खबरीलाल टीम
बागपत, उत्तर प्रदेश: जिले के ढिकौली गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर-2 में एक बेहद गंभीर और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां हिंदू समुदाय के तीन बच्चों, जिनमें भाई-बहन और उनकी पड़ोसी बच्ची शामिल हैं, को पानी की बोतल में पेशाब मिलाकर पिलाई गई। इस घिनौनी हरकत का आरोप उसी क्लास में पढ़ने वाले दूसरे समुदाय के दो बच्चों पर लगा है। बच्चों ने प्रिंसिपल के सामने कबूल किया कि उन्हें हिंदू बच्चों को टारगेट करने के लिए उकसाया गया था।READ ALSO:-जनपद बिजनौर: थाना स्योहारा पुलिस द्वारा अभियुक्त शादाव को एक अवैध तमंचे और 5 ज़िंदा कारतूस सहित गिरफ्तार

 

घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित बच्चों के परिजन सैकड़ों ग्रामीणों के साथ शुक्रवार सुबह स्कूल पहुंचे और जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि इस पूरी घटना में गांव का एक मौलवी शामिल है, जिसने बच्चों का ब्रेन वॉश किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी कार्रवाई का भरोसा देकर ग्रामीणों को शांत कराया।

 

तीन दिन से चल रही थी घिनौनी हरकत

पीड़ित बच्चों के पिता ने बताया कि कक्षा 2 में पढ़ने वाले उनके बेटे की पानी की बोतल से पिछले तीन दिन से बदबू आ रही थी। बच्चे ने पहले जानकारी न होने की बात कही। गुरुवार को लंच के समय बच्चे की बोतल अचानक गायब हो गई। जब वह बोतल तलाशते हुए बाथरूम के पास पहुंचा, तो उसने देखा कि उसकी क्लास में पढ़ने वाला दूसरे समुदाय का बच्चा उसकी बोतल में पेशाब कर रहा था

 

बच्चे ने तुरंत बोतल छीनी और प्रिंसिपल युद्धवीर सिंह को पूरी बात बताई। इसके बाद प्रिंसिपल ने आरोपियों के परिजनों को बुलाकर बच्चों से पूछताछ की। आरोपी बच्चों ने कबूल किया कि वे पिछले चार दिन से बोतल में पेशाब कर रहे थे।

 

पैरालिसिस के लक्षण और ब्रेन वॉश का गंभीर आरोप

पीड़ित बच्चों के घर पहुंचकर माता-पिता को पूरी बात बताई गई, जिसके बाद शुक्रवार सुबह सैकड़ों ग्रामीण और परिजन स्कूल पहुंच गए और बागपत पेशाब कांड मौलवी कनेक्शन को लेकर हंगामा करने लगे।

 

पीड़ित बच्चों के पिता ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी बेटी के चेहरे पर संक्रमण हो गया है, और उनके बेटे के आधे चेहरे पर पैरालिसिस के लक्षण दिख रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यह सब बोतल से गंदा पानी पीने के कारण हुआ है। परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि इस पूरी घटना के पीछे गांव का एक मौलवी है, जो बच्चों को इस तरह की गंदी हरकत करने के लिए उकसा रहा था।

 

15 अगस्त विवाद और मौलवी की संलिप्तता

स्कूल के प्रिंसिपल युद्धवीर सिंह ने भी मौलवी की संलिप्तता से इनकार नहीं किया है। प्रिंसिपल ने बताया कि छोटे बच्चों को ऐसी गंदी हरकत के बारे में जानकारी नहीं होती है, उन्होंने पास के ही स्कूल में पढ़ने वाले 15 साल के लड़के के कहने पर ऐसा किया।

 

प्रिंसिपल ने मौलवी पर शक जताते हुए एक पुरानी घटना का जिक्र किया:

  • "इस मौलवी ने 15 अगस्त को भी कुछ बच्चों को स्कूल में आने से रोक दिया था।"
  • बच्चों को मस्जिद में रोक लिया गया था, और जब उन्हें वापस बुलाया गया, तो वे आते ही 'अल्लाह हू अकबर' के नारे लगाने लगे थे। यह बागपत पेशाब कांड मौलवी कनेक्शन और 15 अगस्त के विवाद की कड़ी अब पुलिस जांच के घेरे में है। (Internal link to related article on child radicalization)

 

पुलिस कार्रवाई और 15 साल का नाबालिग हिरासत में

थाना चांदीनगर के इंस्पेक्टर अतर सिंह ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और दोषी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

 

इंस्पेक्टर अतर सिंह ने बताया कि 15 साल के नाबालिग लड़के को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ के बाद जिसका भी नाम सामने आएगा, उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है और मौलवी के एंगल से जांच कर रही है। 

 

बागपत के ढिकौली प्राइमरी स्कूल में हिंदू बच्चों को बोतल में पेशाब पिलाने के आरोप में हंगामा हुआ है। पीड़ित बच्चों के पिता ने अपने बेटे के चेहरे पर पैरालिसिस के लक्षण दिखने की बात कही है। आरोपी बच्चों ने मौलवी के उकसावे पर ऐसा करने की बात कबूल की। पुलिस ने 15 साल के नाबालिग को हिरासत में लिया है और बागपत पेशाब कांड मौलवी कनेक्शन की गहनता से जांच कर रही है।
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