अगर आप थर्ड-पार्टी ऐप्स जैसे Truecaller के मनमाने नामों और लगातार आने वाले स्पैम कॉल्स (Spam Calls) से परेशान हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। सरकार की बहुप्रतीक्षित 'कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन' (CNAP) सर्विस का पायलट रन (ट्रायल) आखिरकार शुरू हो गया है। इस क्रांतिकारी सर्विस के लागू होने के बाद, जब भी कोई आपको कॉल करेगा, तो आपके फ़ोन की स्क्रीन पर उसका वह असली नाम दिखाई देगा, जो उसने सिम कार्ड खरीदते समय KYC (Know Your Customer) डॉक्यूमेंट्स में दिया था।READ ALSO:-Microsoft Azure का वैश्विक आउटेज, 365, Xbox और Portal हुए प्रभावित; DNS फेलियर बनी वजह
CNAP क्यों है Truecaller से बेहतर?
CNAP (Calling Name Presentation) सर्विस को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की सिफारिशों के बाद दूरसंचार विभाग (DoT) ने हरी झंडी दी है।
CNAP (Calling Name Presentation) सर्विस को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की सिफारिशों के बाद दूरसंचार विभाग (DoT) ने हरी झंडी दी है।
- स्पैम से सुरक्षा: वर्तमान में Truecaller जैसे ऐप्स जो नाम दिखाते हैं, वे क्राउडसोर्सिंग (Crowdsourcing) पर आधारित होते हैं, जो अक्सर गलत, आउटडेटेड या दुर्भावनापूर्ण (Malicious) होते हैं। CNAP सीधे टेलीकॉम ऑपरेटर डेटाबेस से नाम लेता है, जो KYC दस्तावेजों पर आधारित होता है, इसलिए यह 100% सटीक होगा।
- फ्रॉड पर लगाम: स्पैम कॉल्स, फ़िशिंग और साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) में शामिल अपराधियों की पहचान तुरंत हो सकेगी, जिससे साइबर क्राइम पर लगाम लगेगी।
- गोपनीयता: CNAP सेवा केवल कॉल प्राप्त करने वाले व्यक्ति को नाम दिखाएगी और यह डेटा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड (End-to-End Encrypted) होगा।
Jio और Vi ने हरियाणा में शुरू किया ट्रायल
CNAP सर्विस का पायलट रन (Pilot Run) चरणबद्ध तरीके से शुरू किया गया है:
CNAP सर्विस का पायलट रन (Pilot Run) चरणबद्ध तरीके से शुरू किया गया है:
- शुरुआत: Vodafone Idea (Vi) और Jio (Reliance Jio) ने मिलकर हरियाणा राज्य में CNAP सर्विस का ट्रायल शुरू कर दिया है।
- ट्रायल का उद्देश्य: इस पायलट रन के दौरान, DoT और टेलीकॉम कंपनियाँ तकनीकी पहलुओं, डेटा की गति और सर्विस की विश्वसनीयता का परीक्षण करेंगी।
CNAP रोलआउट की समय-सीमा:
दूरसंचार विभाग (DoT) को उम्मीद है कि CNAP का अखिल भारतीय रोलआउट 31 मार्च, 2026 तक हो जाएगा।
दूरसंचार विभाग (DoT) को उम्मीद है कि CNAP का अखिल भारतीय रोलआउट 31 मार्च, 2026 तक हो जाएगा।
- नया नियम: एक बार CNAP पूरी तरह से लागू हो जाने के बाद, यह सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों (Airtel, Jio, Vi, BSNL) के लिए अनिवार्य होगा कि वे कॉलर का सत्यापित नाम कॉल रिसीव करने वाले की स्क्रीन पर दिखाएँ।
TRAI और DoT का विजन
DoT और TRAI ने इस बात पर जोर दिया है कि CNAP सेवा उपभोक्ताओं को एक सुरक्षित और पारदर्शी संचार अनुभव प्रदान करने के लिए आवश्यक है।
DoT और TRAI ने इस बात पर जोर दिया है कि CNAP सेवा उपभोक्ताओं को एक सुरक्षित और पारदर्शी संचार अनुभव प्रदान करने के लिए आवश्यक है।
उपभोक्ताओं को राहत
CNAP का रोलआउट देश के करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए एक बड़ी राहत होगी, जो हर दिन अनचाही प्रमोशनल कॉल्स और स्कैमर्स (Scammers) से जूझते हैं।
CNAP का रोलआउट देश के करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए एक बड़ी राहत होगी, जो हर दिन अनचाही प्रमोशनल कॉल्स और स्कैमर्स (Scammers) से जूझते हैं।