खबरीलाल टीम
नई दिल्ली/यूटिलिटी डेस्क: केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने वालों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। यदि आप भी एलपीजी गैस सब्सिडी (LPG Subsidy), पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi), वृद्धावस्था पेंशन, या छात्रवृत्ति (Scholarship) जैसी किसी भी सरकारी योजना के लाभार्थी हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है।READ ALSO:-महंगे बिजली बिल को कहें 'गुडबाय'! घर की छत पर लगाएं ये आधुनिक मशीन और पाएं 24 घंटे बिल्कुल FREE बिजली; जानिए इस नई तकनीक का पूरा कमाल

 

सरकार ने सभी प्रकार के सरकारी भुगतानों को पारदर्शी और बिचौलियों से मुक्त बनाने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि सरकार अब योजना का पैसा आपके बैंक अकाउंट नंबर पर नहीं, बल्कि सीधे आपके 'आधार नंबर' (Aadhaar Number) पर भेजती है। यदि आपका आधार कार्ड आपके बैंक खाते के साथ NPCI (National Payments Corporation of India) के सर्वर पर मैप या लिंक नहीं है, तो आपकी सब्सिडी या योजना का पैसा बीच में ही अटक सकता है।

 

लेकिन राहत की बात यह है कि 'आधार सीडिंग' (Aadhaar Seeding) या डीबीटी (DBT) चालू कराने के लिए अब आपको बैंक शाखाओं की लंबी लाइनों में लगने की कोई आवश्यकता नहीं है। अब आप NPCI पोर्टल के माध्यम से घर बैठे ही अपने मोबाइल या लैपटॉप से यह काम पूरा कर सकते हैं। आइए, इस पूरी प्रक्रिया को विस्तार से और आसान भाषा में समझते हैं।

 

क्या होता है 'Aadhaar Seeding' या 'DBT Linking'? (सामान्य KYC से कैसे है अलग?)

अक्सर लोग इस बात को लेकर कन्फ्यूज रहते हैं कि उन्होंने तो बैंक में खाता खुलवाते समय ही अपना आधार कार्ड दे दिया था, फिर यह 'आधार सीडिंग' क्या है?

 

  • KYC के लिए आधार: जब आप बैंक को आधार देते हैं, तो वह केवल आपकी पहचान (Identity) प्रमाणित करने के लिए होता है। इसे KYC कहते हैं।
  • DBT के लिए आधार सीडिंग: जब आप बैंक को एक विशेष सहमति (Consent) देते हैं कि सरकार द्वारा भेजे जाने वाले सभी सब्सिडी और लाभ (DBT) सीधे इसी खाते में प्राप्त किए जाएं, तो बैंक आपके खाते को NPCI के सर्वर पर आपके आधार के साथ 'मैप' कर देता है। इसे ही 'आधार सीडिंग' कहा जाता है। एक व्यक्ति का केवल एक ही बैंक खाता NPCI के साथ मैप हो सकता है।

 

स्टेप 1: सबसे पहले चेक करें अपना वर्तमान स्टेटस (क्या पहले से लिंक है आपका खाता?)

आधार लिंक करने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले यह जांचना बहुत जरूरी है कि कहीं आपका कोई पुराना बैंक खाता (जैसे पोस्ट ऑफिस या कोई अन्य बैंक) पहले से ही NPCI से लिंक तो नहीं है। स्टेटस चेक करने का तरीका:

 

  1. वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में NPCI की आधिकारिक वेबसाइट (www.npci.org.in) खोलें।
  2. कंज्यूमर सेक्शन (Consumer Section): होमपेज पर ऊपर की तरफ दिए गए मेन्यू में 'Consumer' विकल्प पर क्लिक करें।
  3. BASE विकल्प चुनें: इसके बाद ड्रॉप-डाउन मेन्यू से 'Bharat Aadhaar Seeding Enabler (BASE)' पर क्लिक करें।
  4. स्टेटस चेक करें: यहाँ आपको 'Aadhaar Mapping Status' का विकल्प दिखेगा।
  5. अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें, कैप्चा कोड भरें और 'Get OTP' पर क्लिक करें। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP को डालकर सबमिट करें।
  6. परिणाम: स्क्रीन पर आपको दिख जाएगा कि आपका कौन सा बैंक खाता आधार से जुड़ा है और आपका DBT 'Active' (चालू) है या 'Inactive' (बंद)।

 

स्टेप 2: नया बैंक खाता जोड़ने या बैंक बदलने की ऑनलाइन प्रक्रिया

अगर आपने स्टेटस चेक किया और पाया कि आपका कोई भी खाता लिंक नहीं है, या फिर आप अपना सब्सिडी वाला खाता किसी दूसरे बैंक में शिफ्ट करना चाहते हैं (उदाहरण के लिए: SBI से HDFC में), तो नीचे दिए गए स्टेप्स को सावधानीपूर्वक फॉलो करें:

 

