नई दिल्ली/लखनऊ/चंडीगढ़। पूरा उत्तर भारत इस समय कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं की चपेट में है। जनवरी का महीना अपने मध्य पड़ाव को पार कर चुका है, लेकिन सर्दी के तेवर नरम होने के बजाय और तीखे होते जा रहे हैं। शनिवार (17 जनवरी) को भी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और बिहार के करोड़ों लोग कोहरे और गलन वाली सर्दी से जूझते नजर आए।READ ALSO:-गाजियाबाद-जेवर RRTS: रूट में कोई बदलाव नहीं, 72 किमी लंबे कॉरिडोर पर ही दौड़ेगी रैपिड रेल, गुरुग्राम लिंक पर आया नया अपडेट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्पष्ट कर दिया है कि राहत की उम्मीद अभी बेमानी है। मौसम विभाग ने रविवार, 18 जनवरी 2026 के लिए दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में भीषण शीतलहर (Severe Cold Wave) और घने कोहरे (Dense Fog) का अलर्ट जारी किया है। हालात यह हैं कि सुबह के वक्त विजिबिलिटी (दृश्यता) कई जगहों पर 50 मीटर से भी कम रह गई है, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है।
दिल्ली-NCR: धुंध की चादर और 5 डिग्री का टॉर्चर
देश की राजधानी दिल्ली में सर्दी का सितम जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार (18 जनवरी) को भी दिल्लीवासियों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा।
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तापमान: दिल्ली में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने का अनुमान है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों की तुलना में तापमान में मामूली सुधार (दशमलव में) देखा गया है, लेकिन बर्फीली हवाओं ने इस राहत को नाकाफी साबित कर दिया है।
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कोहरा: दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में सुबह और रात के समय 'बहुत घना कोहरा' (Very Dense Fog) छाने की आशंका है। इससे सुबह काम पर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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प्रदूषण: कोहरे के साथ-साथ प्रदूषण के कण मिलकर 'स्मॉग' (Smog) का निर्माण कर रहे हैं, जिससे सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है।
उत्तर प्रदेश: गलन वाली सर्दी और बारिश के संकेत
उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज दोरंगा बना हुआ है। रात और सुबह के वक्त हाड़ कंपाने वाली ठंड है, तो दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिल रही है।
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गलन का प्रकोप: राज्य के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में बर्फीली हवाओं ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है। सुबह के समय 'गलन' इतनी ज्यादा है कि अलाव ही एकमात्र सहारा नजर आ रहा है।
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पश्चिमी विक्षोभ का असर: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे ठंड से थोड़ी राहत मिलेगी।
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बारिश की भविष्यवाणी: मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 22 जनवरी के आसपास पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। यह बारिश ठंड को और बढ़ा सकती है।
बिहार: धूप खिली पर कोहरा बरकरार
बिहार में भी कमोबेश यूपी जैसे ही हालात हैं। राज्य के अधिकतर हिस्सों में दिन में तेज धूप निकल रही है, जिससे अधिकतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। लेकिन तराई वाले इलाकों (नेपाल सीमा से सटे जिले) में कोहरा अब भी बरकरार है। मौसम विभाग ने बिहार में अगले सात दिनों तक मौसम शुष्क रहने की बात कही है, लेकिन सुबह और शाम की कनकनी बरकरार रहेगी।
पंजाब और हरियाणा: उत्तर भारत का 'कोल्ड स्टोर'
इस समय मैदानी इलाकों में पंजाब और हरियाणा ठंड का केंद्र बने हुए हैं।
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हरियाणा का हाल: हरियाणा का नारनौल इलाका सबसे ठंडा दर्ज किया गया है, जहां पारा गिरकर 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। हिसार और अंबाला में भी तापमान सामान्य से काफी नीचे है।
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पंजाब की स्थिति: पंजाब के अमृतसर में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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कोल्ड डे (Cold Day): मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक इन दोनों राज्यों के कई हिस्सों में 'शीत दिवस' (Cold Day) की स्थिति बनी रहेगी। इसका मतलब है कि दिन का अधिकतम तापमान भी सामान्य से काफी नीचे रहेगा।
