खबरीलाल टीम
देश के नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले करोड़ों वाहन चालकों के लिए एक बड़ी खबर है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने टोल प्लाजा पर भुगतान के नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब अगर आपकी गाड़ी में FASTag नहीं है, तो भी आपको घबराने की जरूरत नहीं है, बशर्ते आप डिजिटल भुगतान करने के लिए तैयार हों। सरकार ने UPI पेमेंट को एक नए विकल्प के रूप में पेश किया है, हालांकि नकद भुगतान करने वालों पर सख्ती पहले की तरह ही जारी रहेगी।READ ALSO:-WhatsApp का 15 साल पुराना रूल खत्म! अब बिना नंबर दिए 'यूजरनेम' से होगी चैटिंग, प्राइवेसी होगी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत

 

क्या है टोल भुगतान की नई व्यवस्था?
मंत्रालय ने बिना FASTag वाले वाहनों के लिए अब दो अलग-अलग दरें निर्धारित की हैं, ताकि टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम को कम किया जा सके।

 

  • UPI या डिजिटल पेमेंट पर राहत: अगर आपकी गाड़ी में FASTag नहीं है, लेकिन आप UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या किसी अन्य डिजिटल माध्यम से टोल का भुगतान करते हैं, तो आपसे सामान्य टोल दर का 1.25 गुना शुल्क ही वसूला जाएगा।
  • कैश पेमेंट पर सख्ती जारी: वहीं, अगर आप नकद (Cash) में टोल का भुगतान करते हैं, तो आपसे पहले की तरह ही दोगुना (2x) शुल्क वसूला जाएगा।

 

क्यों किया गया यह बड़ा बदलाव?
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा को जाम-मुक्त बनाना और 100% डिजिटल लेनदेन के लक्ष्य को पाना है।

 

  • जाम से मुक्ति: नकद लेनदेन में समय अधिक लगता है, जिससे टोल प्लाजा पर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं। UPI से भुगतान तेज होगा, जिससे ट्रैफिक सुचारू रूप से चल सकेगा।
  • डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा: यह कदम उन लोगों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रोत्साहित करेगा जो अब तक FASTag नहीं लगवा पाए हैं।

 

FASTag ही है सबसे बेहतर विकल्प
भले ही सरकार ने UPI का विकल्प देकर कुछ राहत दी है, लेकिन मंत्रालय ने यह साफ किया है कि टोल भुगतान के लिए FASTag अभी भी सबसे सस्ता और सबसे तेज तरीका है। देश में 97% से अधिक टोल कलेक्शन पहले से ही FASTag के जरिए हो रहा है और 7 करोड़ से ज्यादा FASTag जारी किए जा चुके हैं।

 

इसलिए, मंत्रालय ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे असुविधा और अतिरिक्त शुल्क से बचने के लिए अपने FASTag को हमेशा सक्रिय रखें, उसे सही बैंक खाते से लिंक करें और उसमें पर्याप्त बैलेंस बनाए रखें।
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