अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी के हालिया भारत दौरे और उनको मिले सम्मान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने इस "शानदार स्वागत" पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म {X} पर अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं। मुत्तकी की धार्मिक संस्था दारुल उलूम देवबंद की यात्रा भी विवादों में घिर गई है। जावेद अख्तर ने उन लोगों की आलोचना की जो आतंकवाद के खिलाफ बातें करते हैं, लेकिन तालिबान के प्रतिनिधि का स्वागत कर रहे हैं।READ ALSO:-Canara HSBC Life Insurance IPO: आज आखिरी दिन, सब्सक्रिप्शन स्टेटस और GMP अपडेट
पृष्ठभूमि: तालिबान प्रतिनिधि का भारत दौरा
आमिर खान मुत्तकी तालिबान सरकार में विदेश मंत्री हैं। वह हाल ही में भारत के दौरे पर आए, जहाँ उन्होंने कई आधिकारिक और धार्मिक मुलाक़ातें कीं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य अफगानिस्तान और भारत के बीच कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करना बताया गया है। मुत्तकी ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित इस्लामी शिक्षा के प्रतिष्ठित केंद्र दारुल उलूम देवबंद का भी दौरा किया। देवबंद में उनका भव्य स्वागत किया गया, जिससे कई राजनीतिक और सामाजिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं।
ताज़ा अपडेट: जावेद अख्तर ने \text{X} पर साधा निशाना
गीतकार जावेद अख्तर ने मुत्तकी के स्वागत पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने अपने {X} पोस्ट में लिखा, "जब मैं देखता हूँ कि दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन तालिबान के प्रतिनिधि का ये लोग स्वागत कर रहे हैं और सम्मान दे रहे हैं, जो आतंकवाद के खिलाफ भाषण देते नहीं थकते, तो मेरा सिर शर्म से झुक जाता है।"
उन्होंने आगे देवबंद पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि "देवबंद पर भी शर्म आती है कि उन्होंने ऐसे “इस्लामिक हीरो” का आदरपूर्वक स्वागत किया, जो उन्हीं लोगों में से हैं जिन्होंने लड़कियों की शिक्षा पर पूरी तरह पाबंदी लगा रखी है।" जावेद अख्तर ने तालिबान के दोहरे चरित्र पर कड़ा प्रहार किया।
I hang my head in shame when I see the kind of respect and reception has been given to the representative of the world’s worst terrorists group Taliban by those who beat the pulpit against all kind of terrorists . Shame on Deoband too for giving such a reverent welcome to their “…
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) October 13, 2025
तालिबान प्रतिनिधि का शिक्षा पर बयान
अफगानिस्तान में महिलाओं की शिक्षा पर अमीर ख़ान मुत्तक़ी से सवाल किया गया था। इस सवाल के जवाब में आमिर खान मुत्तकी ने एक बयान दिया। उन्होंने कहा, "इस समय हमारे स्कूलों और दूसरे शैक्षणिक संस्थानों में एक करोड़ स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि इनमें t{28} लाख महिलाएँ और लड़कियाँ हैं।
उन्होंने दावा किया कि धार्मिक मदरसों में स्नातक स्तर तक शिक्षा उपलब्ध है। मुत्तकी ने माना कि "कुछ ख़ास हिस्सों में कुछ सीमाएँ हैं।" लेकिन उन्होंने इस बात से इनकार किया कि वे शिक्षा का विरोध करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमने इसे धार्मिक रूप से 'हराम' घोषित नहीं किया है, "लेकिन इसे दूसरे आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।"
जनता और सोशल मीडिया प्रतिक्रिया
जावेद अख्तर के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई यूजर्स ने तालिबान के साथ किसी भी तरह के कूटनीतिक या धार्मिक संबंध का विरोध किया है। यूजर्स ने मुत्तकी के स्वागत पर नाराजगी जताई है। हालांकि, कुछ लोगों ने भारत सरकार की इस पहल को अफगानिस्तान में भारतीय हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है। देवबंद में हुए स्वागत को लेकर भी सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना हो रही है। लोगों का कहना है कि महिलाओं की शिक्षा पर तालिबान के प्रतिबंधों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
असर और आगे की दिशा
अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मुत्तकी का भारत दौरा भारत की 'कनेक्ट एंड एंगेज' नीति का हिस्सा माना जाता है। भारत सरकार का लक्ष्य अफगानिस्तान को मानवीय सहायता जारी रखना है। साथ ही, वे यह भी चाहते हैं कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए न हो। हालांकि, जावेद अख्तर की टिप्पणी ने नैतिक और राजनीतिक मतभेद को उजागर किया है। यह देखना होगा कि तालिबान प्रतिनिधिमंडल के सम्मान को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण आता है या नहीं।