खबरीलाल टीम
देश भर के आम नागरिकों और गृहिणियों की नजरें हर दिन पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों पर टिकी होती हैं। इन दिनों अंतरराष्ट्रीय बाजार में जिस तरह से कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी हुई है, उसे देखकर यह डर सता रहा था कि घरेलू गैस सिलेंडर (Domestic LPG Cylinder) भी कहीं आम आदमी के बजट से बाहर न हो जाए।READ ALSO:-मौसम का डबल अटैक: उत्तर भारत में आसमान से बरस रही 'आग', तो यूपी-बिहार समेत 13 राज्यों में भारी बारिश और तूफान का 'रेड अलर्ट'

 

आज यानी गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 की सुबह देश की प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों (IOCL, HPCL, BPCL) ने एलपीजी गैस सिलेंडर के नए भाव (LPG Price Update) अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट कर दिए हैं। पश्चिम एशिया (Middle East) के भारी तनाव और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) में मची भयंकर हलचल के कारण दुनिया भर में ईंधन की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। लेकिन, भारत सरकार की रणनीतिक तैयारियों के चलते घरेलू मोर्चे पर महंगाई का यह बम फूटने से बच गया है।

 

घरेलू गैस के दाम स्थिर, लेकिन कमर्शियल ने तोड़ी कमर

आज 23 अप्रैल को जारी रेट कार्ड के अनुसार, घरेलू एलपीजी (14.2 किलोग्राम) सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आखिरी बार मार्च के महीने में घरेलू सिलेंडर की कीमतों में ₹60 की मामूली बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद से सरकार ने इसके दाम पूरी तरह से स्थिर रखे हुए हैं।

 

हालांकि, दूसरी ओर व्यापारिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल सिलेंडर (19 किलोग्राम) की स्थिति बेहद खराब है। मार्च और अप्रैल के महीनों को मिलाकर कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में अब तक करीब ₹340 से अधिक का भारी-भरकम इजाफा हो चुका है। लगातार बढ़ती इन कीमतों ने रेस्टोरेंट, ढाबा मालिकों, बेकरी और छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ कर रख दी है, जिसका सीधा असर अब बाहर खाने-पीने की चीजों (Food Inflation) की कीमतों पर दिखने लगा है।

 

देश के प्रमुख शहरों में LPG गैस सिलेंडर का आज का भाव (23 अप्रैल 2026)

तेल कंपनियों द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार, देश के विभिन्न शहरों में 14.2 किलो (घरेलू) और 19 किलो (कमर्शियल) गैस सिलेंडर के भाव इस प्रकार हैं:
 
शहर का नाम (City)
घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 Kg)
कमर्शियल गैस सिलेंडर (19 Kg)
नई दिल्ली (New Delhi)
₹913.00
₹2,078.50
मुंबई (Mumbai)
₹912.50
₹2,031.00
कोलकाता (Kolkata)
₹939.00
₹2,208.50
चेन्नई (Chennai)
₹928.50
₹2,246.50
नोएडा (Noida)
₹910.50
₹2,078.50
गुड़गांव (Gurugram)
₹921.50
₹2,096.50
लखनऊ (Lucknow)
₹950.50
₹2,201.00
जयपुर (Jaipur)
₹916.50
₹2,106.00
चंडीगढ़ (Chandigarh)
₹922.50
₹2,099.50
पटना (Patna)
₹1,002.50
₹2,353.50
बेंगलुरु (Bengaluru)
₹915.50
₹2,161.00
हैदराबाद (Hyderabad)
₹965.00
₹2,320.50
भुवनेश्वर (Bhubaneswar)
₹939.00
₹2,245.00
 
(नोट: ऊपर दिए गए भाव सांकेतिक हैं, आपके इलाके में होम डिलीवरी चार्ज या स्थानीय टैक्स के कारण अंतिम कीमत में मामूली अंतर हो सकता है।)

 

क्यों लगी है कीमतों में आग? होर्मुज जलडमरूमध्य का पूरा गणित

अगर आप सोच रहे हैं कि कमर्शियल गैस के दाम अचानक इतने क्यों बढ़ रहे हैं, तो इसका जवाब वैश्विक भू-राजनीति (Global Geopolitics) में छिपा है। वर्तमान में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर है। इस टकराव के कारण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) लगभग बंद होने की कगार पर है।

