नई दिल्ली (वेदर डेस्क): भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप झेल रहे उत्तर और मध्य भारत के लोगों के लिए मौसम विभाग से राहत और आफत, दोनों तरह की खबरें आ रही हैं। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत से उठा मॉनसून अब देश के अन्य हिस्सों की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 22 जून से 28 जून 2026 के दौरान भारत के करीब दो दर्जन (24) राज्यों में मौसम में भारी उथल-पुथल देखने को मिलेगी।READ ALSO:-राशन कार्ड धारकों के लिए सरकार का महा-तोहफा: अब ATM की तरह काम करेगा आपका राशन कार्ड, एक दुकान से लें गेहूं तो दूसरी से चावल; पढ़ें पूरी डिटेल
एक तरफ जहां कोंकण, मुंबई और दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में 'अत्यधिक भारी बारिश' का रेड अलर्ट जारी किया गया है, वहीं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों जैसे दिल्ली-NCR, पंजाब और उत्तर प्रदेश में धूल भरी आंधी और छिटपुट बौछारों के साथ मॉनसून की पूर्व-पीठिका (Pre-Monsoon) तैयार हो रही है। आइए, देश के सभी प्रमुख हिस्सों की विस्तृत वेदर रिपोर्ट पर नज़र डालते हैं।
दक्षिण भारत: केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में झमाझम बारिश और रेड अलर्ट
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मॉनसून इस समय अपने पूरे शबाब पर है। अरब सागर से आ रही नम हवाओं के कारण तटीय और अंदरूनी इलाकों में अगले कुछ दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।
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तटीय कर्नाटक में 'अत्यधिक भारी' आफत: तटीय कर्नाटक के कई हिस्सों में 26 और 27 जून के दौरान 'अत्यधिक भारी' (Extremely Heavy Rainfall) बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, उत्तरी अंदरूनी कर्नाटक में 26-28 जून और दक्षिणी अंदरूनी कर्नाटक में 25-28 जून के बीच मूसलाधार बारिश होगी।
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केरल और लक्षद्वीप: इन क्षेत्रों में 22 से 28 जून के दौरान व्यापक रूप से भारी बरसात का दौर जारी रहेगा, जिससे निचले इलाकों में जलभराव (Waterlogging) की स्थिति बन सकती है।
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आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु: तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 22 से 26 जून के दौरान 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की प्रबल आशंका है।
पूर्वी भारत: बिहार-झारखंड में 70KM की स्पीड से आंधी, बंगाल-ओडिशा में बाढ़ जैसे हालात
पूर्वी भारत में मॉनसून की रफ्तार सबसे तेज देखी जा रही है। बंगाल की खाड़ी से आ रहे बादलों के कारण बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में चक्रवाती हवाओं का असर रहेगा।
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बिहार और झारखंड में खतरनाक आंधी: मौसम विभाग के मुताबिक, बिहार में 22 और 25 जून को और झारखंड में 22 जून को 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से खतरनाक आंधी-तूफान आने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 70 किमी/घंटा तक जा सकती है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने का भी अलर्ट है, इसलिए लोगों को खेतों या पेड़ों के नीचे न रुकने की सलाह दी गई है।
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पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 'बहुत भारी' वर्षा: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में पूरे हफ्ते (22-28 जून) मूसलाधार बारिश होगी। विशेषकर 22-23 जून और 26-28 जून के बीच पहाड़ों में भूस्खलन (Landslide) का खतरा बढ़ गया है।
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ओडिशा: ओडिशा में भी 22-25 जून के बीच लगातार भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली-NCR, यूपी और पंजाब में धूल भरी आंधी व हल्की बारिश
उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में भी मॉनसून की दस्तक से पहले हवाओं का रुख बदल गया है। लोगों को भीषण लू (Heatwave) से तो राहत मिल गई है, लेकिन धूल और आंधी की समस्या बढ़ने वाली है।
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दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: दिल्ली-NCR, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 22 से 26 जून के दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से धूल भरी तेज हवाएं चलेंगी और कहीं-कहीं छिटपुट बौछारें पड़ने से मौसम सुहावना हो जाएगा।
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उत्तर प्रदेश और राजस्थान में धूल का गुबार: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान (पूर्वी व पश्चिमी) में 22-23 जून के दौरान 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ धूल भरी भयंकर आंधी आने की आशंका है, जिससे विजिबिलिटी (दृश्यता) प्रभावित हो सकती है।
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पहाड़ों पर ओलावृष्टि (Hailstorm): हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के कुछ पहाड़ी इलाकों में 22 जून को ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। उत्तराखंड में भी 22-25 जून के दौरान आंधी-तूफान और बिजली कड़कने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
