नई दिल्ली/शिमला: देश भर में जब 77वें गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) का जश्न मनाने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, वहीं मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 जनवरी 2026 के लिए उत्तर भारत, विशेषकर पहाड़ी राज्यों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Active Western Disturbance) के चलते मौसम विभाग ने 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया है, जिसका सीधा असर गणतंत्र दिवस समारोहों और लंबी छुट्टी पर निकले पर्यटकों पर पड़ने वाला है।READ ALSO:-मेरठ में यूजीसी के नए फरमान के खिलाफ बिगुल: 'समानता सर्वेक्षण' या सामाजिक विभाजन? युवा ब्राह्मण समाज ने विनियमन-2026 को बताया शिक्षा जगत के लिए 'काला अध्याय'
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की ऊंची चोटियों पर भारी बर्फबारी (Heavy Snowfall) की चेतावनी दी गई है, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश और शीतलहर का प्रकोप देखने को मिलेगा। इस बीच, प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए होटलों और टैक्सी संचालकों के लिए एक विशेष और सख्त एडवाइजरी जारी की है, जिसका मूल मंत्र है—"मुनाफा नहीं, मदद"।
इस विस्तृत रिपोर्ट में हम जानेंगे कि 26 जनवरी को आपके शहर का मौसम कैसा रहेगा, पर्यटकों के लिए क्या निर्देश हैं और आने वाले 2-3 दिनों में मौसम क्या गुल खिलाने वाला है।
गणतंत्र दिवस पर कुदरत का 'कोल्ड स्ट्राइक'
Mausam Update 26 January 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 26 जनवरी का दिन उत्तर भारत के लिए हड्डियों को जमा देने वाली ठंड लेकर आ रहा है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, हिमालयी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगा। इसका प्रभाव 25 जनवरी की रात से ही दिखना शुरू हो जाएगा, लेकिन 26 जनवरी को इसकी तीव्रता चरम पर होगी।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का दौर शुरू होने के साथ ही मैदानी इलाकों, विशेषकर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में बर्फीली हवाएं (Icy Winds) ठिठुरन बढ़ाएंगी। मौसम विभाग का कहना है कि यह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस इस सीजन का सबसे मजबूत सिस्टम हो सकता है।
हिमाचल प्रदेश: -18°C तक लुढ़केगा पारा, तूफानी हवाओं का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर रहने का अनुमान है। IMD के आंकड़ों के अनुसार, 26 जनवरी को राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में दिन के समय 45% और रात के समय 75% तक बर्फबारी की संभावना है। यह आंकड़ा बताता है कि गणतंत्र दिवस की रात पहाड़ पूरी तरह सफेद चादर में लिपट जाएंगे।
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तापमान में भारी गिरावट: राज्य के ऊपरी इलाकों में अधिकतम तापमान -13°C (माइनस 13 डिग्री) और न्यूनतम तापमान -18°C (माइनस 18 डिग्री) तक गिरने का अनुमान है। यह तापमान इतना कम है कि पानी की पाइपलाइन जमने और सड़कों पर 'ब्लैक आइस' (Black Ice) बनने का खतरा पैदा हो गया है।
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तेज हवाएं और बिजली: केवल बर्फबारी ही नहीं, बल्कि मौसम विभाग ने 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है। हवा की दिशा दक्षिण-पूर्व (South-East) से रहेगी और इसकी गति 4 mph तक सामान्य रह सकती है लेकिन झोंके तेज होंगे। इसके साथ ही कई स्थानों पर बिजली गिरने (Lightning) की भी आशंका जताई गई है।
पर्यटकों के लिए सख्त एडवाइजरी: 'मुनाफा नहीं, मदद'
पहाड़ों पर खराब मौसम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने एक सराहनीय और सख्त कदम उठाया है। आपदा प्रबंधन और पर्यटन विभाग ने संयुक्त रूप से होटलों, होम-स्टे और टैक्सी यूनियनों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी का थीम है—'मुनाफा नहीं, मदद' (Profit not, Help)।
प्रशासन के निर्देशों के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
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जबरन चेक-आउट पर रोक: होटलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यदि भारी बर्फबारी के कारण सड़कें बंद हो जाती हैं, तो किसी भी पर्यटक को होटल से चेक-आउट (Check-out) करने के लिए मजबूर न किया जाए। पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
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किराए में वृद्धि पर प्रतिबंध: आपदा या खराब मौसम को 'अवसर' मानकर पर्यटकों को लूटने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। होटल, टैक्सी या रेस्तरां संचालक तय दरों से अधिक किराया या सेवा शुल्क (Service Charge) नहीं वसूल सकेंगे। यदि कोई ऐसा करता पाया गया, तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
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यात्रा न करने की सलाह: प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे 26 और 27 जनवरी को अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेषकर उन रास्तों पर जहां बर्फबारी के कारण सड़क संपर्क टूटने (Road Connectivity issues) का खतरा है।
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हेल्पलाइन नंबर: प्रशासन ने पर्यटकों की सहायता के लिए 24x7 कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं।
