त्योहारी सीजन और भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में आज Gold 24k, 22k, 18k, 9k rate में बड़ा उछाल देखने को मिला है। सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग में ज़बरदस्त तेज़ी आई है। 18 अक्टूबर 2025 को 24 कैरेट सोने (999 शुद्धता) का 10 ग्राम का भाव ₹1,32,770 (मुंबई) के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया है। वहीं, 22 कैरेट (916 शुद्धता) सोने की दर ₹1,21,700 प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गई है। चांदी के भाव में भी मजबूती बनी हुई है, लेकिन सोना अधिक तेज़ी से बढ़ा है। यह उछाल निवेशकों को एक बार फिर आकर्षित कर रहा है।
सोने का भाव (Gold Rate) - 24K, 22K, 18K, 9K
अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मांग के चलते शुद्ध सोने की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बनाया है। यहां प्रमुख शहरों में 10 ग्राम सोने के नवीनतम दरें दी गई हैं:
| शुद्धता | आज का भाव (प्रति 10 ग्राम | कल का भाव से बदलाव | दिल्ली का भाव | मुंबई का भाव |
| 24k | ₹1,32,920 (दिल्ली) | ₹3,330 की तेज़ी | ₹1,32,920 | ₹1,32,770 |
| 22k | ₹1,21,850 (दिल्ली) | ₹3,050 की तेज़ी | ₹1,21,850 | ₹1,21,700 |
| 18k | ₹97,220 (दिल्ली) | ₹10 की मामूली गिरावट | ₹97,220 | ₹99,580 |
|
9k |
लगभग ₹48,610 | -- | -- | -- |
नोट: 18 कैरेट सोने के दाम में मामूली गिरावट आई है, जबकि 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतों में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। 9K सोने की शुद्धता 37.5% होती है और इसका उपयोग मुख्य रूप से हल्के वजन की ज्वेलरी बनाने में होता है। 9K की दरें 18K की दर के अनुपात में अनुमानित हैं।
चांदी का भाव (Silver Rate) - प्रति किलोग्राम
चांदी की कीमतों में आज मिश्रित रुझान देखने को मिला है। जहां कुछ शहरों में तेज़ी आई, वहीं कल की रिकॉर्ड तेज़ी के बाद दिल्ली जैसे बड़े शहरों में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
आज चांदी का भाव (1 किलो): लगभग ₹1,85,000 (दिल्ली, मुंबई)
कल के भाव से बदलाव (1 किलो): ₹4,000 तक की गिरावट (दिल्ली में)
भारत में औसत भाव (1 किलो): ₹1,84,900
पिछले दिन/सप्ताह से तुलना और मार्केट ट्रेंड
बाजार में पिछले कुछ हफ्तों से Gold 24k, 22k, 18k, 9k rate में लगातार तेज़ी बनी हुई है। पिछले 10 दिनों में, 24 कैरेट सोने की कीमत 11.89% से अधिक बढ़ी है। चांदी भी अक्टूबर की शुरुआत से अब तक 22% से अधिक उछल चुकी है।
सोने की प्रवृत्ति: अत्यधिक तेज़ी (Bullish)। सोने ने लगभग हर दिन नई ऊँचाईयाँ छूई हैं।
चांदी की प्रवृत्ति: तेज़ी (Bullish) के साथ मुनाफावसूली के कारण थोड़ी अस्थिरता।
बाजार के कारण (Market Reasons)
सोने-चांदी की कीमतों में इस भारी उछाल के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
भू-राजनीतिक तनाव: मध्य-पूर्व (Middle East) में चल रहे तनाव और वैश्विक व्यापार युद्ध (Global Trade War) की आशंकाओं ने निवेशकों को सोने की ओर मोड़ दिया है। अनिश्चितता के समय सोना हमेशा एक 'सुरक्षित निवेश' (Safe-Haven Asset) माना जाता है।
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (USD/INR): अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सोना डॉलर में ट्रेड करता है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य में उतार-चढ़ाव भी घरेलू कीमतों को प्रभावित करता है।
त्योहारी मांग: धनतेरस और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों की दस्तक के साथ ही भारत में खुदरा और आभूषण विक्रेताओं की लिवाली (Buying) में भारी वृद्धि हुई है, जिससे Gold 24k और 22k की मांग बढ़ी है।
मुद्रास्फीति (Inflation): बढ़ती महंगाई दर के बीच लोग अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं।
विशेषज्ञ राय और अपेक्षित भविष्य का रुझान
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने में यह तेज़ी निकट भविष्य में बनी रहेगी।
एक कमोडिटी मार्केट एनालिस्ट के अनुसार, "चीन और अन्य देशों के केंद्रीय बैंकों की निरंतर खरीदारी, त्योहारों की मांग और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण सोने की कीमतें अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर टिकी रहेंगी। 24 कैरेट सोने के लिए हमारा अगला लक्ष्य जल्द ही $4,200 प्रति औंस (अंतर्राष्ट्रीय बाजार) को छूना है। लंबी अवधि के निवेशक हर गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देख सकते हैं।"
हालांकि, चांदी की कीमतों में तेज़ी के बाद मुनाफावसूली की संभावना बनी हुई है, खासकर औद्योगिक मांग (Industrial Demand - EV और इलेक्ट्रॉनिक्स) पर नज़र रखने की ज़रूरत है। सोने और चांदी के मूल्य अनुपात (Gold-Silver Ratio) में बदलाव आने की भी उम्मीद है।