नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India - SBI) ने अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बड़ी घोषणा की है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा हाल ही में मौद्रिक नीति में की गई कटौती का असर अब दिखने लगा है। SBI ने अपनी लेंडिंग (Lending) और डिपॉजिट (Deposit) दोनों दरों में संशोधन किया है।READ ALSO:-मजदूरों को सरकार का बड़ा तोहफा: MGNREGA का नाम अब 'पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना'; दिहाड़ी बढ़कर ₹240, काम के दिन भी हुए 125—जानें क्या बदला?
जहां एक तरफ बैंक ने लोन की ब्याज दरों में कटौती कर घर और गाड़ी खरीदने वालों को बड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर ब्याज दरें घटाकर बचत करने वालों को थोड़ा निराश किया है। ये नई दरें 15 दिसंबर 2025 से प्रभावी होंगी।
लोन हुआ सस्ता: EMI का बोझ होगा कम
अगर आप लंबे समय से अपने सपनों का घर खरीदने की योजना बना रहे थे, तो यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ला सकती है। SBI ने अपने 'एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड रेट' (EBLR) में सीधे 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) की कटौती की है।
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EBLR की नई दर: 7.90% (पहले 8.15%)
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MCLR में कटौती: बैंक ने 'मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट' (MCLR) में भी सभी अवधि (Tenures) के लिए 5 बेसिस पॉइंट्स की कमी की है। एक साल का MCLR अब 8.70% हो गया है, जो पहले 8.75% था।
इसका आप पर क्या असर होगा? EBLR घटने का सीधा मतलब है कि फ्लोटिंग रेट पर लिए गए सभी लोन, जैसे होम लोन (Home Loan) और पर्सनल लोन की ब्याज दरें कम हो जाएंगी। इससे आपकी मासिक किस्त (EMI) में कमी आएगी।
उदाहरण के लिए, अगर आपका 30 लाख रुपये का होम लोन 20 साल के लिए चल रहा है, तो 0.25% की कटौती से आपको पूरे कार्यकाल में लाखों रुपये की बचत हो सकती है।
FD निवेशकों को झटका: कम मिलेगा ब्याज
कर्जदारों को राहत देने के साथ-साथ, बैंक ने जमाकर्ताओं (Depositors) के लिए ब्याज दरों में कैंची चलाई है। लिक्विडिटी की स्थिति को देखते हुए टर्म डिपॉजिट्स पर ब्याज दरों को संशोधित किया गया है।
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अमृत वृष्टि स्कीम (Amrit Vrishti Scheme): SBI की लोकप्रिय 444 दिनों की एफडी स्कीम पर ब्याज दर में 15 बेसिस पॉइंट्स की भारी कटौती की गई है।
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पुरानी दर: 6.60%
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नई दर: 6.45%
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2 से 3 साल की FD: इस अवधि की एफडी पर ब्याज दर 5 बेसिस पॉइंट्स घटाकर 6.40% कर दी गई है (पहले 6.45%)।
बैंक ने स्पष्ट किया है कि अन्य मैच्योरिटी बकेट (Maturity Buckets) की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन, सबसे ज्यादा निवेश आकर्षित करने वाली 'अमृत वृष्टि' स्कीम में कटौती से उन निवेशकों को नुकसान होगा जो एफडी के जरिए नियमित आय की उम्मीद करते हैं।
बाजार पर इसका असर
SBI द्वारा उठाया गया यह कदम बैंकिंग सेक्टर के लिए एक संकेत है। आमतौर पर, जब SBI दरें बदलता है, तो HDFC, ICICI और PNB जैसे अन्य बैंक भी इसका अनुसरण करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लोन सस्ता होने से रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल और एमएसएमई (MSME) सेक्टर में मांग बढ़ेगी।
ग्राहकों के लिए सलाह
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कर्जदारों के लिए: अगर आपका लोन पुराने बेस रेट या MCLR पर चल रहा है, तो आप बैंक से संपर्क करके अपने लोन को नए EBLR से लिंक करवा सकते हैं ताकि आपको घटी हुई दरों का तुरंत फायदा मिले।
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निवेशकों के लिए: चूंकि नई दरें 15 दिसंबर से लागू हो रही हैं, इसलिए अगर आप एफडी कराने की सोच रहे हैं, तो 14 दिसंबर तक निवेश करके आप पुरानी (ज्यादा) ब्याज दरों का लाभ लॉक कर सकते हैं।
SBI का यह फैसला (SBI Interest Rate 2025) अर्थव्यवस्था में सुधार और आरबीआई की नीतियों के अनुरूप है। 15 दिसंबर से होम लोन और पर्सनल लोन लेना सस्ता हो जाएगा, जिससे मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, एफडी पर घटती ब्याज दरें यह संकेत देती हैं कि अब सुरक्षित निवेश पर उच्च रिटर्न पाना थोड़ा मुश्किल होता जा रहा है।