नई दिल्ली (यूटिलिटी डेस्क): रसोई गैस आज हर घर की बुनियादी जरूरत है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे बदलावों का सीधा असर हमारी रसोई के बजट और नियमों पर पड़ रहा है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच हालिया संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसी संकट को देखते हुए और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, भारत सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने LPG गैस सिलेंडरों के उपयोग, बुकिंग और सरेंडर से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।READ ALSO:-PhonePe यूजर्स के लिए बुरी खबर: 1 साल से बंद पड़े वॉलेट पर हर तिमाही कटेंगे ₹100, सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा!
केंद्र सरकार का मुख्य फोकस अब देशवासियों को लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर शिफ्ट करने पर है। पीएनजी न केवल ज्यादा सुरक्षित और सस्ती है, बल्कि इसके लिए सिलेंडर ढोने की झंझट भी नहीं होती। इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए रिफंड के नए स्लैब और बुकिंग के सख्त नियम लागू किए गए हैं। आइए इन सभी नियमों को विस्तार से समझते हैं।
30 दिन का अनिवार्य नियम: LPG से PNG में शिफ्टिंग
मई 2026 में केंद्र सरकार द्वारा की गई घोषणा के अनुसार, गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और जमाखोरी रोकने के लिए एक बेहद सख्त नियम लागू किया गया है।
इस नियम के तहत, यदि कोई ग्राहक अपने घर में PNG (पाइप्ड गैस) कनेक्शन लगवाता है, तो उसे अपना पुराना LPG कनेक्शन 30 दिन के अंदर अनिवार्य रूप से सरेंडर करना होगा। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि एक घर (एक ही पते) पर दो अलग-अलग प्रकार के गैस कनेक्शन (LPG और PNG) रखने पर पूर्ण प्रतिबंध है। अगर कोई ग्राहक 30 दिन की समय सीमा के भीतर अपना सिलेंडर और कनेक्शन सरेंडर नहीं करता है, तो उसका LPG कनेक्शन स्वतः ही निलंबित (Suspend) कर दिया जाएगा। इसके अलावा, जो लोग पहले से PNG का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें नए LPG कनेक्शन के लिए आवेदन करने या मौजूदा सिलेंडरों को रिफिल कराने की अनुमति नहीं होगी।
इस फैसले के बाद तेल और गैस कंपनियां ग्राहकों को जल्द से जल्द कनेक्शन सरेंडर करने और अपना रिफंड क्लेम करने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।
कनेक्शन सरेंडर करने पर कितना मिलेगा रिफंड? (कंपनी-वार विवरण)
जब आप गैस कनेक्शन लेते हैं, तो आपको गैस एजेंसी के पास एक निश्चित सिक्योरिटी राशि (Security Deposit) जमा करानी होती है। जब आप अपना कनेक्शन और सिलेंडर सरेंडर करते हैं, तो यह राशि आपको नियमों के अनुसार वापस कर दी जाती है। इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस के लिए यह राशि सिलेंडर के वजन और प्रकार के आधार पर अलग-अलग है।
1. इंडेन गैस (Indane Gas) रिफंड नियम
देश की सबसे बड़ी गैस वितरक कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) के ब्रांड 'इंडेन' ने विभिन्न श्रेणियों के लिए रिफंड राशि इस प्रकार तय की है:
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14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर: पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में ग्राहकों को कनेक्शन लेते समय 2000 रुपये जमा करने पड़ते हैं। वहीं, भारत के बाकी राज्यों में यह सिक्योरिटी फीस 2200 रुपये है। कनेक्शन सरेंडर करने पर यह पूरी राशि वापस मिल जाती है।
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5 किलो का घरेलू (छोटा) सिलेंडर: इसके लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट 1150 रुपये है, जो वापसी योग्य है।
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कंपोजिट सिलेंडर (फाइबर ग्लास): 5 किलो वाले कंपोजिट सिलेंडर के लिए 2200 रुपये और 10 किलो वाले कंपोजिट सिलेंडर के लिए 3000 रुपये की रिफंडेबल सिक्योरिटी तय की गई है।
