खबरीलाल टीम
वैश्विक ऊर्जा बाजार में इस समय जबरदस्त अनिश्चितता का माहौल है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग के पास कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इनपुट लागत बढ़ चुकी है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है, यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की इस तपिश का सीधा असर हमारे घरेलू ईंधन बाजार पर भी दिखाई देने लगा है।
 
देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज 4 जून 2026 को एलपीजी (LPG) और सीएनजी (CNG) के नए भाव जारी कर दिए हैं। इस बार के मूल्य संशोधन में आम जनता के लिए एक तरफ राहत है, तो दूसरी तरफ तगड़ा झटका भी लगा है। जहां व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों और गाड़ियों में भरी जाने वाली सीएनजी के दामों में तेज वृद्धि कर दी गई है, वहीं देश के करोड़ों परिवारों की रसोई को इस महंगाई से पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। आइए, विस्तार से समझते हैं कि आपके शहर में गैस सिलेंडरों का आज का ताजा भाव क्या है और आम जनता के बजट पर इसका क्या असर होने वाला है।
 

1. कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़े: होटल, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड होंगे महंगे

1 जून को तेल कंपनियों ने व्यावसायिक गैस उपभोक्ताओं को बड़ा झटका देते हुए 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की थी। इसका सीधा असर खान-पान के कारोबार से जुड़े लोगों, जैसे रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों और कैटरिंग उद्योग पर पड़ने वाला है।
 
दिल्ली में ₹42 की बढ़ोतरी: देश की राजधानी नई दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में ₹42 प्रति सिलेंडर का इजाफा दर्ज किया गया है। इसके बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर का खुदरा मूल्य ₹3,113.50 पर पहुंच गया है।
 
कोलकाता में सबसे ज्यादा मार: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में कमर्शियल उपभोक्ताओं को सबसे तगड़ा झटका लगा है। यहां सिलेंडर के दाम ₹53.50 तक बढ़ गए हैं, जिसके बाद नया रेट ₹3,255.50 हो गया है।
 
छोटे सिलेंडर भी महंगे: केवल बड़ा सिलेंडर ही नहीं, बल्कि 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमत में भी ₹11 की बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में अब इसकी कीमत ₹821.50 हो गई है, जो शहरों में रहने वाले अकेले प्रवासियों या छोटे दुकानदारों के लिए एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ है।
 

2. घरेलू रसोई गैस (14.2 kg) उपभोक्ताओं की मौज: मार्च से नहीं बदला रेट

एक तरफ जहां कमर्शियल गैस सिलेंडरों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं देश के आम परिवारों और गृहणियों के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की खुदरा कीमतों को पूरी तरह स्थिर रखा गया है।
घाटे में चल रही हैं तेल कंपनियां: अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कीमतें आसमान छूने के कारण सरकारी तेल विपणन कंपनियों के लिए घरेलू एलपीजी की इनपुट सप्लाई लागत पिछले कुछ महीनों में लगभग दो-तिहाई (Two-fifths) तक बढ़ चुकी है। एक अनुमान के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते जिस घरेलू एलपीजी सिलेंडर की इनपुट लागत तेल कंपनियों को करीब ₹1,200 पड़ रही है, उसे सरकार के निर्देशानुसार खुदरा बाजार में काफी कम दामों पर बेचा जा रहा है। तेल कंपनियां इस घाटे (Under-recovery) को खुद वहन कर रही हैं ताकि आम परिवारों का मासिक बजट न बिगड़े। दिल्ली में इसका रेट मार्च की शुरुआत से ही ₹913.00 पर फ्रीज है।
 

3. देश के 14 बड़े शहरों का नया रेट कार्ड: चेक करें आज का ताजा भाव

भारत के अलग-अलग राज्यों और शहरों में स्थानीय वैट (VAT) और ट्रांसपोर्टेशन शुल्क की वजह से एलपीजी सिलेंडर की अंतिम खुदरा कीमत में अंतर होता है। नीचे दी गई आधिकारिक तालिका में आप 4 जून 2026 को अपने शहर के घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दाम देख सकते हैं:
 
घरेलू (14.2 kg) और कमर्शियल (19 kg) गैस सिलेंडर दरें
शहर का नाम घरेलू एलपीजी सिलेंडर मूल्य (14.2 kg) कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर मूल्य (19 kg)
 
नई दिल्ली ₹913.00 ₹3,113.50
मुंबई ₹912.50 ₹3,067.50
नोएडा ₹910.50 ₹3,113.50
गुड़गांव ₹921.50 ₹3,130.00
चंडीगढ़ ₹922.50 ₹3,136.00
जयपुर ₹916.50 ₹3,141.00
तिरुवनंतपुरम ₹922.00 ₹3,152.00
बेंगलुरु ₹915.50 ₹3,198.00
चेन्नई ₹928.50 ₹3,283.00
कोलकाता ₹939.00 ₹3,255.50
भुवनेश्वर ₹939.00 ₹3,290.00
लखनऊ ₹950.50 ₹3,236.00
हैदराबाद ₹965.00 ₹3,367.00
पटना ₹1,002.50 ₹3,400.00
 