पश्चिमी और मध्य भारत: मुंबई-कोंकण में भारी आफत, एमपी-छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने का डर
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कोंकण और गोवा: मुंबई सहित कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 22 से 28 जून के दौरान लगातार भारी से बहुत भारी बारिश होगी। मुंबई लोकल और हवाई यातायात पर इसका असर पड़ सकता है। गुजरात क्षेत्र में 22 जून को और मध्य महाराष्ट्र के पहाड़ी हिस्सों में 23 जून को भारी बारिश की आशंका है।
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मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: विदर्भ, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में 22 से 26 जून के दौरान मौसम मिलाजुला रहेगा। इन राज्यों में छिटपुट बौछारें तो गिरेंगी ही, साथ ही गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं।
एक नज़र में मौसम का पूरा हाल (22-28 जून 2026)
पाठकों की सुविधा के लिए देश के प्रमुख क्षेत्रों में मौसम की स्थिति को नीचे दी गई तालिका में संक्षेपित किया गया है:
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क्षेत्र / राज्य
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मुख्य वेदर इवेंट
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हवा की रफ्तार / अलर्ट
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संभावित तिथि
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तटीय कर्नाटक & केरल
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अत्यधिक भारी मूसलाधार बारिश
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50-60 किमी/घंटा (रेड अलर्ट)
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25 - 28 जून
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बिहार & झारखंड
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खतरनाक आंधी-तूफान, बिजली
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70 किमी/घंटा तक (ऑरेंज अलर्ट)
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22 और 25 जून
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दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा
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धूल भरी आंधी, छिटपुट बौछारें
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40-50 किमी/घंटा
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22 - 26 जून
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उत्तर प्रदेश & राजस्थान
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धूल का गुबार, तेज हवाएं
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50-60 किमी/घंटा
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22 - 23 जून
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मुंबई, कोंकण & गोवा
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लगातार भारी व्यापक बारिश
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40-50 किमी/घंटा (भारी आफत)
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22 - 28 जून
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हिमाचल & जम्मू-कश्मीर
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ओलावृष्टि और ठंडी हवाएं
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ओलों का अलर्ट
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22 जून (तत्काल)
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आईएमडी (IMD) की आम जनता के लिए जरूरी सावधानियां और गाइडलाइंस
मौसम में आ रहे इस अचानक और बड़े बदलाव को देखते हुए, मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेषकर आंधी और बिजली चमकने के दौरान निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
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बिजली चमकने के दौरान घर में रहें: यदि आप बिहार, झारखंड, यूपी या एमपी में हैं और तेज गरज-चमक हो रही है, तो तुरंत किसी पक्के मकान की शरण लें। भूलकर भी किसी अकेले पेड़, बिजली के खंभे या मोबाइल टावर के पास खड़े न हों।
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वाहनों को सुरक्षित पार्क करें: धूल भरी आंधी के दौरान पेड़ गिरने या होर्डिंग्स उखड़ने का खतरा रहता है। अपने वाहनों को कमजोर पेड़ों या जर्जर इमारतों के पास पार्क न करें।
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किसानों के लिए सलाह: जिन इलाकों में कटाई या बुआई का काम चल रहा है, वे मौसम के इस अलर्ट को देखकर ही खेतों में जाएं। ओलावृष्टि वाले क्षेत्रों में फसलों को बचाने के उपाय करें।
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यात्रा के दौरान सतर्कता: पहाड़ों (उत्तराखंड, हिमाचल) की यात्रा कर रहे पर्यटक भूस्खलन प्रवण क्षेत्रों (Landslide Zones) में जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन करें।
जून 2026 का यह आखिरी हफ्ता पूरे भारत के लिए मॉनसूनी बदलावों का हफ्ता होने वाला है। जहां एक तरफ यह बारिश खेती-किसानी के लिए वरदान साबित होगी और तपती गर्मी से निजात दिलाएगी, वहीं दूसरी तरफ आंधी-तूफान और बिजली गिरने जैसी घटनाएं जान-माल के नुकसान का कारण बन सकती हैं। सतर्कता ही सुरक्षा है; अपने शहर के मौसम की पल-पल की अपडेट के लिए स्थानीय समाचारों और मौसम विभाग के बुलेटिन पर नज़र बनाए रखें।