नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण कम करने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार नए साल पर बड़ा धमाका करने की तैयारी में है। मौजूदा ईवी पॉलिसी (EV Policy) की समयसीमा 31 दिसंबर को समाप्त हो रही है। ऐसे में सरकार 'दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0' (Delhi EV Policy 2.0) लाने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, नई नीति में इलेक्ट्रिक वाहनों पर 50% तक की छूट देने पर विचार किया जा रहा है।READ ALSO:-गाजियाबाद: क्रॉसिंग रिपब्लिक वालों की 'आफत' बढ़ी! दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का महत्वपूर्ण कट 6 महीने के लिए बंद, अब रोज झेलना होगा 10KM का एक्स्ट्रा चक्कर
इस मसौदे पर अंतिम चर्चा के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) की अध्यक्षता में आज यानी गुरुवार को ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।
क्या गाड़ियों की कीमतें होंगी आधी?
दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहन देने के लिए 2020 में पहली पॉलिसी लागू की थी। अब पॉलिसी 2.0 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। सूत्रों का कहना है कि सरकार इस बार सब्सिडी का दायरा बढ़ा सकती है।
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50% छूट का प्रस्ताव: ड्राफ्ट में कुछ श्रेणियों या मॉडल्स पर 50% तक की छूट (Incentives/Subsidies) देने के प्रस्ताव पर चर्चा संभव है। अगर यह लागू होता है, तो दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदना पेट्रोल-डीजल गाड़ियों के मुकाबले बेहद सस्ता हो जाएगा।
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समयसीमा: पुरानी पॉलिसी 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रही है, इसलिए नई पॉलिसी 1 जनवरी 2026 से लागू होने की पूरी संभावना है।
बैटरी रीसाइक्लिंग पर सरकार का जोर
'दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0' में सिर्फ नई गाड़ियां बेचने पर ही नहीं, बल्कि पुरानी बैटरियों के निपटान पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। चूंकि ईवी बैटरियों की औसत लाइफ 8 साल होती है, इसलिए सरकार पहली बार एक 'संगठित बैटरी रीसाइक्लिंग चेन' (Organized Battery Recycling Chain) स्थापित करने जा रही है।
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नई व्यवस्था: इसमें इस्तेमाल की गई बैटरियों को इकट्ठा करने, उनकी रीसाइक्लिंग करने और सुरक्षित निपटान के लिए एक समग्र ढांचा तैयार किया जाएगा।
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पर्यावरण सुरक्षा: शहर में बढ़ते ई-वेस्ट को रोकने के लिए यह कदम बेहद जरूरी माना जा रहा है।
जनता से मांगे जाएंगे सुझाव
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में होने वाली GoM की बैठक में मसौदे को मंजूरी मिलने के बाद इसे तुरंत लागू नहीं किया जाएगा। पारदर्शिता बरतते हुए सरकार इस ड्राफ्ट को पब्लिक डोमेन में रखेगी।
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आम जनता, ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे जाएंगे।
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सुझावों के आधार पर जरूरी बदलाव करने के बाद ही पॉलिसी का फाइनल नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।
दिल्ली को 'EV कैपिटल' बनाने का लक्ष्य
दिल्ली सरकार का लक्ष्य राजधानी को भारत की 'ईवी कैपिटल' बनाना है। पिछली पॉलिसी के तहत रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट जैसे कई फायदे दिए गए थे, जिससे दिल्ली में ईवी की बिक्री में भारी उछाल आया था। अब पॉलिसी 2.0 से उम्मीदें और बढ़ गई हैं। सरकार चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने पर भी फोकस कर रही है।
अगर सरकार 50% छूट वाले प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो यह ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक क्रांतिकारी कदम होगा। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि आम आदमी के लिए अपनी कार का सपना पूरा करना भी आसान हो जाएगा। फिलहाल सबकी नजरें आज होने वाली सीएम की बैठक पर टिकी हैं।
दिल्ली सरकार ईवी पॉलिसी 2.0 लाने जा रही है। मौजूदा पॉलिसी 31 दिसंबर को खत्म हो रही है। सीएम रेखा गुप्ता आज मसौदे पर चर्चा करेंगी। नई पॉलिसी में 50% तक छूट और बैटरी रीसाइक्लिंग के लिए ठोस नियम बनाने पर विचार किया जा रहा है।