ध्यान दें: बिहार की राजधानी पटना में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत ₹1,002.50 के साथ देश के मैदानी इलाकों में सबसे उच्चतम स्तर पर बनी हुई है।
 

4. उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की चांदी: मात्र ₹613 में मिल रहा है सिलेंडर

​वैश्विक स्तर पर जारी ऊर्जा संकट के बावजूद केंद्र सरकार की लोक-कल्याणकारी नीतियों का सबसे बड़ा लाभ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PM Ujjwala Scheme) के लाभार्थियों को मिल रहा है।
 
  • ₹300 की नकद सब्सिडी: सरकार इस योजना के तहत आने वाले गरीब और वंचित परिवारों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी जारी कर रही है।
  • प्रभावी कीमत मात्र ₹613: दिल्ली में जहां आम उपभोक्ता ₹913 खर्च कर रहे हैं, वहीं उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस सिलेंडर की प्रभावी लागत घटकर महज ₹613 रह जाती है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर मची उथल-पुथल के बावजूद, अगर हम पड़ोसी मुल्कों जैसे पाकिस्तान, श्रीलंका या बांग्लादेश से तुलना करें, तो भारत में घरेलू एलपीजी की दरें आज भी सबसे कम और नियंत्रित हैं।

5. सीएनजी की कीमतों में लगी आग: दिल्ली-NCR में ₹83 के पार पहुंचा रेट

​एलपीजी के विपरीत, ऑटोमोबाइल सेक्टर और यातायात के लिए इस्तेमाल होने वाली कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी सीएनजी (CNG) के मोर्चे पर आम जनता को करारा झटका लगा है। वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक गैस की अनुपलब्धता और लगातार बढ़ती लागत के कारण भारत में सीएनजी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।
 
  • लगातार 4 बार बढ़े दाम: बीते 26 मई को तेल कंपनियों ने सीएनजी के दामों में ₹2 प्रति किलोग्राम की नई बढ़ोतरी की थी, जो कि 15 मई के बाद से बेहद कम अंतराल में की गई चौथी क्रमिक वृद्धि थी।
  • कुल ₹6 प्रति किलो की तेजी: इन चार चरणों की मूल्य वृद्धि के बाद देश में सीएनजी कुल ₹6 प्रति किलोग्राम तक महंगी हो चुकी है। इस ताबड़तोड़ तेजी के बाद अब दिल्ली में सीएनजी की कीमत ₹83.09 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है।
  • बढ़ेगी खुदरा महंगाई: सीएनजी के महंगे होने से दिल्ली-NCR में कैब, ऑटो-रिक्शा, स्कूल बसों और कमर्शियल माल ढुलाई करने वाले वाहनों का दैनिक परिचालन खर्च बढ़ गया है। जानकारों का कहना है कि इससे तेल कंपनियों के मार्जिन पर पड़ रहा दबाव तो कुछ हद तक कम होगा, लेकिन ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने के कारण आने वाले दिनों में इसका सीधा असर खुदरा महंगाई (Retail Inflation) पर दिखेगा, जिससे हरी सब्जियां, फल और दूध की कीमतें बढ़ सकती हैं।

6. देश की ईंधन सुरक्षा पर सरकार मुस्तैद: 30 दिनों के स्ट्रेटेजिक रिजर्व का नया नियम

​पश्चिम एशिया की तनावपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए भारत सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से सतर्क है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (Joint Secretary) सुजाता शर्मा ने एक हालिया अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान देश को आश्वस्त किया कि भारत के पास पेट्रोलियम और गैस उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और देश में एलपीजी या तेल की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
 
​भविष्य के किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट या युद्ध जैसी स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने एक दूरदर्शी कदम उठाया है। अब सभी राज्य संचालित तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे देश के भीतर कम से कम 30 दिनों की कुल खपत के बराबर एलपीजी का स्ट्रेटेजिक रिजर्व (आपातकालीन बफर स्टॉक) बनाकर रखें। इसके लिए देश भर में एलपीजी स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया जा रहा है ताकि बाहरी झटकों का असर भारतीय रसोई घरों के चूल्हे पर न पड़े।
 

संतुलित आर्थिक प्रबंधन का उदाहरण

​कुल मिलाकर, 4 जून 2026 की यह ईंधन मूल्य समीक्षा सरकार के एक संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार के भारी दबाव के बीच जहां कमर्शियल गैस और सीएनजी की कीमतों को बाजार के हवाले कर तेल कंपनियों के वित्तीय घाटे को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया है, वहीं घरेलू रसोई गैस की कीमतों को स्थिर रखकर और उज्ज्वला लाभार्थियों को ₹300 की सब्सिडी देकर आम आदमी के घर का बजट बिगड़ने से बचा लिया गया है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने शहर की आधिकारिक दरों को जांचकर ही अपनी अगली गैस बुकिंग शेड्यूल करें।

 

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