 

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज समुद्र का वह संकरा रास्ता है, जहां से दुनिया भर के कुल कच्चे तेल और लिक्विफाइड प्राकृतिक गैस (LNG) का एक बहुत बड़ा हिस्सा गुजरता है। अमेरिका द्वारा कई ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी गई है, जिससे समुद्री मालवाहक जहाजों (Cargo Ships) और तेल टैंकरों की आवाजाही पूरी तरह ठप पड़ गई है। सप्लाई चेन में आई इसी भयंकर कमी और अनिश्चितता ने भारत सहित दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों में आग लगा दी है, जिससे एलपीजी और क्रूड ऑयल की दरें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

 

सरकार का नया मास्टरस्ट्रोक: 'फ्यूल प्राइस स्टेबलाइजेशन मैकेनिज्म'

अंतरराष्ट्रीय बाजार में 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुके कच्चे तेल की स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने एक बड़ा कूटनीतिक और आर्थिक कदम उठाने की तैयारी कर ली है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, सरकार जल्द ही देश में एक 'फ्यूल प्राइस स्टेबलाइजेशन मैकेनिज्म' (Fuel Price Stabilization Mechanism - ईंधन मूल्य स्थिरीकरण तंत्र) लाने की योजना बना रही है।

 

क्या होगा इसका फायदा? इस तंत्र का मुख्य उद्देश्य भारतीय उपभोक्ताओं को वैश्विक बाजार के अचानक आने वाले झटकों (Price Shocks) से बचाना है। इसके लागू होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होने पर भी देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम रातों-रात नहीं बढ़ेंगे। सरकार एक विशेष फंड के जरिए इस घाटे की भरपाई करेगी, ताकि देश में महंगाई नियंत्रण में रहे और आम आदमी के बजट पर सीधा प्रहार न हो।

 

रिफाइनरियों के लिए 'इमरजेंसी' आदेश: "प्राथमिकता केवल भारतीय रसोई"

देश में गैस या ईंधन की कोई कमी न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने अपनी आपातकालीन शक्तियों (Emergency Powers) का उपयोग किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से देश की सभी सरकारी और निजी रिफाइनरियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे एलपीजी (LPG) का उत्पादन अपनी अधिकतम क्षमता (Maximum Capacity) पर करें।

 

इसके साथ ही सरकार ने 'इंडिया फर्स्ट' (India First) की तर्ज पर साफ कर दिया है कि भारत अपने पड़ोसी देशों (जैसे नेपाल, भूटान, श्रीलंका) को ईंधन का निर्यात केवल तभी करेगा जब देश के भीतर हमारी जरूरत से ज्यादा 'सरप्लस स्टॉक' (Surplus Stock) मौजूद होगा। सरकार का स्पष्ट मंत्र है— "प्राथमिकता केवल 'भारतीय रसोई' है।"

 

पीएनजी (PNG) अपनाइए, झंझट भगाइए: सरकार का नया और सख्त रुख

विदेशी आयात (Import Dependency) पर भारत की निर्भरता को कम करने और रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार अब शहरी और अर्ध-शहरी घरों को तेजी से पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) की ओर शिफ्ट होने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

 

हाल ही में लागू किए गए पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश के तहत एक नया नियम भी सख्ती से लागू किया जा रहा है। जिन आवासीय कॉलोनियों, सोसायटियों और घरों में पीएनजी की पाइपलाइन बिछ चुकी है और गैस सप्लाई चालू है, वहां के उपभोक्ताओं को अब एलपीजी सिलेंडर रखने या उसे रिफिल कराने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना ही होगा। सरकार का यह कदम न केवल विदेशी मुद्रा भंडार को बचाएगा, बल्कि उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक करने और डिलीवरी के इंतजार की झंझट से भी हमेशा के लिए मुक्ति दिलाएगा।

 

23 अप्रैल का दिन घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। जहां दुनिया भर में तेल के लिए हाहाकार मचा है, वहीं भारत में रसोई गैस की कीमतें स्थिर रहना सरकार के मजबूत आर्थिक प्रबंधन को दर्शाता है। हालांकि, कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को अभी भी अंतरराष्ट्रीय बाजार के सामान्य होने का इंतजार करना पड़ेगा।
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