नई दिल्ली/पटना: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले, चुनाव आयोग (Election Commission of India - ECI) ने मतदान और मतगणना प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और एकरूपता लाने के मकसद से एक बड़ा बदलाव किया है।READ ALSO:-लखनऊ में 9वीं के छात्र पर FIR, स्कूल से भी सस्पेंड; सोशल मीडिया पर धर्म विशेष पर की थी आपत्तिजनक पोस्ट
अब नई व्यवस्था के तहत, ईवीएम (EVM) या वीवीपीएटी (VVPAT) की दूसरे अंतिम चरण (Second Last Round) की गिनती तभी शुरू होगी, जबकि पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी हो जाए।
क्या था नियम में बदलाव का कारण?
पहले, मतगणना वाले दिन पोस्टल बैलेट की गिनती सुबह 8 बजे और ईवीएम की गिनती सुबह 8:30 बजे शुरू होती थी। पुराने निर्देशों के तहत, सैद्धांतिक रूप से ईवीएम की गिनती पोस्टल बैलेट की गिनती से पहले पूरी हो सकती थी, जिससे परिणामों को लेकर भ्रम की स्थिति बन सकती थी।
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बढ़ते पोस्टल बैलेट: चुनाव आयोग ने पिछले कुछ सालों में दिव्यांगजनों और 85 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर से मतदान की पहल की है, जिसके कारण पोस्टल बैलेट की संख्या में खासी वृद्धि हुई है।
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ईवीएम और पोस्टल बैलेट की गिनती में सामंजस्य स्थापित करने और प्रक्रिया में अधिक स्पष्टता लाने के मकसद से आयोग ने यह कदम उठाया है।
बिहार चुनाव से लागू होगी नई व्यवस्था
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह नई प्रक्रिया सबसे पहले बिहार विधानसभा चुनाव में लागू की जाएगी, जहाँ नवंबर में चुनाव होने हैं।
आयोग ने रिटर्निंग अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि जिन मामलों में पोस्टल बैलेट की संख्या बहुत अधिक है, वहाँ यह सुनिश्चित किया जाए कि पर्याप्त संख्या में टेबल और मतगणना कर्मचारी उपलब्ध हों, ताकि गिनती में कोई देरी न हो।
चुनाव आयोग की ओर से यह कदम चुनावी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और बेहतर बनाने के लिए पिछले छह महीनों में की गई 30वीं पहल है। आयोग ने पहले ही वेबकास्टिंग और टेक्नोलॉजी के बेहतर उपयोग जैसे कई उपाय लागू किए हैं।