उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के विकास और आधुनिकीकरण में एक और नया और शानदार अध्याय जुड़ने जा रहा है। मेरठ का सबसे प्रसिद्ध, प्रीमियम और आधुनिक माना जाने वाला 'आबूलेन बाजार' अब एक नए रूप में सामने आएगा। इस बाजार का विस्तार अब बेगमपुल के भूमिगत (Underground) हिस्से में भी होने जा रहा है। यात्रियों की सुविधा और शहर के व्यावसायिक अवसरों को एक नई उड़ान देने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने एक बहुत बड़ी व्यावसायिक पहल की है। इस नई और महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब मेरठ नमो भारत स्टेशनों पर दुकानें खोली जाएंगी। इसके लिए आधिकारिक तौर पर टेंडर (निविदा) प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कदम न केवल मेरठ के स्थानीय व्यापारियों और बड़ी कंपनियों के लिए एक सुनहरा अवसर है, बल्कि इससे रैपिड रेल (RRTS) में सफर करने वाले लाखों दैनिक यात्रियों को भी विश्वस्तरीय सुविधाएं सीधे स्टेशन परिसर में ही मिल सकेंगी।READ ALSO:-दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन की सुपर हिट रफ्तार: 1 लाख पार हुए यात्री, NCRTC ने बढ़ाए 18 नए फेरे, अब हर 5 मिनट में मिलेगी वातानुकूलित ट्रेन
बेगमपुल स्टेशन के भूमिगत हिस्से में आबूलेन का भव्य विस्तार
बेगमपुल स्टेशन मेरठ शहर का एक प्रमुख केंद्र और सबसे व्यस्त इलाका है। इसके ठीक पास स्थित आबूलेन बाजार शहर की वाणिज्यिक धड़कन माना जाता है। अब इस ऐतिहासिक और प्रीमियम बाजार की रौनक नमो भारत स्टेशन के अंदर भी देखने को मिलेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेगमपुल नमो भारत स्टेशन के भूमिगत हिस्से में विशेष रूप से व्यावसायिक (Commercial) गतिविधियों के लिए 3178 वर्ग मीटर का विशाल क्षेत्र आरक्षित किया गया है।

NCRTC ने इस पूरे कमर्शियल स्पेस का लाइसेंस देने के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं। जो भी मास्टर कंपनी या एजेंसी इस टेंडर को सफलतापूर्वक हासिल करेगी, उसे इस पूरे 3178 वर्ग मीटर क्षेत्रफल को अपनी योजना के अनुसार विकसित करने की पूरी छूट होगी। कंपनी यहां विभिन्न प्रकार के शोरूम, ब्रांडेड कपड़े के आउटलेट, इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानें और अन्य कमर्शियल स्टोर तैयार करके उन्हें आगे छोटे व्यापारियों को किराए (Rent) पर दे सकेगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि इतने बड़े आरक्षित क्षेत्र में 30 से अधिक अत्याधुनिक दुकानें और शोरूम बहुत आसानी से खुल सकेंगे, जो इस अंडरग्राउंड स्टेशन को एक शानदार शॉपिंग मॉल का रूप दे देंगे।
25 साल के लाइसेंस के साथ व्यापार का सुनहरा अवसर
बेगमपुल स्टेशन पर इस विशाल कमर्शियल स्पेस को हासिल करने वाली कंपनी को यह लाइसेंस 25 साल की लंबी और सुरक्षित अवधि के लिए दिया जाएगा। इतना ही नहीं, यदि कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहता है और वह सभी नियमों का उचित पालन करती है, तो इस लाइसेंस को आगे 5 साल का अतिरिक्त विस्तार (Extension) भी मिल सकता है।
