खबरीलाल टीम
दिल्ली में लाल किले के पास हुई कार में भीषण धमाके की जांच अब देश की सबसे बड़ी आतंकवाद विरोधी एजेंसी नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। गृह मंत्रालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया। इस घटना के तार फरीदाबाद में भंडाफोड़ हुए एक 'व्हाइट कॉकॉलर' आतंकी मॉड्यूल से जुड़ रहे हैं। जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि इस मॉड्यूल का सरगना डॉ. उमर मोहम्मद था, जिसने ही I-20 कार में खुद को उड़ा लिया। दिल्ली धमाका एनआईए जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिसमें अब तक छह डॉक्टरों को हिरासत में लिया गया है।READ ALSO:-दिल्ली धमाके पर बहुत बड़ा खुलासा: डॉ. उमर ही था मास्टरमाइंड, फरीदाबाद मॉड्यूल के भंडाफोड़ से बौखलाहट में दिया अंजाम
 

डॉक्टर्स का आतंकी मॉड्यूल: उच्च शिक्षित युवा शामिल
जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल मुख्य रूप से उच्च शिक्षित पेशेवरों, खासकर डॉक्टरों का एक नेटवर्क था। अब तक की कार्रवाई में पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने दो पुरुष डॉक्टरों (डॉ. मुजम्मिल अहमद गनाई और डॉ. आदिल अहमद राथर) समेत कुल छह लोगों को हिरासत में लिया है। इस मॉड्यूल के सदस्यों पर पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे आतंकी संगठनों से निर्देश लेने का शक है।
 
 
  •  मास्टरमाइंड डॉ. उमर: पुलवामा का रहने वाला डॉ. उमर मोहम्मद ही कथित तौर पर इस मॉड्यूल का सरगना था। सूत्रों के अनुसार, फरीदाबाद में अपने सहयोगियों की गिरफ्तारी और 2,900 किलोग्राम विस्फोटक की बरामदगी से बौखलाकर उसने यह फिदायीन हमला किया।
  •  महिला डॉक्टर का रोल: हिरासत में ली गई एक महिला डॉक्टर भी शामिल है। लखनऊ की डॉ. शाहीन शाहिद पर आतंकी संगठन जैश की महिला विंग (जमात उल-मोमिनात) के लिए भारत में भर्ती करने का आरोप है। उनकी कार से एक असॉल्ट राइफल (AK-47 जैसी) भी बरामद हुई थी। 

 

NIA के हाथ में जांच: बड़े खुलासे की उम्मीद
गृह मंत्रालय ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली धमाका एनआईए जांच के आदेश दिए हैं। एनआईए अब दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज किए गए आतंकवाद और विस्फोटक अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज मामले को आगे बढ़ाएगी।
 

एनआईए अब इस बात पर ध्यान केंद्रित करेगी कि:
 मॉड्यूल को फंडिंग और हथियार कहाँ से मिल रहे थे।
  •  क्या विस्फोट से पहले दिल्ली-एनसीआर में कोई और बड़ा हमला करने की योजना थी।
  •  यह 'व्हाइट कॉलर' नेटवर्क देश के अन्य हिस्सों में कितना फैला हुआ है।
  •   यह जांच इस तरह के नए और शिक्षित आतंकी नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण है। 

 

दिल्ली धमाका एनआईए जांच अब आतंकवाद के एक नए और खतरनाक पहलू—पढ़े-लिखे युवाओं के कट्टरपंथीकरण—को उजागर करने की दिशा में बढ़ गई है। डॉ. उमर द्वारा अंजाम दिए गए इस हमले ने साबित किया है कि आतंकी संगठन अब उच्च शिक्षित पेशेवरों को निशाना बना रहे हैं। छह डॉक्टरों की हिरासत और भारी मात्रा में विस्फोटक की बरामदगी बताती है कि यह एक बड़ी साजिश थी। अब एनआईए को इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करके देश की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।
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