बिजनौर (रिपोर्टर: शकील अहमद / खबरीलाल न्यूज़ डेस्क): भारतीय समाज में रिश्तों को भगवान का रूप माना जाता है। भाई-बहन का रिश्ता तो सुरक्षा, विश्वास और स्नेह का सबसे पवित्र प्रतीक होता है। लेकिन क्या हो जब रक्षा करने वाला ही भक्षक बन जाए? उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले से एक ऐसी ही हृदयविदारक और इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है।READ ALSO:-मेरठ में सनसनीखेज वारदात: BJYM प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत में चल रही थी रैली, तभी गूंजी गोलियों की तड़तड़ाहट! बाल-बाल बचे युवक
बिजनौर के धामपुर थाना क्षेत्र (Dhampur Police Station) के एक गांव में रिश्तों की पवित्रता को तार-तार करते हुए एक 25 वर्षीय युवक ने अपनी ही सगी 13 वर्षीय नाबालिग बहन (मामा की बेटी) को अपनी हवस का शिकार बना डाला। इस घिनौनी वारदात के बाद से आरोपी फरार है और पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है। आइए, इस पूरी घटना को विस्तार से जानते हैं कि आखिर कैसे एक भाई ने विश्वासघात की सारी हदें पार कर दीं।
क्या है पूरा मामला? (The Incident Detail)
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह झकझोर देने वाली घटना बिजनौर जिले के धामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव की है। यहाँ रहने वाले एक परिवार की 13 वर्षीय मासूम किशोरी के साथ यह दरिंदगी हुई है।
आरोपी की पहचान अनुज (उम्र 25 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिजनौर के ही थाना नगीना देहात क्षेत्र के ग्राम किरतपुर का निवासी है। रिश्ते में आरोपी अनुज पीड़िता का सगा फुफेरा भाई (बुआ का लड़का) लगता है। अक्सर घरों में बुआ या मामा के बच्चों का आना-जाना लगा रहता है और ऐसे रिश्तों में परिवारों के बीच गहरा विश्वास होता है। इसी विश्वास का फायदा उठाते हुए आरोपी अनुज ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।
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— Bijnor Police (@bijnorpolice) July 20, 2026
थाना धामपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम नंगला गूंगा जैतरा में एक नाबालिक लडकी के साथ गलत कार्य किये जाने पर अभियोग पंजीकृत कर स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही के संबंध में क्षेत्राधिकारी धामपुर की बाइट ।#UPPolice pic.twitter.com/JJtsyNuZMm
बताया जा रहा है कि आरोपी ने मौका पाकर अपनी 13 वर्षीय नाबालिग बहन को अकेला पाया और डरा-धमका कर उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म (Rape) की घटना को अंजाम दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अनुज मौके से फरार हो गया, ताकि वह पुलिस की गिरफ्त से बच सके।
खौफ में मासूम, परिजनों को सुनाई आपबीती
इस खौफनाक घटना के बाद 13 वर्षीय मासूम पूरी तरह से सहम गई। दरिंदगी और डर के साये में उसने किसी तरह हिम्मत जुटाई और रोते-बिलखते हुए अपने परिजनों (माता-पिता) को फुफेरे भाई अनुज की इस घिनौनी करतूत के बारे में बताया।
अपनी ही सगी बुआ के बेटे द्वारा अपनी फूल-सी बच्ची के साथ की गई इस दरिंदगी की बात सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस रिश्तेदार को वे अपने घर का सदस्य मानते थे, उसी ने उनकी बेटी की जिंदगी तबाह कर दी थी। बिना समय गंवाए, पीड़ित परिवार ने समाज की परवाह किए बगैर न्याय के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया और धामपुर थाने पहुंचकर आरोपी अनुज के खिलाफ नामजद लिखित तहरीर (Complaint) दी।
पुलिस और प्रशासन का त्वरित एक्शन (Police Action)
परिजनों की गंभीर शिकायत और मामले में नाबालिग के शामिल होने (POCSO) की गंभीरता को देखते हुए धामपुर कोतवाली पुलिस तुरंत हरकत में आ गई।
क्षेत्राधिकारी (CO) धामपुर ने इस संवेदनशील मामले पर आधिकारिक बयान (Byte) देते हुए स्पष्ट किया है कि:
"हमें धामपुर थाना क्षेत्र से एक 13 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म की शिकायत प्राप्त हुई है। परिजनों द्वारा दी गई नामजद तहरीर के आधार पर आरोपी अनुज निवासी किरतपुर (नगीना देहात) के खिलाफ सुसंगत धाराओं और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। किशोरी को मेडिकल परीक्षण (Medical Examination) के लिए भेज दिया गया है। आरोपी फिलहाल फरार है, लेकिन पुलिस की कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में कठोर से कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।"
रिश्तों पर से उठ रहा है विश्वास: एक गंभीर सामाजिक समस्या
यह घटना केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि हमारे समाज के माथे पर एक गहरा कलंक है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े भी इस डरावने सच की तस्दीक करते हैं कि बाल यौन शोषण के अधिकांश मामलों में आरोपी कोई अनजान नहीं, बल्कि पीड़िता का करीबी रिश्तेदार, पड़ोसी या जान-पहचान वाला ही होता है।
जब घर की चारदीवारी के अंदर और अपनों के बीच ही बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो समाज किस दिशा में जा रहा है? फुफेरे भाई द्वारा अपनी ही मामा की बेटी के साथ किए गए इस जघन्य अपराध ने उन सभी माता-पिताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है जो अपने बच्चों को रिश्तेदारों के भरोसे छोड़ देते हैं। बच्चों को 'गुड टच' और 'बैड टच' (Good Touch & Bad Touch) की शिक्षा देना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है।
पॉक्सो एक्ट (POCSO Act): कानून में है सख्त सजा का प्रावधान
चूंकि पीड़िता की उम्र मात्र 13 वर्ष है, इसलिए इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम (Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012) की गंभीर धाराएं भी लगाई गई हैं।
पॉक्सो एक्ट के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों को बेहद गंभीरता से लिया जाता है।
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इस कानून के तहत मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट (Fast-track Court) में होती है।
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ऐसे मामलों में जमानत (Bail) मिलना बेहद मुश्किल होता है।
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नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास (उम्रकैद) से लेकर फांसी (Capital Punishment) तक की सजा का स्पष्ट प्रावधान है।
पुलिस और कानून अपना काम कर रहे हैं, लेकिन अब समाज की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस दरिंदे को कितनी जल्दी गिरफ्तार कर अदालत के कटघरे में खड़ा किया जाता है।
बिजनौर के धामपुर की यह घटना हम सभी के लिए एक खतरे की घंटी है। खबरीलाल न्यूज़ डेस्क प्रशासन और उत्तर प्रदेश पुलिस से यह पुरजोर अपील करता है कि फरार आरोपी अनुज को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाए। ऐसे मामलों में पुलिस की त्वरित और निष्पक्ष जांच ही पीड़ित मासूम और उसके परिवार को न्याय दिला सकती है। साथ ही, समाज को भी जागरूक होने की आवश्यकता है; बेटियों को चुप्पी तोड़ना सिखाएं और दरिंदों को बेनकाब करने में कोई संकोच न करें। अपराध सहना भी उतना ही बड़ा पाप है, जितना अपराध करना। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है, और खबरीलाल इस खबर के हर बड़े अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।