खबरीलाल टीम
लखनऊ/नई दिल्ली: अगर आप एक से अधिक जगहों पर वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराने की सोच रहे हैं या अनजाने में ऐसा कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता सूची पुनरीक्षण (Matdata Suchi Punarikshan) अभियान के दौरान कड़े निर्देश जारी किए हैं। उत्तर प्रदेश समेत देश के 9 राज्यों में चल रहे इस विशेष अभियान के तहत, यदि कोई व्यक्ति दो स्थानों से गणना प्रपत्र भरता हुआ पाया गया, तो उसे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत एक साल की जेल और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।READ ALSO:-दिल्ली के 'गैस चैंबर' पर सुप्रीम कोर्ट का चाबुक: नवंबर-दिसंबर में स्कूलों में नहीं होंगे स्पोर्ट्स फंक्शन, मजदूरों को भत्ता और अब हर महीने होगी प्रदूषण पर सुनवाई

 

आज 19 नवंबर है और यह अभियान 4 दिसंबर तक चलेगा। यानी अपनी जानकारी दुरुस्त कराने के लिए आपके पास अब मात्र दो सप्ताह का समय बचा है।

 

डिजिटल पकड़ में आएंगे फर्जी वोटर

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया है कि इस बार मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी तरह से हाईटेक है। उन्होंने चेतावनी दी है कि डिजिटल सिस्टम के जरिए दोहरे पंजीकरण (Dual Registration) को पकड़ना अब बेहद आसान हो गया है।

 

अक्सर लोग गांव और शहर, दोनों जगहों की वोटर लिस्ट में अपना नाम रखते हैं। आयोग का कहना है कि यदि आपका नाम दो जगहों पर है, तो आप केवल एक ही स्थान (जहां आप वास्तव में रह रहे हैं) के लिए फॉर्म भरें। "एक व्यक्ति, एक वोट" के सिद्धांत को सख्ती से लागू करने के लिए यह कदम उठाया गया है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा-31 के तहत दोहरे पंजीकरण के लिए गलत जानकारी देना दंडनीय अपराध है।

 

मतदाता सूची पुनरीक्षण की महत्वपूर्ण तारीखें

उत्तर प्रदेश सहित मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, और गुजरात जैसे राज्यों में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) का काम युद्धस्तर पर जारी है।

 

  • अभियान की शुरुआत: 4 नवंबर, 2025
  • फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि: 4 दिसंबर, 2025
  • ड्राफ्ट (मसौदा) प्रकाशन: 9 दिसंबर, 2025
  • आपत्तियां दर्ज कराने का समय: 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक
  • अंतिम सूची का प्रकाशन: 7 फरवरी, 2026

 

सीईओ नवदीप रिणवा ने बताया कि 27 अक्टूबर को ही पुरानी सूची फ्रीज कर दी गई थी। अब जो भी बदलाव होंगे, वह नई प्रक्रिया के तहत ही मान्य होंगे। 

 

घर-घर पहुंच रहे हैं बीएलओ (BLO)

इस मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। बीएलओ आपके घर आकर गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं।

 

  • यदि आप घर पर नहीं हैं: तो आपके परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य आपकी ओर से जानकारी भरकर बीएलओ को फॉर्म सौंप सकता है।
  • नाम कटवाने के लिए: यदि परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु हो गई है या वह कहीं और शिफ्ट हो गया है, तो परिजनों को 'पीला फॉर्म' भरकर बीएलओ को देना होगा ताकि उनका नाम हटाया जा सके।

 

यह प्रक्रिया 321 जिलों और 1,843 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ चल रही है। इसका उद्देश्य एक त्रुटिरहित और पारदर्शी वोटर लिस्ट तैयार करना है।

 

ऑनलाइन भी कर सकते हैं आवेदन

डिजिटल इंडिया के दौर में मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए आपको सिर्फ बीएलओ पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग ने नागरिकों को ऑनलाइन सुविधा भी दी है। आप आयोग के आधिकारिक पोर्टल https://voters.eci.gov.in पर जाकर अपना गणना फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं और उसे भरकर ऑनलाइन ही सबमिट कर सकते हैं।

 

इसके अलावा, अगर आपको कोई शंका है या आप यह जानना चाहते हैं कि आपका नाम लिस्ट में है या नहीं, तो आप हेल्पलाइन नंबर 1950 या 1800-180-1950 पर कॉल कर सकते हैं। 
 

इन राज्यों में चल रहा है अभियान

विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण का यह दूसरा चरण देश के 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहा है। इनमें शामिल हैं:

 

  • राज्य: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, राजस्थान, तमिलनाडु।
  • केंद्र शासित प्रदेश: अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप और पुडुचेरी।

 

लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वच्छ मतदाता सूची का होना अनिवार्य है। मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान न केवल प्रशासन का काम है, बल्कि यह जनता की जिम्मेदारी भी है। 4 दिसंबर की तारीख नजदीक है, इसलिए अंतिम समय की भागदौड़ से बचें और आज ही यह सुनिश्चित करें कि आपका नाम केवल एक ही जगह की सूची में दर्ज है। याद रखें, गलत जानकारी देने पर जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
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