खबरीलाल टीम
नई दिल्ली (मौसम डेस्क): देश की राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत (North India) में इन दिनों मौसम के तेवर बेहद आक्रामक हो गए हैं। अप्रैल का महीना ही मई और जून जैसी भीषण गर्मी का एहसास करा रहा है। सुबह सूरज निकलने के साथ ही आसमान से आग बरसने लगती है और दोपहर होते-होते लू (Heatwave) के थपेड़े लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर देते हैं। हालात यह हैं कि झुलसाने वाली इस गर्मी के चलते सड़कों पर अघोषित कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसरा हुआ है।READ ALSO:-बिजनौर के सरकारी अस्पताल में शर्मनाक वाकया: महज 200 रुपये की घूस लेते रंगे हाथों पकड़ी गई महिला डॉक्टर, CMO ने किया निलंबित

 

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, उत्तर भारत के ज्यादातर राज्य और जिले इस वक्त भीषण लू की चपेट में हैं। सबसे बुरा हाल उत्तर प्रदेश का है, जहाँ बांदा (Banda) जिले ने गर्मी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और यहाँ का पारा 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है, जिससे यह शहर सचमुच एक 'तंदूर' में तब्दील हो गया है। हालांकि, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से कुछ राहत की उम्मीद भी जताई है।

 

उत्तर प्रदेश के हालात: 30 से ज्यादा जिलों में लू का अलर्ट, झुलस रहा प्रदेश

उत्तर प्रदेश में गर्मी का रौद्र रूप सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। राज्य के 30 से अधिक जिलों में मौसम विभाग ने हीटवेव (Heatwave) का गंभीर अलर्ट जारी किया है।

 

  • बांदा में टूटा रिकॉर्ड: बुंदेलखंड इलाके में स्थित बांदा जिला पूरे प्रदेश में सबसे गर्म रहा। यहाँ का अधिकतम तापमान 47.4°C रिकॉर्ड किया गया।
  • इन जिलों में बुरा हाल: पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक—गाजियाबाद, बागपत, नोएडा (गौतम बुद्ध नगर), मेरठ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बलिया और आजमगढ़ जैसे जिलों में दिन और रात दोनों समय गर्मी का प्रचंड असर देखा जा रहा है।
  • स्कूलों के समय में बदलाव: बढ़ते पारे और बच्चों के स्वास्थ्य पर लू के खतरों को देखते हुए गाजियाबाद और कई अन्य जिलों के प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव के सख्त निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि अस्पतालों में हीटस्ट्रोक (Heatstroke) और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

 

दिल्ली-NCR: 43°C का तापमान, लेकिन 46°C से ज्यादा का एहसास

देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर (NCR) क्षेत्रों में गर्मी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। दिल्ली में तापमान लगातार सामान्य से कई डिग्री ऊपर बना हुआ है।

 

  • दिन और रात दोनों गर्म: दिल्ली में अधिकतम तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच झूल रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान (रात का तापमान) भी 24 से 26 डिग्री के बीच बना हुआ है, जिससे लोगों को रात में भी उमस और गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।
  • तपिश का टॉर्चर: कंक्रीट के जंगल और डामर की सड़कों के कारण 'हीट आइलैंड इफेक्ट' (Heat Island Effect) बन रहा है। सूरज की सीधी तपिश के कारण बाहर निकलने पर ऐसा लग रहा है मानो तापमान 46 डिग्री से भी अधिक हो। तेज गर्म हवाओं ने दुपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

 

पहाड़ भी हुए गर्म: हिमाचल प्रदेश में 'येलो अलर्ट' जारी

आमतौर पर अप्रैल-मई के महीनों में लोग मैदानी इलाकों की गर्मी से बचने के लिए पहाड़ों (हिल स्टेशनों) का रुख करते हैं, लेकिन इस बार पहाड़ भी तप रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में भी भीषण गर्मी पड़ रही है।

 

  • तापमान 42°C के पार: आईएमडी (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, हिमाचल के निचले और मैदानी इलाकों से सटे जिलों में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
  • येलो अलर्ट (Yellow Alert): मौसम विभाग ने ऊना, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी के कुछ इलाकों में भीषण लू चलने की आशंका को देखते हुए रविवार के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। ग्लोबल वार्मिंग और कम बर्फबारी के चलते पहाड़ों का इस तरह तपना पर्यावरणविदों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।

 

हरियाणा और पंजाब: झुलसाने वाली गर्मी से रोज़मर्रा के काम प्रभावित

कृषि प्रधान राज्य हरियाणा और पंजाब भी इस आसमानी आग से अछूते नहीं हैं। दोनों राज्यों में सुबह से लेकर देर शाम तक लू के थपेड़े चल रहे हैं।

 

  • हरियाणा का रोहतक सबसे गर्म: हरियाणा के ज्यादातर जिलों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री के पार है। शनिवार को रोहतक (Rohtak) राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कई स्थानों पर गंभीर हीटवेव की स्थिति बनी हुई है।
  • पंजाब के प्रमुख शहर बेहाल: पंजाब के ज्यादातर हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और रूपनगर जैसे बड़े व्यावसायिक शहरों में बढ़ती गर्मी ने रोजमर्रा के काम-काज और व्यापार को खासा प्रभावित किया है। संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ भी दिन और रात के समय पड़ रही भीषण गर्मी की चपेट में है।

 

आखिर कब मिलेगी इस 'आसमानी आग' से राहत?

झुलसते उत्तर भारत के लिए राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने मौसम में बदलाव की भविष्यवाणी की है।

 

आईएमडी के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तर पर पूर्वी हवाओं (Easterly Winds) के चलने और एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदलने वाला है।

 

  • 26 से 30 अप्रैल के बीच बारिश: मौसम विशेषज्ञों का पूर्वानुमान है कि 26 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।
  • आंधी-तूफान की संभावना: इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश (Rainfall) होने का पूर्वानुमान है। इसके साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की भी संभावना है।
  • पहाड़ों पर मौसम पलटेगा: हिमाचल प्रदेश में मंगलवार और बुधवार को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर सहित कई जिलों में आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के साथ बारिश होने का अनुमान है। इससे तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट आएगी और लोगों को लू की स्थिति से भारी राहत मिलेगी।

 

स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी: लू से कैसे बचें?

जब तक मौसम में बदलाव नहीं होता, तब तक चिकित्सा विशेषज्ञों ने आम जनता के लिए कुछ बेहद जरूरी स्वास्थ्य दिशा-निर्देश (Advisory) जारी किए हैं:

 

  1. हाइड्रेटेड रहें: प्यास न लगने पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। ओआरएस (ORS), नींबू पानी, छाछ, लस्सी और नारियल पानी का सेवन बढ़ाएं।
  2. धूप से बचें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। यदि निकलना जरूरी हो, तो सिर को छाते, टोपी या सूती गमछे से जरूर ढकें।
  3. पहनावा: हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें ताकि पसीना सूख सके।
  4. लक्षणों पर ध्यान दें: यदि चक्कर आना, बेहोशी, तेज सिरदर्द, अत्यधिक पसीना आना या उल्टी जैसी शिकायत हो, तो तुरंत ठंडी जगह पर जाएं और चिकित्सक से संपर्क करें।

 

उत्तर भारत के लोगों को अभी कुछ दिन और इस भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा, लेकिन महीने के अंत तक आने वाली बारिश निश्चित तौर पर तपती धरती और परेशान लोगों को सुकून पहुंचाएगी।
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