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बारिश का अलर्ट: पंजाब में 18 और 19 जनवरी को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है, जो किसानों के लिए चिंता का विषय हो सकती है।
पहाड़ों का हाल: बर्फबारी से बढ़ी मैदानी ठंड
मैदानी इलाकों में पड़ रही इस भीषण ठंड का सीधा कनेक्शन पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से है।
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बर्फबारी: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी (Snowfall) का दौर जारी है।
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माइनस में पारा: पर्यटन स्थल मनाली और कश्मीर की घाटियों में न्यूनतम तापमान शून्य से 7 डिग्री नीचे (-7°C) तक लुढ़क सकता है।
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मैदानों पर असर: पहाड़ों से होकर आने वाली उत्तर-पश्चिमी हवाएं (Northerly Winds) ही मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ा रही हैं।
यातायात पर कोहरे की मार: ट्रेनें लेट, उड़ानें प्रभावित
घने कोहरे का सबसे बुरा असर यातायात सेवाओं पर पड़ा है।
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रेल सेवा: उत्तर भारत से गुजरने वाली दर्जनों ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 2 से 8 घंटे की देरी से चल रही हैं। नई दिल्ली, कानपुर और लखनऊ स्टेशनों पर यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
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हवाई सेवा: कम विजिबिलिटी के कारण दिल्ली एयरपोर्ट समेत अन्य हवाई अड्डों पर उड़ानों में देरी हो रही है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक करें।
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सड़क यातायात: यमुना एक्सप्रेसवे और अन्य हाईवे पर विजिबिलिटी बेहद कम है। पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर वाहन चालकों को फॉग लाइट्स (Fog Lights) का इस्तेमाल करने और धीमी गति से गाड़ी चलाने की सलाह दी है।
महानगरों का मौसम: मुंबई-बेंगलुरु में राहत
जहां उत्तर भारत कांप रहा है, वहीं देश के अन्य हिस्सों में मौसम सुहावना है।
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मुंबई और बेंगलुरु: यहां न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास है, जो काफी सुखद है।
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कोलकाता और रांची: पूर्वी भारत के इन शहरों में सुबह के समय हल्की ठंड महसूस की जा रही है, लेकिन दिन का मौसम साफ है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान: क्या 21 जनवरी से बढ़ेगी ठंड?
IMD के दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद 21 जनवरी से उत्तर भारत में एक बार फिर सर्दी की जोरदार वापसी हो सकती है। हवा की दिशा बदलते ही तापमान में फिर से गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले पांच दिनों तक उत्तर-पश्चिमी भारत में कोहरे का असर बना रहेगा।
हेल्थ एडवाइजरी: सावधानी ही बचाव है
भीषण ठंड को देखते हुए डॉक्टरों और प्रशासन ने विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं:
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हृदय रोगी (Heart Patients): ठंड में खून की नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। बीपी के मरीज अपनी दवाएं समय पर लें और सुबह बहुत जल्दी वॉक पर जाने से बचें।
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बच्चे और बुजुर्ग: इन्हें ठंड से सबसे ज्यादा खतरा है। सिर और कान को अच्छे से ढककर रखें।
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खान-पान: शरीर को गर्म रखने के लिए गुड़, तिल, सूप और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें।
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वाहन चलाना: कोहरे में लो-बीम पर हेडलाइट रखें और इंडिकेटर का प्रयोग करें।
उत्तर भारत में सर्दी का यह 'स्पेल' अभी लंबा चलने वाला है। 18 जनवरी का दिन भी ठंड और कोहरे के नाम रहेगा। ऐसे में, रजाई और अलाव ही आपके सबसे अच्छे साथी हैं। मौसम की मार से बचने के लिए सतर्क रहें और मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर बनाए रखें।