यह एडवाइजरी उस समय आई है जब 26 जनवरी की लंबी छुट्टी (Long Weekend) के कारण बड़ी संख्या में पर्यटक हिमाचल और कश्मीर का रुख कर रहे हैं।
मैदानी इलाकों का हाल: कोहरा और शीतलहर
पहाड़ों पर बर्फबारी का सीधा असर मैदानी राज्यों पर पड़ेगा। Mausam Update 26 January 2026 के अनुसार:
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पंजाब और हरियाणा: 26 जनवरी की सुबह पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में 'घने से बहुत घना कोहरा' (Dense to Very Dense Fog) छाया रहेगा। इससे विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो सकती है, जिससे गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमों में खलल पड़ सकता है और यातायात प्रभावित होगा।
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शीतलहर (Cold Wave): राजस्थान के उत्तरी हिस्सों (चूरू, सीकर, बीकानेर) और हरियाणा में शीतलहर चलने की संभावना है। दिन का तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री नीचे रह सकता है।
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दिल्ली-NCR: राजधानी दिल्ली में 26 जनवरी को आसमान में बादल छाए रहेंगे और ठंडी हवाएं चलेंगी। हालांकि, बारिश की मुख्य गतिविधि 27 जनवरी से शुरू होगी, लेकिन 26 तारीख को भी मौसम ठंडा और नम रहेगा।
27-28 जनवरी: बारिश और ओलावृष्टि का दौर
मौसम विभाग ने केवल 26 जनवरी ही नहीं, बल्कि अगले दो दिनों के लिए भी चेतावनी जारी की है। 26 जनवरी को पहाड़ों पर शुरू हुआ यह सिस्टम 27 और 28 जनवरी को मैदानी इलाकों में अपनी ताकत दिखाएगा।
दिल्ली-NCR में बारिश: IMD के मुताबिक, 27 जनवरी को दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में गरज के साथ बारिश (Thunderstorm with Rain) होने के आसार हैं। यह बारिश पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने के कारण होगी। बारिश के कारण दिन के तापमान में 4°C से 8°C तक की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे 'कोल्ड डे' (Cold Day) जैसी स्थिति बन सकती है।
हिमाचल के इन जिलों में रेड अलर्ट: 27 जनवरी को हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में भारी से बहुत भारी बर्फबारी का अनुमान है। यह वह समय होगा जब अटल टनल (Atal Tunnel) और रोहतांग दर्रा जैसे मार्ग पूरी तरह बंद हो सकते हैं।
किसान और कृषि पर प्रभाव
इस बेमौसम बारिश और बर्फबारी का मिश्रित प्रभाव कृषि पर पड़ेगा:
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फायदेमंद: गेहूं और सरसों जैसी रबी फसलों के लिए हल्की बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी अमृत समान है। इससे जमीन में नमी बनी रहेगी और तापमान कम होने से गेहूं की पैदावार अच्छी होगी।
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नुकसान: यदि मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorm) होती है या बहुत तेज हवाएं चलती हैं, तो खड़ी फसलों के बिछने (Lodging) का खतरा है, जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है। बागवानी किसानों, विशेषकर सेब उत्पादकों के लिए यह बर्फबारी 'व्हाइट गोल्ड' साबित होगी क्योंकि सेब की फसल के लिए 'चिलिंग आवर्स' (Chilling Hours) की जरूरत होती है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा सावधानियां
मौसम में आ रहे इस बदलाव को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी सलाह जारी की है। तापमान में अचानक 4 से 8 डिग्री की गिरावट बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो सकती है।
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गणतंत्र दिवस परेड देखने जाने वाले: जो लोग सुबह परेड देखने खुले में जा रहे हैं, वे थ्री-लेयर वूलन (Three-layer woolens) पहनें। सिर और कान को ढककर रखें।
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हृदय रोगी: अत्यधिक ठंड खून को गाढ़ा करती है और ब्लड प्रेशर बढ़ाती है। दिल के मरीजों को सुबह की सैर (Morning Walk) से बचने और घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।
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ड्राइविंग: कोहरे के कारण दृश्यता कम रहेगी, इसलिए गाड़ियों में फॉग लैंप का इस्तेमाल करें और गति सीमा का पालन करें।
जश्न के साथ सतर्कता भी जरूरी
26 जनवरी 2026 का गणतंत्र दिवस मौसम के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। एक तरफ जहां पहाड़ों पर बर्फबारी पर्यटकों को लुभा रही है, वहीं प्रशासन की 'मुनाफा नहीं, मदद' की अपील यह याद दिलाती है कि प्रकृति के आगे सुरक्षा ही सबसे बड़ा उपाय है। Mausam Update 26 January 2026 स्पष्ट करता है कि अगले 48 से 72 घंटे उत्तर भारत के लिए मौसम के लिहाज से उथल-पुथल भरे रहेंगे।
पर्यटकों से अनुरोध है कि वे स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहें और मौसम विभाग के अपडेट्स को नजरअंदाज न करें। अगर आप पहाड़ों की यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो सड़क की स्थिति जांच कर ही घर से निकलें।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 जनवरी 2026 के लिए पहाड़ी राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और तापमान -18°C तक गिरने का अनुमान है। प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए होटलों को "मुनाफा नहीं, मदद" की नीति अपनाने और जबरन चेक-आउट न कराने का निर्देश दिया है। वहीं, 27-28 जनवरी को दिल्ली-NCR और पंजाब-हरियाणा में बारिश और तापमान में भारी गिरावट की संभावना है।