इस बेहद आकर्षक और लाभदायक लाइसेंस को हासिल करने के लिए इच्छुक कंपनियों को प्रतिस्पर्धी बोली (Competitive Bidding) लगानी होगी। टेंडर की इस प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी रखा गया है। व्यवसाय से जुड़ी कंपनियां NCRTC की आधिकारिक वेबसाइट या फिर भारत सरकार के ई-टेंडर पोर्टल पर जाकर इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। यह लंबी अवधि का पट्टा (Lease) व्यापारियों को अपने व्यापार को पूरी तरह से स्थिर करने और भारी मुनाफा कमाने का एक सुरक्षित और बेहतरीन मौका प्रदान करेगा।
8 अन्य मेरठ नमो भारत स्टेशनों पर दुकानें खोलने की योजना
योजना केवल बेगमपुल स्टेशन तक ही सीमित नहीं है। शहर के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए मेरठ नमो भारत स्टेशनों पर दुकानें खोलने की योजना शहर के अन्य रैपिड रेल स्टेशनों तक भी फैलाई गई है। NCRTC ने मेरठ के 8 अन्य महत्वपूर्ण स्टेशनों पर मौजूद खाली कमर्शियल स्पेस की लाइसेंसिंग के लिए भी निविदाएं आमंत्रित की हैं।
इन 8 प्रमुख स्टेशनों की सूची इस प्रकार है:
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परतापुर स्टेशन
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रिठानी स्टेशन
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शताब्दीनगर स्टेशन
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भैंसाली स्टेशन
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एमईएस (MES) स्टेशन
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डोरली स्टेशन
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मेरठ नार्थ स्टेशन
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मोदीपुरम स्टेशन
इन सभी स्टेशनों पर 14 वर्ग मीटर की छोटी यूनिट (कियोस्क) से लेकर 128 वर्ग मीटर तक के बड़े कमर्शियल स्पेस व्यापारियों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। इससे छोटे स्तर के दुकानदारों और बड़े स्तर के ब्रांड्स, दोनों को अपने बजट के अनुसार व्यापार करने का समान और बेहतरीन अवसर प्राप्त होगा।
बेयर और बिल्ट-अप स्पेस के साथ लचीले लाइसेंसिंग नियम
बेगमपुल के मुकाबले इन 8 अन्य स्टेशनों पर लाइसेंस की अवधि थोड़ी अलग और लचीली (Flexible) रखी गई है। यहां व्यापारियों को अपनी आवश्यकता के अनुसार 9 वर्ष से लेकर 15 वर्ष तक की अवधि के लिए लाइसेंस मिल सकता है। NCRTC ने व्यापारियों की सहूलियत के लिए निविदा में मुख्य रूप से दो तरह के कमर्शियल स्पेस शामिल किए हैं:
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बेयर स्पेस (Bare Space): यह एक अनिर्मित और खाली जगह होगी, जहां व्यापारी अपनी ब्रांडिंग और इंटीरियर डिजाइन के हिसाब से खुद निर्माण कर सकते हैं।
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बिल्ट-अप स्पेस (Built-up Space): यह पहले से निर्मित संरचना के साथ मिलने वाली दुकान होगी, जहां व्यापारी तुरंत अपना सामान रखकर व्यापार शुरू कर सकते हैं।
किस तरह की कमर्शियल गतिविधियां होंगी संचालित?
