खबरीलाल टीम
बिजनौर (19 मई, 2026): वर्तमान की जटिल अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों और वैश्विक अर्थव्यवस्था में हो रहे भारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए, देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना हम सबकी सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। इसी कड़ी में माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा देशवासियों से एक बेहद खास और दूरदर्शी अपील की गई है—"आगामी कुछ महीनों तक बुलियन (ठोस सोना) और गोल्ड बार की खरीदारी से बचें।" इस राष्ट्रीय आह्वान को अमलीजामा पहनाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी के सख्त निर्देशों के बाद बिजनौर जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है।READ ALSO:-कहर बरपाने आ रही है भयंकर 'लू': बिजनौर में 22 मई के लिए रेड अलर्ट! जानें प्रशासन की महा-एडवाइजरी और खुद को बचाने के अचूक तरीके

 

राज्य कर विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस महकमे और स्थानीय सर्राफा व्यापारियों के बीच समन्वय स्थापित कर एक ऐतिहासिक पहल की गई है, जो पूरे देश के लिए एक नजीर बन सकती है। उपायुक्त (प्रशासन) राज्य कर बिजनौर, श्री संजय सिंह ने इस पूरी कार्ययोजना और बैठकों के दौर की विस्तृत जानकारी मीडिया से साझा की है।

 

आखिर क्यों की गई है सोना न खरीदने की अपील? (आर्थिक दृष्टिकोण)

अक्सर आम जनता के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर सोने की खरीद रोकने से देश का क्या भला होगा? इसे समझना बेहद आसान है:

 

  • विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव: भारत दुनिया के सबसे बड़े स्वर्ण आयातकों (Gold Importers) में से एक है। हम जो भी सोना खरीदते हैं, उसका एक बहुत बड़ा हिस्सा विदेशों से डॉलर (विदेशी मुद्रा) चुकाकर आयात किया जाता है।
  • अर्थव्यवस्था को मजबूती: जब हम बुलियन या गोल्ड बार खरीदते हैं, तो देश का पैसा (डॉलर के रूप में) विदेशों में चला जाता है। वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय संकट के समय में भारत को अपने विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) को बचाकर रखना अत्यंत आवश्यक है।
  • रुपये की साख: सोने के आयात में कमी आने से विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय रुपये को मजबूती मिलेगी।

 

अहम संदेश: "आपका एक छोटा सा त्याग, यानी कुछ समय के लिए सोने के बिस्कुट या बुलियन न खरीदना, देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक ढाल का काम कर सकता है।"

 

जिलाधिकारी कार्यालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक के मुख्य बिंदु

माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए थे कि वे तत्काल प्रभाव से स्थानीय ज्वैलर्स एसोसिएशन के साथ बैठक करें। इसी क्रम में बिजनौर में 16 मई, 2026 को शाम 5:30 बजे जिलाधिकारी कार्यालय के कक्ष में एक अति-महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

 

इस बैठक में जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ-साथ शहर के प्रमुख सर्राफा व्यापारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:

 

1. बुलियन और गोल्ड बार की बिक्री पर पूर्ण विराम: जिलाधिकारी महोदय ने स्पष्ट किया कि आयातित सोने का सबसे बड़ा हिस्सा बुलियन (ठोस सोने की ईंट या बिस्कुट) के रूप में बिकता है। इसलिए, सभी सर्राफा व्यापारियों से अपील की गई है कि वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए आगामी कुछ माह तक ग्राहकों को बुलियन व गोल्ड बार न बेचें।

 

2. पुराने स्वर्ण आभूषणों की 'रिसाइक्लिंग' (पुनर्निर्माण) को बढ़ावा: अगर किसी परिवार में शादी-ब्याह या अन्य आवश्यक कार्य के लिए आभूषणों की जरूरत है, तो प्रशासन ने इसका एक बेहतरीन विकल्प सुझाया है। जिलाधिकारी ने व्यापारियों से कहा कि वे ग्राहकों को उनके पुराने स्वर्ण आभूषणों को 'रिसाइकिल' या 'रिडिजाइन' कर नए आभूषण बनवाने के लिए प्रेरित करें। इससे लोगों की जरूरत भी पूरी हो जाएगी और विदेशों से नया सोना भी नहीं मंगाना पड़ेगा।

 

3. सोशल मीडिया और जन जागरूकता अभियान: बैठक के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने यह भी तय किया कि इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने के लिए केवल व्यापारियों का ही नहीं, बल्कि आम जनता का जागरूक होना भी जरूरी है। उन्होंने मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स के माध्यम से लोगों से अनावश्यक सोने की खरीद से बचने की अपील की।

 

सर्राफा एसोसिएशन ने दिखाई एकजुटता, देशहित में मिलाया हाथ

बिजनौर के सर्राफा व्यापारी हमेशा से समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाते आए हैं। इस बैठक में भी उन्होंने अपनी इसी परंपरा को कायम रखा। सर्राफा व्यापारी संगठन के समस्त पदाधिकारियों ने प्रशासन की चिंताओं को ध्यान से सुना और एक स्वर में आश्वस्त किया कि वे माननीय मुख्यमंत्री जी और प्रधानमंत्री जी के इस आह्वान के साथ पूरी तरह से खड़े हैं।

 

व्यापारियों ने भरोसा दिलाया है कि वे ग्राहकों को इस आर्थिक कूटनीति के बारे में समझाएंगे और उन्हें नया बुलियन खरीदने की बजाय पुराने गहनों को नया रूप देने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

 

बैठक में उपस्थित रहे प्रमुख अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति:

  • श्री संजय सिंह (उपायुक्त प्रशासन, राज्य कर, बिजनौर)
  • श्री शैलेन्द्र कुमार वार्ष्णेय (उपायुक्त राज्य कर खण्ड-2, बिजनौर)
  • श्री कपिल अग्रवाल सर्राफ (जिलाध्यक्ष, सर्राफा एसोसिएशन बिजनौर)
  • श्री विष्णु अग्रवाल (महामंत्री, सर्राफा एसोसिएशन)
  • श्री अक्षत अग्रवाल (मंत्री, सर्राफा एसोसिएशन)
  • एवं जिले के अन्य सम्मानित प्रमुख स्वर्ण व्यवसायी।

 

हम सबका एक ही संकल्प, मजबूत हो देश का अर्थतंत्र

बिजनौर जिला प्रशासन और सर्राफा व्यापारियों की यह संयुक्त पहल दर्शाती है कि जब राष्ट्र पर कोई वैश्विक आर्थिक दबाव आता है, तो सरकार और नागरिक मिलकर कैसे उसका सामना कर सकते हैं। अब जिम्मेदारी आम जनता की है। शादियों का सीजन हो या निवेश का विचार, हमें यह याद रखना होगा कि हमारा पैसा सिर्फ हमारा नहीं, बल्कि देश की आर्थिक धुरी का हिस्सा है।

 

प्रशासन ने सभी जनपदवासियों से विनम्र अपील की है कि वे इस मुहिम में अपना बहुमूल्य योगदान दें। सोने में निवेश करने के बजाय, वर्तमान में सरकार की अन्य सुरक्षित योजनाओं में निवेश करें और देश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने में भागीदार बनें।
विज्ञापन
dhss