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कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो): व्यावसायिक उपयोग वाले सामान्य 19 किलो सिलेंडर के लिए 2400 रुपये और लॉट वाल्व (LOT Valve) वाले 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर के लिए 3900 रुपये की सिक्योरिटी जमा होती है, जो सरेंडर करने पर रिफंड हो जाती है।
2. भारत गैस (Bharat Gas) रिफंड नियम
भारत पेट्रोलियम (BPCL) द्वारा संचालित भारत गैस के उपभोक्ताओं के लिए रिफंड के नियम और राशि कुछ इस तरह हैं:
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सिंगल और डबल सिलेंडर कनेक्शन: भारत गैस का LPG कनेक्शन लेते समय ग्राहकों को 3500 रुपये से लेकर 3900 रुपये तक की सिक्योरिटी जमा करनी होती है। वहीं, अगर कनेक्शन 2 सिलेंडर वाला (Double Bottle Connection - DBC) है, तो यह फीस 5700 रुपये से 6100 रुपये तक बैठती है।
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घरेलू सिलेंडर (14.2 किलो): इंडेन की तरह ही, पूर्वोत्तर राज्यों में इसके लिए 2000 रुपये और भारत के अन्य सभी राज्यों में 2200 रुपये की सिक्योरिटी ली जाती है। जब ग्राहक कनेक्शन रद्द कराता है और उपकरण वापस करता है, तो यह राशि सीधे बैंक खाते में रिफंड कर दी जाती है।
3. एचपी गैस (HP Gas) रिफंड नियम
हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) की एचपी गैस के नियम भी काफी हद तक अन्य कंपनियों के समान हैं:
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सिंगल सिलेंडर (14.2 किलो): एक गैस सिलेंडर के लिए 2200 रुपये और गैस रेगुलेटर (Regulator) के लिए अतिरिक्त 250 रुपये की सिक्योरिटी देनी होती है।
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डबल सिलेंडर: यदि ग्राहक के पास दो सिलेंडर वाला कनेक्शन है, तो यह सिक्योरिटी फीस 4400 रुपये और रेगुलेटर के लिए 250 रुपये हो जाती है। जब आप एजेंसी पर जाकर अपना कनेक्शन सरेंडर करते हैं और रसीद (SV Document) दिखाते हैं, तो यह पूरी राशि आपको वापस कर दी जाती है।
गैस बुकिंग के नए नियम: 25 दिन और 45 दिन का फॉर्मूला
रिफंड और सरेंडर के नियमों के साथ-साथ, गैस सिलेंडरों की बुकिंग प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले ग्राहक एक सिलेंडर डिलीवर होने के मात्र 21 दिन बाद दूसरा सिलेंडर बुक कर सकते थे। लेकिन अब जमाखोरी (Hoarding) और सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए इस अवधि को बढ़ा दिया गया है।
नए नियमों के अनुसार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग समय सीमा तय की गई है:
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शहरी इलाकों के लिए (25 दिन का नियम): शहरों में रहने वाले ग्राहकों के लिए अब यह अनिवार्य है कि वे पहले सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिन पूरे होने के बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक कर पाएंगे।
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ग्रामीण इलाकों के लिए (45 दिन का नियम): ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां माना जाता है कि एक सिलेंडर ज्यादा दिनों तक चलता है (बायोमास या अन्य विकल्पों की उपलब्धता के कारण), वहां दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच कम से कम 45 दिनों का अंतर होना अनिवार्य कर दिया गया है।
ग्राहकों के लिए क्या है निष्कर्ष?
कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय संकट ने ऊर्जा नीतियों में तेजी से बदलाव किए हैं। अगर आप भी शहरों में रहते हैं और आपकी सोसाइटी या मोहल्ले में पाइपलाइन वाली गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध हो गई है, तो आपके लिए बेहतर यही है कि आप जल्द से जल्द अपना LPG कनेक्शन सरेंडर कर दें। इससे न केवल आप 30 दिन वाले कड़े नियम के उल्लंघन से बचेंगे, बल्कि आपको अपनी गैस एजेंसी से एक मुश्त सिक्योरिटी रिफंड भी वापस मिल जाएगा। अधिक जानकारी और सरेंडर की प्रक्रिया के लिए आप अपने नजदीकी गैस डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क कर सकते हैं या कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।