  1. उसी NPCI के 'BASE' (Bharat Aadhaar Seeding Enabler) पोर्टल पर वापस जाएं।
  2. यहाँ 'Aadhaar Seeding/De-seeding' के विकल्प पर क्लिक करें।
  3. अपना आधार नंबर (Aadhaar Number) सावधानी से दर्ज करें।
  4. अब ड्रॉप-डाउन मेन्यू से 'Seeding' (लिंक करना) का विकल्प चुनें।
  5. इसके बाद उस बैंक का नाम सेलेक्ट करें, जिसे आप वर्तमान में लिंक करना चाहते हैं और जिसमें आप सरकारी पैसा मंगाना चाहते हैं।

 

स्टेप 3: 'Movement' (मूवमेंट) विकल्प का करें सही चुनाव

यह इस पूरी प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • अगर आप पहली बार कोई खाता लिंक कर रहे हैं, तो सीधे अकाउंट नंबर डालकर आगे बढ़ें।
  • लेकिन, अगर आप एक बैंक से अपना आधार हटाकर दूसरे बैंक में शिफ्ट कर रहे हैं, तो आपको 'Movement from one bank to another bank' (एक बैंक से दूसरे बैंक में मूवमेंट) का विकल्प चुनना होगा।
  • अब अपना नया बैंक अकाउंट नंबर (Bank Account Number) दर्ज करें और पुष्टि करने के लिए उसे दोबारा दर्ज करें।
  • स्क्रीन पर दिख रहे कैप्चा (Captcha) कोड को सही-सही भरकर 'Submit' बटन पर क्लिक कर दें।

 

स्टेप 4: OTP (वन-टाइम पासवर्ड) से करें वेरिफिकेशन 

आपके बैंक खाते और आधार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतिम चरण वेरिफिकेशन का होता है:
  1. सबमिट करते ही आपकी सहमति (Consent) के लिए आपके आधार से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक 6 अंकों का OTP भेजा जाएगा।
  2. इस OTP को निर्धारित बॉक्स में दर्ज करें।
  3. सिस्टम सुरक्षा के लिहाज से एक बार फिर आपसे स्क्रीन पर पूछेगा कि "क्या आप वास्तव में पुराने बैंक से नए बैंक में अपना आधार शिफ्ट करना चाहते हैं?"
  4. यहाँ आपको 'Confirm' (पुष्टि करें) के बटन पर क्लिक करना है।
  5. क्लिक करते ही स्क्रीन पर एक 'Success' का मैसेज आ जाएगा, जिसका मतलब है कि आपकी रिक्वेस्ट सफलता पूर्वक दर्ज कर ली गई है।

 

कैसे जानें कि आपका काम सफल हुआ? (चेक करें लाइव स्टेटस)

रिक्वेस्ट भेजने के बाद, बैंक और NPCI को इस प्रक्रिया को पूरी तरह से अपडेट करने में आमतौर पर 24 से 48 घंटे का समय लग सकता है। इसके बाद आप अपना फाइनल स्टेटस चेक कर सकते हैं:

 

  • तरीका 1: आप वापस NPCI पोर्टल पर 'Aadhaar Mapping Status' में जाकर चेक कर सकते हैं कि वहां नए बैंक का नाम दिखा रहा है या नहीं।
  • तरीका 2: आप सीधे UIDAI (माय आधार - myAadhaar) के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। वहां 'Login' करके 'Bank Aadhaar Seeding Status' के विकल्प पर क्लिक करें।
  • अगर वहां आपके नए बैंक का नाम, बैंक सीडिंग स्टेटस में 'Active' (सक्रिय) और अपडेट होने की तारीख लिखी आती है, तो समझ लीजिए आपका काम 100% पूरा हो गया है! अब आपकी रुकी हुई सभी सरकारी किस्तें और सब्सिडी सीधे इसी खाते में आने लगेंगी।

 

महत्वपूर्ण नोट: यह ऑनलाइन प्रक्रिया केवल उन बैंकों के लिए काम करती है जो NPCI के BASE पोर्टल पर लाइव हैं। यदि आपका बैंक इस ऑनलाइन सुविधा को सपोर्ट नहीं करता है, तो आपको अपनी बैंक शाखा में जाकर 'आधार सीडिंग' या 'DBT चालू करने' का एक ऑफलाइन फॉर्म (Consent Form) भरकर देना होगा। बैंक अधिकारी 24 घंटे के भीतर इसे अपडेट कर देंगे।

 

डिजिटल इंडिया के इस दौर में सरकारी सुविधाओं का लाभ लेना अब बेहद आसान हो गया है। थोड़ी सी जागरूकता और कुछ मिनटों की ऑनलाइन प्रक्रिया आपको भविष्य की बड़ी परेशानियों और बैंक के धक्के खाने से बचा सकती है। अगर आपने अभी तक यह काम नहीं किया है, तो बिना देरी किए आज ही अपना आधार-बैंक अकाउंट लिंक करें।
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