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि इन नमो भारत स्टेशनों पर किस तरह की दुकानें या व्यवसाय संचालित किए जा सकेंगे? NCRTC के मास्टरप्लान के अनुसार, इन कमर्शियल स्थानों का मुख्य उपयोग यात्रियों की रोजमर्रा की जरूरतों और सुख-सुविधाओं से जुड़ी सेवाओं के लिए किया जाएगा।
यहां पर मुख्य रूप से निम्नलिखित गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी:
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शानदार फूड और बेवरेज आउटलेट्स (Food & Beverages)
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आधुनिक कॉफी शॉप्स और बेकरी कैफे
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कन्विनिएंस स्टोर्स (जहां दैनिक उपयोग का सामान मिलता हो)
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मोबाइल और गैजेट सर्विस सेंटर
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पाड सेवाएं (Pod Services - आराम करने की जगह)
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एटीएम और अन्य आवश्यक रिटेल गतिविधियां
इन सुविधाओं के शुरू होने से नमो भारत ट्रेन से सफर करने वाले दैनिक यात्रियों को अपने गंतव्य स्टेशन पर ही नाश्ता करने, कॉफी पीने या घर के लिए रोजमर्रा का सामान खरीदने की बेहतरीन सुविधा मिल जाएगी। इससे उन्हें स्टेशन से बाहर जाकर अलग से बाजार जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उनके कीमती समय की भारी बचत होगी।
रोजगार के अवसर और शहर की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट
मेरठ नमो भारत स्टेशनों पर दुकानें खुलने से केवल रैपिड रेल के यात्रियों को ही सहूलियत नहीं मिलेगी, बल्कि इससे मेरठ की स्थानीय अर्थव्यवस्था (Local Economy) को भी एक बहुत बड़ा बूस्ट मिलेगा। इतने सारे नए शोरूम, आउटलेट और कैफे खुलने से शहर के युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के सैकड़ों नए अवसर पैदा होंगे।
मेरठ जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक बहुत बड़ा व्यापारिक केंद्र है, इन आधुनिक ट्रांजिट हब (Transit Hubs) के माध्यम से अपनी एक नई राष्ट्रीय पहचान बनाएगा। दुनिया भर के बड़े और विकसित शहरों में मेट्रो और रैपिड स्टेशनों पर कमर्शियल हब होना एक आम बात है (जिसे Transit Oriented Development या TOD कहा जाता है), और अब मेरठ शहर भी इसी वैश्विक तर्ज पर बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारी संख्या में यात्रियों की दैनिक आवाजाही इन दुकानों के लिए एक स्थायी ग्राहक वर्ग (Footfall) सुनिश्चित करेगी, जिससे यहां व्यापार करना घाटे का सौदा नहीं होगा।
निष्कर्ष के तौर पर यह स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि NCRTC की यह कमर्शियल पहल मेरठ के इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यापारिक ढांचे की पूरी तस्वीर बदल कर रख देगी। बेगमपुल का भूमिगत बाजार और 8 अन्य मेरठ नमो भारत स्टेशनों पर दुकानें यात्रियों की यात्रा के अनुभव को एक बिल्कुल नए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाएंगी। 25 साल तक की लंबी लाइसेंसिंग अवधि बड़े कॉरपोरेट निवेशकों को भारी निवेश के लिए आकर्षित करेगी। जो भी कंपनियां, खुदरा विक्रेता या व्यापारी इस सुनहरे व्यावसायिक अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें बिना किसी देरी के चल रही टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लेना चाहिए। यह रैपिड रेल परियोजना और इसके कमर्शियल विस्तार मेरठ को दिल्ली-एनसीआर के सबसे स्मार्ट, आधुनिक और सुविधायुक्त शहरों की सूची में सबसे ऊपर ला खड़ा करेंगे।
मेरठ के प्रसिद्ध आबूलेन बाजार का विस्तार अब बेगमपुल नमो भारत स्टेशन के 3178 वर्ग मीटर अंडरग्राउंड हिस्से में होने जा रहा है, जहां 30 से अधिक अत्याधुनिक शोरूम और दुकानें खुलेंगी। इसे संचालित करने वाली कंपनी को 25 साल का लंबा लाइसेंस दिया जाएगा। इसके साथ ही, परतापुर, रिठानी और मोदीपुरम सहित 8 अन्य मेरठ नमो भारत स्टेशनों पर भी 14 से 128 वर्ग मीटर तक की छोटी-बड़ी दुकानें खोलने के लिए NCRTC ने आधिकारिक टेंडर आमंत्रित किए हैं। इन स्थानों पर कैफे, रिटेल और फूड आउटलेट्स खुलेंगे, जिससे रैपिड रेल के यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।