर करते हुए बिजनौर के जिलाधिकारी (DM Bijnor), उत्तर प्रदेश पुलिस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टैग कर रहे हैं। लोगों की मांग है कि:
 
  1. ​वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर तुरंत एक जांच कमेटी गठित की जाए।
  2. ​अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपी ग्राम प्रधान और उसके भाई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और बुजुर्ग महिला से बदसलूकी की धाराओं में सख्त मुकदमा दर्ज हो।
  3. ​पीड़ित महिलाओं को तत्काल प्रभाव से सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।
जमीनी हकीकत और सरकारी दावों के बीच का फासला
​यह घटना कोई इकलौता मामला नहीं है। अक्सर दूरदराज के गांवों से ऐसी शिकायतें आती रहती हैं जहां अनपढ़ और गरीब ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का डर या लालच दिखाकर पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि और बिचौलिए उनका शोषण करते हैं। 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत हर घर में इज्जत घर (शौचालय) और 'सबके लिए आवास' योजना का सपना तब तक पूरा नहीं हो सकता, जब तक भ्रष्टाचार की इन दीमकों पर कड़ी प्रशासनिक लगाम नहीं कसी जाती।
 
​फिलहाल, इस वायरल वीडियो के बाद बिजनौर के पंचायती राज विभाग और स्थानीय प्रशासन की तरफ से किसी आधिकारिक बयान या जांच के आदेश की प्रतीक्षा की जा रही है। देखना यह होगा कि बेगमपुर शादी गांव की इन बेबस महिलाओं की आवाज़ प्रशासन के कानों तक कब पहुंचती है और उन्हें न्याय कब मिलता है।
विज्ञापन
dhss