Indian Railway New Rules: भारतीय रेलवे को देश की लाइफलाइन कहा जाता है। हर दिन करोड़ों लोग ट्रेन के जरिए अपनी मंजिलों तक पहुंचते हैं। ट्रेन का सफर न केवल किफायती होता है, बल्कि यह आरामदायक और मजेदार भी होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सफर के दौरान आपकी एक छोटी सी लापरवाही या अनजाने में की गई गलती आपके पूरे सफर का मजा किरकिरा कर सकती है? इतना ही नहीं, कुछ गलतियां तो ऐसी हैं जो आपको सीधे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकती हैं।
भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा, सहूलियत और सुखद सफर को लेकर बेहद सख्त रुख अपना रहा है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) को कुछ गंभीर मामलों में कानूनन सीधे एक्शन लेने, यात्रियों को हिरासत में लेने और जेल भेजने तक के कड़े अधिकार दिए गए हैं। अगर आप भी अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं, तो आपको रेलवे के इन 4 सबसे महत्वपूर्ण और कड़े नियमों के बारे में जरूर जान लेना चाहिए ताकि आपका सफर पूरी तरह बेफिक्र, सुरक्षित और कानून सम्मत रहे।
एक नजर में जानें: गलतियां, कानूनी धाराएं और सजा का प्रावधान
- रेलवे परिसर या ट्रेन के भीतर की जाने वाली प्रमुख गलतियों और उनके कानूनी परिणामों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है:
- क्र.सं. यात्री द्वारा की गई गलती रेलवे एक्ट की धारा मिलने वाली सजा / जुर्माना
- 1 ज्वलनशील चीजें (पटाखे, गैस, पेट्रोल आदि) ले जाना धारा 164 3 साल तक की जेल, ₹1,000 जुर्माना या दोनों
- 2 ट्रेन या स्टेशन पर धूम्रपान/शराब पीना और हुड़दंग धारा 167 तत्काल आर्थिक जुर्माना और RPF द्वारा जेल
- 3 बिना वैध टिकट यात्रा करना (जुर्माना न देने पर) धारा 137 और 138 पूरा किराया + भारी जुर्माना, इनकार पर कोर्ट और जेल
- 4 रात 10 बजे के बाद तेज आवाज में बात या मोबाइल बजाना नाइट गाइडलाइन्स चेतावनी, कानूनी कार्रवाई और अगले स्टेशन पर उतारना
1. ट्रेन में ज्वलनशील (Flammable) चीजें ले जाना: सबसे गंभीर और अक्षम्य अपराध
ट्रेन के डिब्बे में सफर के दौरान किसी भी प्रकार की ज्वलनशील या विस्फोटक सामग्री ले जाना भारतीय रेलवे के नियमों के तहत सबसे बड़ा और गंभीर अपराध माना जाता है।
क्या प्रतिबंधित है?ट्रेन के भीतर या रेलवे परिसर में पटाखे, गैस सिलेंडर, गनपाउडर, केरोसिन (मिट्टी का तेल), पेट्रोल, एसिड या किसी भी तरह का केमिकल ले जाना पूरी तरह से गैरकानूनी है।
कानूनी प्रावधान और सजा:
रेलवे एक्ट की धारा 164 के तहत यह एक दंडनीय अपराध है। अगर कोई भी यात्री अपनी इस हरकत से खुद की और अपने सह-यात्रियों की जान को जोखिम में डालता हुआ पकड़ा जाता है, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। इस नियम के उल्लंघन पर दोषी व्यक्ति को 3 साल तक की जेल की सजा, 1,000 रुपये का जुर्माना, या फिर ये दोनों सजाएं एक साथ दी जा सकती हैं। रेलवे प्रशासन का यह कड़ा नियम ट्रेनों में आगजनी जैसी भयानक दुर्घटनाओं को रोकने और यात्रियों को सुरक्षित सफर देने के उद्देश्य से बनाया गया है।
2. ट्रेन या स्टेशन पर धूम्रपान और शराब का सेवन: 'नो टॉलरेंस पॉलिसी'
भारतीय रेलवे सार्वजनिक स्थानों और सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह से नशामुक्त और स्वच्छ रखने के प्रति कटिबद्ध है। यही कारण है कि ट्रेन के भीतर या रेलवे स्टेशनों पर नशा करने वालों के खिलाफ रेलवे बेहद सख्त है।
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धूम्रपान (Smoking) पर पाबंदी: ट्रेन के डिब्बे के अंदर, कोच के टॉयलेट में, गैलरी में या फिर रेलवे स्टेशन के किसी भी प्लेटफॉर्म पर बीड़ी, सिगरेट, गांजा या ई-सिगरेट पीना कानूनन जुर्म है। रेलवे एक्ट की धारा 167 के तहत अगर कोई व्यक्ति धूम्रपान करते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर तुरंत ऑन-द-स्पॉट जुर्माना लगाया जाता है।
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शराब पीना और हुड़दंग मचाना: ट्रेन में शराब ले जाना या उसका सेवन करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक रूप से रेलवे परिसर या ट्रेन में शराब पीता है या शराब के नशे में सह-यात्रियों को परेशान करता है या हुड़दंग मचाता है, तो रेलवे सुरक्षा बल (RPF) उसे तुरंत हिरासत में ले सकती है। ऐसे मामलों में जमानत मिलना भी मुश्किल होता है और आरोपी को सीधे जेल भेज दिया जाता है।
3. बिना टिकट यात्रा करना (Ticketless Travel): केवल जुर्माना ही नहीं, लॉकअप की भी हवा
कई बार लोग जल्दबाजी में या जानबूझकर बिना वैध टिकट के ही ट्रेन में सवार हो जाते हैं। रेलवे ऐसे यात्रियों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करता और इसे एक गंभीर संज्ञेय अपराध (Cognizable Offense) की श्रेणी में रखता है।
क्या कहता है रेलवे का कानून?
