पुणे, महाराष्ट्र: पुणे-बेंगलुरु नेशनल हाईवे पर स्थित कुख्यात नवले ब्रिज (Navale Bridge) इलाके में आज शाम एक और भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। साढ़े पाँच बजे के करीब हुई इस दुर्घटना में दो बड़े कंटेनर ट्रकों और एक कार के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई, जिससे कई गाड़ियाँ एक-दूसरे से टकरा गईं और उनमें आग लग गई।READ ALSO:-अल फलाह यूनिवर्सिटी फंडिंग: दिल्ली ब्लास्ट के बाद ED का शिकंजा, जैश कनेक्शन और अरब से फंडिंग की आशंका
शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस पुणे नवले ब्रिज हादसा में अब तक 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि कम से कम 10 से 20 लोग घायल हुए हैं। हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है, क्योंकि एक निजी कार दोनों जलते हुए ट्रकों के बीच बुरी तरह से दब गई थी।
कैसे हुआ नवले ब्रिज पर इतना भीषण हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के शुरुआती बयानों के अनुसार, यह भीषण दुर्घटना सतारा रोड से पुणे की दिशा में आते समय हुई।
- कंटेनर का ब्रेक फेल: शुरुआती जाँच में पता चला है कि पुणे की ओर आ रहे एक कंटेनर ट्रक का ब्रेक फेल हो गया था।
- गाड़ियों में टक्कर: अनियंत्रित कंटेनर ने आगे चल रहे दो से तीन वाहनों को टक्कर मार दी।
- भीषण टक्कर और आग: इस टक्कर के कारण पीछे से आ रही एक कार दोनों कंटेनर ट्रकों के बीच बुरी तरह से फंस गई और कुचल गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दो कंटेनर ट्रकों और बीच में फंसी कार में तुरंत आग लग गई।
- मल्टी-व्हीकल कोलिजन: प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि छः से सात गाड़ियाँ आपस में टकरा गईं, हालांकि आग लगने की मुख्य घटना दो कंटेनर और एक कार के बीच हुई।
- इस पुणे नवले ब्रिज हादसा के बाद हाईवे पर दोनों तरफ लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, और धुएँ के बादल दूर से देखे जा सकते थे।
- राहत और बचाव कार्य
- दुर्घटना की सूचना मिलते ही, पुणे फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियाँ तत्काल घटनास्थल पर पहुँचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि उस पर काबू पाने में काफी समय लगा।
- मृत्यु की पुष्टि: पुलिस अधिकारियों ने अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जिनकी पहचान का काम जारी है।
- घायलों का अस्पताल में भर्ती: 10 से अधिक घायलों को नजदीकी दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल सहित विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
- हाईवे सील: पुलिस ने पूरे घटनास्थल को सील कर दिया है और हाईवे पर यातायात को अन्य वैकल्पिक मार्गों पर डाइवर्ट किया गया है, ताकि राहत और बचाव कार्य बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके।
नवले ब्रिज: हादसों का 'सेल्फी पॉइंट'
दुर्भाग्यवश, पुणे का नवले ब्रिज पिछले कुछ सालों से लगातार दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात रहा है। इस क्षेत्र को स्थानीय लोग 'एक्सीडेंट प्रोन ज़ोन' और कुछ लोग तो इसे 'मौत का पॉइंट' भी कहते हैं। इस ब्रिज पर अक्सर भारी वाहनों के ब्रेक फेल होने या तेज गति के कारण हादसे होते रहे हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
दुर्भाग्यवश, पुणे का नवले ब्रिज पिछले कुछ सालों से लगातार दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात रहा है। इस क्षेत्र को स्थानीय लोग 'एक्सीडेंट प्रोन ज़ोन' और कुछ लोग तो इसे 'मौत का पॉइंट' भी कहते हैं। इस ब्रिज पर अक्सर भारी वाहनों के ब्रेक फेल होने या तेज गति के कारण हादसे होते रहे हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञों ने लंबे समय से यहाँ ढलान को नियंत्रित करने, चेतावनी बोर्ड लगाने और भारी वाहनों के लिए स्पीड लिमिट को सख्ती से लागू करने की मांग की है। इस ताजा पुणे नवले ब्रिज हादसा ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुणे के नवले ब्रिज पर आज शाम हुआ भीषण सड़क हादसा अत्यंत दुखद है, जिसमें दो कंटेनरों के बीच कार के दबने और आग लगने से 9 लोगों की जान चली गई। पुणे नवले ब्रिज हादसा ने एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा मानकों की कमी और भारी वाहनों की तेज गति के खतरों को उजागर किया है। प्रशासन ने बचाव और राहत कार्य के बाद दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है।