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धारा 138 के तहत कार्रवाई: यदि कोई यात्री बिना टिकट या बिना उचित पास के सफर करते हुए पकड़ा जाता है, तो टीटीई (TTE) उससे यात्रा की गई दूरी का पूरा किराया और साथ ही रेलवे द्वारा निर्धारित भारी जुर्माना वसूलता है।
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धारा 137 के तहत जेल: असली मुसीबत तब शुरू होती है जब पकड़े गए यात्री के पास जुर्माना देने के पैसे नहीं होते या वह जुर्माना देने से साफ इनकार कर देता है। ऐसी स्थिति में रेलवे एक्ट की धारा 137 लागू होती है। इसके तहत आरपीएफ यात्री को तुरंत गिरफ्तार कर रेलवे मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश करती है, जहां जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषी को जेल की सजा काटनी पड़ सकती है।
4. रात में जोर से बातें करना या बिना ईयरफोन मोबाइल बजाना: नई नाइट गाइडलाइन्स
रेलवे ने यात्रियों की आरामदायक नींद और सुकून भरे सफर को सुनिश्चित करने के लिए 'नाइट गाइडलाइन्स' (Night Guidelines) को बेहद कड़ा कर दिया है। रात के समय सह-यात्रियों की शांति भंग करना अब आपको भारी पड़ सकता है।
रात 10 बजे के बाद लागू होने वाले नियम:
भारतीय रेलवे के नए नियमों के मुताबिक, रात 10:00 बजे से लेकर सुबह 06:00 बजे तक की अवधि को 'साइलेंट आवर्स' माना जाता है। इस दौरान यात्रियों के लिए निम्नलिखित निर्देश अनिवार्य हैं:
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आप अपने कूप या कोच में बैठकर जोर-जोर से बातें नहीं कर सकते।
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मोबाइल फोन या टैबलेट पर बिना ईयरफोन (Earphones) के तेज आवाज में गाने सुनना, रील्स देखना या फिल्में चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
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रात 10 बजे के बाद लाइट बंद करनी होती है ताकि अन्य सह-यात्रियों की नींद में कोई बाधा न आए (केवल नाइट लैंप चालू रखा जा सकता है)।
कार्रवाई का प्रावधान:
अगर कोई यात्री इन नियमों का उल्लंघन करता है और उसके व्यवहार से किसी अन्य यात्री की नींद या आराम में खलल पड़ता है, तो पीड़ित इसकी शिकायत ऑन-ड्यूटी टीटीई, कोच अटेंडेंट या आरपीएफ स्टाफ से कर सकता है। ऑन-ड्यूटी स्टाफ द्वारा समझाने के बाद भी यदि कोई यात्री अपनी मनमानी जारी रखता है, तो उसके खिलाफ शांति भंग करने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की जा सकती है और उसे अगले ही स्टेशन पर ट्रेन से नीचे उतारा जा सकता है।
जिम्मेदार नागरिक बनें, सुरक्षित सफर करें
भारतीय रेलवे द्वारा बनाए गए ये तमाम नियम किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि देश के करोड़ों यात्रियों के सफर को सुरक्षित, सुगम और शांतिपूर्ण बनाने के लिए तैयार किए गए हैं। ट्रेन में सफर करते समय हमेशा वैध टिकट साथ रखें, ज्वलनशील पदार्थों से दूरी बनाएं, नशा न करें और साथी यात्रियों की निजता व आराम का पूरा सम्मान करें। आपकी थोड़ी सी समझदारी और जिम्मेदारी आपको किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई और जेल जाने के जोखिम से बचा सकती है। अगली बार जब भी आप रेल यात्रा की योजना बनाएं, इन नियमों को अपने जेहन में जरूर रखें।